

आष्टा । स्वदेशी अपनाओ भारत को आत्मनिर्भर बनाओ जैसे अनेकों आव्हान जो देश के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने किये,का आज देश मे असर नजर आ रहा है । राष्ट्रीय हथकरधा दिवस पर आज आष्टा विधायक गोपालसिंह इंजीनियर स्वदेशी वस्त्रों आदि का परंपरागत तरीको से निर्माण करने वाले बुनकरों के बीच पहुचे ओर उनके द्वारा निर्मित वस्त्रों को खरीदा एवं सभी से आव्हान भी किया कि हम अपने इन साथियों बुनकरों से उनके द्वारा परंपरागत तरीको से बनाये वस्त्र खरीदे ओर इनको सशक्त बनाये ।

आज विधायक प्रधानमंत्री जी के आह्वान पर आष्टा की मालव बुनकर सोसायटी लंगापुरा पहुचे,बुनकरों द्वारा हथकरघा कला के तहत बनाये वस्त्र खरीदे एवं चल रहे चरखो का निरक्षण कर उनसे उनकी कला को समझा जो आज मशीनरी के युग मे भी अपनी समृद्ध विरासत को सहेजने में लगे है ।मालव बुनकर सोसायटी में आयोजित राष्ट्रीय हथकरधा दिवस कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक गोपालसिंह इंजीनियर ने उपस्तिथ बुनकरों को संबोधित करते हुए कहा की हमारे बुनकरों और कारीगरों का हुनर ही हमारे देश और प्रदेश की लोक संस्कृति की असली पहचान है। प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में देश में स्वदेशी और स्थानीय उत्पादों के प्रति जनभागीदारी का भाव निरंतर मजबूत हो रहा है।

विधायक ने इस अवसर पर सभी नागरिको से आव्हान किया कि आइये आप,हम सब भी स्थानीय शिल्प को बढ़ावा दें और अपनी इस गौरवशाली विरासत को नई पीढ़ी तक पहुँचाने का संकल्प लें।विधायक ने कहा की आज हम सभी राष्ट्रीय हथकरघा दिवस के अवसर पर एकत्रित हुए हैं। प्रत्येक वर्ष यह दिवस मनाया जाता है। यह दिन केवल हथकरघा और वस्त्रों से जुड़ा हुआ दिन नहीं है, बल्कि यह हमारे देश की परंपरा, संस्कृति, स्वाभिमान और आत्मनिर्भरता का प्रतीक है। भारत की पहचान सदियों से अपनी कला और कारीगरी के लिए रही है। हमारे बुनकर अपने हाथों से कपड़े में केवल धागे नहीं बुनते, बल्कि उसमें हमारी संस्कृति,

हमारी परंपरा और हमारी पहचान को भी बुनते हैं। विधायक इंजीनियर ने कहा की राष्ट्रीय हथकरघा दिवस हमें यह संदेश देता है कि हमें अपने स्थानीय कारीगरों और बुनकरों के उत्पादों को प्रोत्साहन देना चाहिए। जब हम हथकरघा से बने उत्पाद खरीदते हैं, तो हम केवल एक वस्तु नहीं खरीदते, बल्कि एक परिवार की मेहनत और उसकी आजीविका को मजबूत करते हैं।यह दिन हमें स्वदेशी और आत्मनिर्भर भारत के संकल्प की भी याद दिलाता है। हमें प्रयास करना चाहिए कि हमारे पारंपरिक हुनर को नई तकनीक, आधुनिक डिजाइन और बेहतर बाजार उपलब्ध हो,ताकि हमारे बुनकर देश ही नहीं,बल्कि पूरी दुनिया में अपनी पहचान बना सकें। आज आवश्यकता है कि बुनकर समाज की युवा पीढ़ी भी

हथकरघा और पारंपरिक कला से जुड़े। सरकार की योजनाओं का लाभ बुनकरों तक पहुंचे और उन्हें प्रशिक्षण,आधुनिक उपकरण,उचित मूल्य तथा बाजार की बेहतर सुविधाएं उपलब्ध हों। आओ राष्ट्रीय हथकरघा दिवस पर हम सभी संकल्प लें कि ‘वोकल फॉर लोकल’ को बढ़ावा देंगे, स्थानीय बुनकरों और कारीगरों का सम्मान करेंगे और भारतीय हथकरघा की गौरवशाली परंपरा को आगे बढ़ाने में अपना योगदान देंगे।कार्यक्रम को भाजपा नगर अध्यक्ष प्रतिनिधि विशाल चौरसिया सहित अन्य सभी ने संबोधित किया ।बुनकरों की जॉब भी समस्या होगी उसे भी हल करने के हम प्रयास करेंगे ।कार्यक्रम में पहुचे विधायक का उस्मान भाई अंसारी पार्षद मेहमूद अंसारी सहित सभी बुनकरों ने विधायक का स्वागत सम्मान किया । इस अवसर पर विधायक ने सोसायटी में चरखा भी चलाया,स्वदेशी वस्त्र खरीदे ओर डिजिटल भुगतान किया।


