संस्कृति स्कूल आष्टा में आयोजित किया गया नशा मुक्ति जागरूकता अभियान- विद्यार्थियों ने दी शानदार प्रस्तुतियां, नशा एक दीमक की तरह है, जो धीरे-धीरे हमारे शरीर, मन और सपनों को अंदर से खोखला कर देता है- संचालक प्राचार्य सर्वेश उपाध्याय

आष्टा:- संस्कृति हायर सेकेंडरी स्कूल आष्टा में विद्यार्थियों को नशे के दुष्प्रभावों से अवगत कराने और समाज में जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से एक भव्य नशा मुक्ति जागरूकता अभियान का आयोजन किया गया। स्कूल संचालक प्राचार्य सर्वेश उपाध्याय के कुशल मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और बेहद मनमोहक व प्रेरणादायक प्रस्तुतियां दीं।

कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत किया गया नुक्कड़ नाटक और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां रहीं, जिनके माध्यम से उन्होंने समाज में नशे की गिरफ्त में आ रहे युवाओं और परिवारों पर पड़ने वाले बुरे प्रभावों को जीवंत रूप से दर्शाया। इन प्रस्तुतियों ने वहां मौजूद सभी दर्शकों को सोचने पर मजबूर कर दिया।

*नुक्कड़ नाटक के माध्यम सेबताएं नशे के प्रमुख दुष्प्रभाव:-* नशा करने से व्यक्ति का तंत्रिका तंत्र कमजोर होता है, जिससे कैंसर, टीबी, और हृदय रोग जैसी घातक बीमारियां जन्म लेती हैं। नशे के सेवन से स्मरण शक्ति कमजोर होती है, तनाव बढ़ता है और व्यक्ति मानसिक रूप से अस्वस्थ हो जाता है। नशे की लत के कारण हंसते-खेलते परिवार आर्थिक तंगी और कलह का शिकार हो जाते हैं। युवा अवस्था में नशे की लत लगने से विद्यार्थियों का करियर और उनके सपने बीच में ही बिखर जाते हैं।  इस नशा मुक्ति जागरूकता अभियान को लेकर

हमें प्राचार्य सर्वेश उपाध्याय ने बताया कि आज विद्यालय में आयोजित किया गया आयोजन केवल एक कार्यक्रम नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य और स्वस्थ समाज के निर्माण की एक मजबूत नींव है। नशा एक दीमक की तरह है, जो धीरे-धीरे हमारे शरीर, मन और सपनों को अंदर से खोखला कर देता है। युवावस्था जीवन का वह स्वर्णकाल है, जिसमें आपके पास असीम ऊर्जा और कुछ कर दिखाने का जज्बा होता है। इस ऊर्जा को गलत दिशा में भटकाने के बजाय बच्चे कला, शिक्षा और रचनात्मकता में लगाएं। इसी उद्देश्य को लेकर यह कार्यक्रम आयोजित किया गया।
आगे उन्होंने बताया कि हमारा विद्यालय सिर्फ किताबी ज्ञान देने तक सीमित नहीं है।

हम समय-समय पर विभिन्न प्रतियोगिताओं, जागरूकता अभियानों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन करते हैं ताकि विद्यार्थियों का सर्वांगीण विकास हो सके। हम चाहते हैं कि बच्चे कला के क्षेत्र में अपनी एक अलग पहचान बनाएं और निरंतर मोटिवेट होकर उच्च परिणाम व सफलता प्राप्त करें। विद्यालय में आयोजित कार्यक्रम में सब ने मिलकर यह संकल्प लिया कि हम खुद नशे से दूर रहेंगे और अपने समाज को भी इस अभिशाप से मुक्त करेंगे।”

*विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर प्रयास:-* संस्कृति हायर सेकेंडरी स्कूल में बच्चों को किताबी शिक्षा के साथ-साथ उनके सर्वांगीण विकास पर विशेष जोर दिया जाता है। विद्यालय में समय-समय पर वाद-विवाद, खेलकूद, चित्रकला और अन्य सांस्कृतिक गतिविधियां आयोजित की जाती हैं। स्कूल प्रबंधन का मुख्य उद्देश्य बच्चों को उनकी रुचि के अनुसार कला के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करना है। इसके साथ ही, समय-समय पर विशेष मोटिवेशनल सत्र आयोजित कर बच्चों का मार्गदर्शन किया जाता है ताकि वे परीक्षाओं में उच्च परिणाम प्राप्त कर अपने जीवन में अभूतपूर्व सफलता हासिल कर सकें।

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!
Scroll to Top