

आष्टा (नि.प्र.) – नगर के प्रबृुद्ध कवियों एवं साहित्यकारो की संस्था साहित्य शिल्पी की सरस काव्य निशा संस्था के अध्यक्ष डॉ. कैलाश शर्मा के सौजन्य से आशीर्वाद पार्टी हॉल में सम्पन्न हुई जिसमें संस्था के कवियों ने अपनी प्रतिनिधि रचनाओं का पाठ करके वातावरण को रसमय बनाया। आयोजन की विशेषता यह रही कि इसमें नगर के सुप्रसिद्ध कवि जो अब राष्ट्रीय मंच पर भी अपनी पहचान बना चुके हैं और पिछलें दिनो जिन्होनें अंतर्राष्ट्रीय कवि कुमार विश्वास के साथ कवि सम्मेलन का मंच साझा करके नगर के साहित्य को गौरव प्रदान किया,

ऐसे साहित्य शिल्पी के सदस्य कवि महेन्द्र मधुर का उनकी इस उपलब्धि और सफलता पर साहित्य शिल्पी परिवार द्वारा सम्मान किया गया। मां सरस्वती के चित्र के समक्ष माल्यार्पण एवं पुष्पाजंलि अर्पित करके आयोजन का प्रारंभ हुआ और महेन्द्र मधुर नें ही सस्वर मां सरस्वती की वंदना प्रस्तुत करके माता का आव्हान किया। इसके पश्चात् जुगल किशोर पवार नें देशभक्ति से ओतप्रोत अपने कुछ मुक्तक प्रस्तुत किये। अपने क्रम को सार्थक करते हुये कवि अतुल जैन सुराणा नें अपनी रचना में कहा कि ‘‘रिश्तो में अपनापन हो तभी किरदार महकता है, इंसान तो पुतला है किरदार महकता है।’’

अगले क्रम में सबरंग कवि दिलीप संचेती नें अपनी रचना के माध्यम से माहौल को महकाया और हास्य बम गोविन्द शर्मा नें अपने चुटीले अंदाज में सबको गुदगुदाया उनकी हास्य से सरोबार कुछ पंक्तियां तो ऐसी थी जिन्होनें सभी को हंसते-हंसते पेट पकड़ने पर मजबूर कर दिया। अगले कवि के रूप में आयोजक डॉ. कैलाश शर्मा नें अपनी गज़ल ‘‘मेरी नकीद पर सिसकियां लेना छोड़ दे’’ पढ़कर सबकी वाहवाही बटोरी। इसके बाद जब कवि महेन्द्र मधुर का क्रम आया तो उन्होनें अपनी राष्ट्रप्रेम की रचनाओं से सभी में उत्साह भर दिया और तालियों से पूरा सदन गूंज उठा।

उनकी पंक्ति ‘‘हमारा मन हमारा तन हमारा धन तिरंगा है’’ विशेष रही। अपने क्रम में नगर के प्रसिद्ध संगीतज्ञ श्रीराम श्रीवादी नें ग्राम्य जीवन का पूरा वर्णन अपने एक गीत में कर दिया। उस गीत का शब्द चित्र कुछ ऐसा था कि हर व्यक्ति की आंखो के सामने गांव का पूरा दिव्य वातावरण उभरकर आ गया। आयोजन का सफल संचालन कर रहे कवि डॉ. प्रशांत जामलिया नें सावन माह पर विशेष रूप से अपने लिखे गीत को पढ़ा और आयोजन को गरिमा दी। आयोजन में कल्याण सिंह कर्णवंशी एवं कपिल बैरागी मुगली नें भी मन के भाव प्रकट किये। अंत में आयोजक डॉ. कैलाश शर्मा के आभार के साथ आयोजन का समापन हुआ।

