

आष्टा – नगर की शानदार सांस्कृतिक परम्पराओं के निर्वहन में आपसी मेलजोल और भाईचारगी को बढ़ाने वाले लोकोत्सव भुजरिया का चल समारोह जोर शोर से निकाला गया। खारी कुंडी चौराहा पर मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के सदस्य तथा पूर्व नपाध्यक्ष कैलाश परमार एवम मित्र मंडल ने चल समारोह का शानदार स्वागत किया। रक्षाबंधन के दूसरे दिन नगर में मुख्यरूप से कुशवाह समाज और प्रजापति समाज द्वारा भुजरिया पर्व उत्साह पूर्वक मनाया जाता हैं।

भुजरिया के रूप में एक दूसरे को हरित तृण दे कर सभी लोग आपस में क्षमा याचना कर प्रेम और बंधुत्व का संदेश देते हैं। भुजरिया के चल समारोह में नगर के सभी समाज के लोग तथा बड़ी संख्या में स्त्री पुरुष और बच्चे शामिल हुए। कुशवाह समाज की बहुलता के चलते अलग अलग स्थानों से कुशवाह समाज की सभी पंचायतों तथा प्रजापति समाज द्वारा जुलूस निकाले जाते हैं पार्वती तट पर इकट्ठा होकर सामूहिक पूजा अर्चना की जाती है। चल समारोह के आगे धर्म ध्वजा फहराते युवाओं सहित, बिनाकी मंडल, महिला मंडल तथा प्रमुख जन का कैलाश परमार मित्र मंडल ने पुष्प वृष्टि एवं साफा पहनाकर स्वागत किया।

इस अवसर पर चल समारोह में शामिल पूर्व पार्षद तथा कुशवाह समाज के जिला अध्यक्ष एवं सकल हिंदू समाज अध्यक्ष नरेंद्र कुशवाह, भुजरिया उत्सव समिति के अध्यक्ष अमरचंद कुशवाह, पटेल दलकिशोर कुशवाह, कुशवाह समाज पंचायत पटेल जगदीश कुशवाह, मनोज कुशवाह, दिनेश कुशवाह, कुशवाह समाज की जिला महिला अध्यक्ष श्रीमती गीता कुशवाह एवं एक अन्य जुलुस में पूर्व पार्षद माखन कुशवाह, कैलाश कुशवाह, प्रकाश कुशवाह, भगवानदास कुशवाह का साफा पुष्पमाला एवं राम नामी दुपट्टे से भी सभी का स्वागत किया गया।

जुलूस में शामिल डीजे और नगाड़ों की थाप पर थिरकते युवा वर्ग उत्सवी माहौल को दोगुना कर रहे थे। सर पर कलश और भुजरिया ले कर चल रही महिलाओं का भी पुष्प वर्षा एवम स्वागत पट्टिका से स्वागत किया गया। काछीपुरा से शुरू हुआ चल समारोह बुधवारा और पुराना बस स्टैंड होते हुए भुजरिया ले कर पार्वती तट पर पहुंचा। जहां विधि विधान से परम्परागत पूजा अर्चना की गई। स्वागतकर्ताओ में कैलाश परमार, प्रदीप प्रगति, पूर्व पार्षद सुभाष नामदेव, सुनील प्रगति, कपड़ा एसोसिएशन के संरक्षक सुरेंद्र पोरवाल, सुरेंद्र परमार एडवोकेट, शुभम शर्मा, नरेंद्र पोरवाल ,संजय सुराणा, सी.के. जैन, संतोष मालवीय आदि शामिल थे।

कार्यक्रम के संयोजक प्रदीप प्रगति ने कुशवाह तथा प्रजापति समाज का आभार मानते हुए कहा कि सनातन धर्म की मान्यताओं के अनुरूप कुशवाह और प्रजापति समाज के लोग अपनी उत्सव प्रियता के चलते नगर में धार्मिक आयोजन करके प्रकृति से जुड़े भुजरिया त्योहार को उत्साह और श्रद्धा से मना कर हमारी शानदार परम्पराओ का पालन करते हैं। इस अवसर पर कैलाश परमार ने जुलुस में शामिल सभी लोगों को भुजरिया पर्व की बधाई दी।
