

आष्टा। दिल्ली में जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन के लिए जा रहे कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी एवं इंडिया ब्लॉक के अन्य सांसदों पर पुलिस द्वारा किए गए लाठीचार्ज एवं गिरफ्तारी के विरोध में आज आष्टा में कांग्रेसजनों ने स्थानीय सुभाष चौक स्थित सुभाषचंद्र बोस की प्रतिमा के समक्ष मौन धरना देकर विरोध दर्ज कराया। इस दौरान कांग्रेसजनों ने विरोधस्वरूप हाथों पर काली पट्टी बाँधी।

इस अवसर पर ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष धर्मेन्द्रसिंह मेमदाखेड़ी ने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर कांग्रेस द्वारा शांतिपूर्ण तरीके से जंतर-मंतर की ओर जाने के दौरान दिल्ली पुलिस द्वारा जिस तरह से लाठीचार्ज किया गया और कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं को गिरफ्तार किया गया, वह लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के इशारे पर की गई यह कार्रवाई लोकतंत्र की भावना के विपरीत है।

उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की तानाशाही इतनी बढ़ गई है कि वह शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक विरोध को भी सहन नहीं कर पा रही है। कांग्रेस लोकतांत्रिक अधिकारों और संवैधानिक संस्थाओं की स्वतंत्रता की रक्षा के लिए लगातार आवाज उठाती रहेगी।मौन धरने में पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष कैलाश परमार, सोभालसिंह मुगली, कमलसिंह चौहान, सुनील सेठी, ज़ाहिद गुड्डू, जगदीश चौहान, घनश्याम जांगड़ा, नरेंद्र कुशवाह, सुभाष नामदेव, तौसीफउद्दीन, फैज़ुद्दीन, रामचरण दवारिया, नवाब मियाँ, मनीष डोंगरे,

प्रदीप भाटी, आशिक़ मंसूरी, देवराज परमार, अर्जुन अजय, अमित पटेल, अखिलेश राजपूत, पल्लव प्रगति, संदीप ठाकुर, अंशु ठाकुर, टोनी जैन, राहुल पटारिया, नफीस शाह, अमजद पटेल, नितेश ठाकुर, दीपक गोस्वामी, जोगेन ठाकुर, हरि मेवाड़ा, अरसद अंसारी, महेश पटेल, कृपाल तोमर, सुरेन्द्र लसूड़लिया, राहुल लसूड़लिया, मुन्ना मसूद, महेश वर्मा, शंकर सक्सेना, रमेश विश्वकर्मा, सुरेश मालवीय, देवराज मालवीय, शंकर बोड़ाना, विनोद मालवीय आदि कांग्रेसजन मौजूद रहे।


