नगर पालिका ने आवारा गोवंश के खिलाफ चलाया विशेष अभियान- 55 पशु पकड़े, 21 गौशाला भेजे गए, नपाध्यक्ष प्रतिनिधि रायसिंह मेवाड़ा ने पशुपालकों से की सहयोग की अपील


​आष्टा – नगर में दिन-प्रतिदिन बढ़ती आवारा पशुओं की समस्या और यातायात में आ रही बाधाओं को गंभीरता से लेते हुए नगर पालिका ने नपाध्यक्ष श्रीमती हेमकुंवर रायसिंह मेवाड़ा के निर्देश पर एक विशेष मुहिम की शुरुआत की है। इस अभियान के तहत नगर के मुख्य मार्गों, चौराहों और सार्वजनिक स्थलों पर खुले में विचरण कर रहे लगभग 55 आवारा पशुओं को पकड़ा गया।


​मुख्य नगर पालिका अधिकारी विनोद कुमार प्रजापति ने जानकारी देते हुए बताया कि नगर को सुगम यातायात और दुर्घटना-मुक्त बनाने के उद्देश्य से यह कार्रवाई की गई है। इसके तहत लगभग
​55 आवारा पशुओ को पकड़ा गया है, जिसमे से 34 पशुओ को पशु पालको के आने पर उन्हें सख्त हिदायत देते हुवे सौपे गए, शेष 21 आवारा पशुओ को ​दास्ताखेड़ी स्थित संत गोविंद जाने गौशाला में ट्रक के माध्यम से सुरक्षित पहुँचाए गए। ​नगर पालिका की इस त्वरित कार्रवाई से आम जनता और वाहन चालकों ने राहत की सांस ली है। सीएमओ श्री प्रजापति ने स्पष्ट किया है कि यह अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा।


​नपाध्यक्ष प्रतिनिधि रायसिंह मेवाड़ा नगरवासियों एवं पशु पालको से अपील करते हुए कहा कि हमारे नगर को स्वच्छ, सुरक्षित और व्यवस्थित बनाना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। मुख्य मार्गों पर विचरण करने वाले आवारा गोवंश के कारण न केवल यातायात बाधित हो रहा है, बल्कि आए दिन हादसों का अंदेशा भी बना रहता है। इसी समस्या के स्थायी समाधान के लिए नगर पालिका टीम ने यह विशेष अभियान चलाया है। ​हम गोमाता के प्रति पूरी श्रद्धा रखते हैं। इसीलिए जिन पशुओं के कोई मालिक नहीं थे, उन्हें पूरी सुरक्षा और सम्मान के साथ दास्ताखेड़ी स्थित संत गोविंद जाने गौशाला भिजवाया गया है, ताकि वहां उन्हें उचित चारा और देखभाल मिल सके।


​मेरी सभी पशुपालक भाइयों से विनम्र अपील है कि अपने पालतु गोवंश को सड़कों पर लावारिस न छोड़ें। उन्हें अपने घरों या बाड़ों में बांधकर रखें। यदि कोई पशुपालक बार-बार अपने मवेशियों को सड़कों पर छोड़ता पाया गया, तो नगर पालिका प्रशासन उनके खिलाफ वैधानिक व दंडात्मक कार्रवाई करने के लिए बाध्य होगा।
​नगर को सुंदर, स्वच्छ और दुर्घटनामुक्त बनाने में आप सभी का सहयोग अत्यंत आवश्यक है। इस अभियान मे दरोगा राजेश घेँघट, जमादार पप्पू खरे, अमरदीप सांगते, मनोज घेँघट, रितेश सांगते, दीपक सांगते, जीवन करोसिया आदि का सराहनीय योगदान रहा।

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