बुधवारा क्षेत्र में जल भराव समस्या के समाधान हेतु नगरपालिका की महत्वपूर्ण बैठक संपन्न- व्यापारी, जनप्रतिनिधि एवं अधिकारियों की उपस्थिति में लिए गए महत्वपूर्ण निर्णय

आष्टा। आष्टा। नगर की वर्षो पुरानी बुधवारा क्षैत्र में जल भराव की समस्या के स्थायी एवं वैकल्पिक समाधान के लिए बुधवारा क्षैत्र के व्यापारियों, जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों की एक सामूहिक आवश्यक बैठक नपा के सभाकक्ष में आहूत हुई। यह बैठक नपाध्यक्ष प्रतिनिधि रायसिंह मेवाड़ा, सीएमओ विनोदकुमार प्रजापति सहित संबंधित वार्ड पार्षदों एवं बुधवारा बाजार के व्यापारियों की उपस्थिति में संपन्न हुई। जल भराव की गंभीर समस्या से निपटने के लिए व्यापारियों एवं जनप्रतिनिधियों ने अपने-अपने विचार एवं सुझाव बैठक में व्यक्त किए। जिस पर नपाध्यक्ष प्रतिनिधि रायसिंह मेवाड़ा एवं

सीएमओ विनोदकुमार प्रजापति ने बुधवारा नाला निर्माण के दौरान होने वाली असुविधाओं से व्यापारियों एवं संबंधित वार्ड पार्षदों को अवगत कराया। चर्चा के दौरान बताया गया कि बुधवारा क्षैत्र में नगर की आधी आबादी सुभाष नगर, मानस भवन, गल चौराहा, गंज चौराहा, कुम्हार मौहल्ला सहित लगभग एक दर्जन कॉलोनियों का बारिश का पानी आता है, जिसके कारण बारिश के पानी को अपने गंतव्य तक जाने में बाधा उत्पन्न होती है। साथ ही नाले के विस्तृत निर्माण कार्य होने में जहां समय लगने की संभावना है, वहीं व्यापारियों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा।

क्योंकि बुधवारा क्षैत्र नगर का मुख्य बाजार है यह क्षैत्र सघन के साथ-साथ संकरा भी है। इन सभी चर्चाओं के दौरान वैकल्पिक व्यवस्था कर समस्या का निराकरण किए जाने पर सभी की सहमति बनी।नाले का चौड़ीकरण और निर्माण – बैठक में बस स्टैंड के पास पूर्व में बनी छोटी नाली से जल निकासी अपर्याप्त थी, इसलिए रांका धर्मशाला से जैन धर्मशाला तक नाले को चौड़ीकरण कार्य। परदेशीपुरा से अस्पताल के कोने तक के नाले को गहरा और चौड़ा करते हुए, रेंज ऑफिस के किनारे से होते हुए नवनिर्मित नाले में मिलाना। इस वैकल्पिक व्यवस्था से जल भराव की समस्या के समाधान की प्रबल संभावना है। संपूर्ण क्षेत्र के सभी नालों की विधिवत सफाई कराई जाएगी,

उन्हें यथासंभव गहरा किया जाएगा तथा नाले की गाद तुरंत निकलवाई जाएगी।सीमांकन और अतिक्रमण हटाना – संपूर्ण बुधवारा क्षेत्र में नाले का सीमांकन कराया जाएगा, ताकि अतिक्रमण को स्पष्ट रूप से चिन्हित कर हटाया जा सके। वहीं जिन स्थानों पर नाले को मोटे कांक्रीट से ढंक दिया गया है जिससे जल निकासी प्रभावित होती है, उन्हें हटाया जाएगा। धर्मशाला के पिछले दरवाजे के पास ऊंचे किए गए रोड़ को हटाकर उसे यथासंभव समतल किया जाएगा।खारी कुंडी का जीर्णाेद्धार – बैठक में निर्णय लिया गया कि खारी कुंडी का जीर्णाेद्धार किया जाएगा,

ताकि उसमें आने वाले बाहरी जल को रोका जा सके। साथ ही खारी कुंडी से परदेशीपुरा तक दोनों तरफ नई नाली का निर्माण कार्य कराया जाएगा। बैठक के दौरान नपाध्यक्ष प्रतिनिधि रायसिंह मेवाड़ा एवं मुख्य नगरपालिका अधिकारी विनोद कुमार प्रजापति ने व्यापारियों को संबोधित करते हुए आश्वस्त किया कि नगरपालिका जल भराव की समस्या को दूर करने के लिए पूरी तरह गंभीर है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को जल्द से जल्द इन वैकल्पिक तथा स्थायी व्यवस्थाओं को धरातल पर उतारने के निर्देश दिए, जिससे आगामी बारिश के मौसम में व्यापारियों एवं स्थानीय नागरिकों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।

इस अवसर पर पार्षदगण डॉ. सलीम खान, कमलेश जैन, सुभाष नामदेव, शेख रईस, जाहिद गुड्डू, तारा कटारिया, रवि शर्मा, विशाल चौरसिया, तेजपाल कल्लू मुकाती, व्यापारीगण सत्यनारायण कामरिया, राजू चौरसिया, देवकरण पहलवान, मनीष धारवां, पवन बुल्लू, राजा पारख, मंजीत पंजाबी, जगदीश खत्री, आशीष खत्री, राज खत्री, प्रेमनारायण जायसवाल, संजय रांका, बसंत जैन, सुरेन्द्र पोरवाल, जीवन मेवाड़ा आदि मौजूद थे।

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