

आष्टा। स्थानीय नगर पालिका कार्यालय के सभाकक्ष में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में मुख्य अतिथि के रूप में क्षेत्रीय विधायक गोपालसिंह इंजीनियर मौजूद रहे। इस दौरान देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व के वर्षों को रेखांकित करते हुए सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की उपलब्धियों पर चर्चा की गई। इसके साथ ही मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की पहल पर प्रदेशभर में चलाए जा रहे जल गंगा संवर्धन अभियान की प्रगति की समीक्षा करते हुए शहर के विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषयों पर गंभीर मंथन हुआ।

यह आवश्यक बैठक विधायक गोपालसिंह इंजीनियर के मुख्य आतिथ्य एवं नपाध्यक्ष श्रीमती हेमकुंवर मेवाड़ा की अध्यक्षता तथा नपाध्यक्ष प्रतिनिधि रायसिंह मेवाड़ा, मुख्य नगरपालिका अधिकारी विनोदकुमार प्रजापति, नपाउपाध्यक्ष प्रतिनिधि भूरू खां, पार्षदगण कमलेश जैन, डॉ. सलीम खान, अरशद अली, मेहमूद अंसारी, शेख रईस, तारा कटारिया, तेजसिंह राठौर, रवि शर्मा, विशाल चौरसिया विशेष रूप से उपस्थित थे। बैठक के प्रारंभ में उपस्थितजनों ने वार्ड क्रमांक 4 के वरिष्ठ पार्षद एवं कांग्रेस नेता हिफज्जुर्रहमान भैया मियां के आकस्मिक निधन होने पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।

प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश ने गढ़े विकास के नए कीर्तिमान – बैठक को संबोधित करते हुए विधायक गोपालसिंह इंजीनियर ने कहा कि माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के दूरदर्शी नेतृत्व में देश ने प्रगति के नए आयाम स्थापित किए हैं। केंद्र सरकार की विभिन्न गरीब कल्याण योजनाएं जैसे प्रधानमंत्री आवास योजना, उज्ज्वला योजना, आयुष्मान भारत और हर घर नल-जल योजना ने समाज के अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति के जीवन को बदला है। उन्होंने सभी जनप्रतिनिधियों और नगर पालिका के अधिकारियों से आव्हान किया कि वे सुनिश्चित करें कि इन सभी योजनाओं का लाभ नगर के प्रत्येक पात्र नागरिक तक शत-प्रतिशत पहुंचे।

साथ ही प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के सबसे सफल एवं लंबे कार्यकाल तक देश के नागरिकों की सेवा किए जाने पर दीर्घायु जीवन की कामना करते हुए बधाई शुभकामनाएं भी दी। जल स्रोतों की सफाई और गहरीकरण पहली प्राथमिकता – बैठक को संबोधित करते हुए विधायक गोपालसिंह इंजीनियर ने कहा कि जल ही जीवन है और हमारी आने वाली पीढ़ियों के लिए जल स्रोतों को बचाना हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने नपा के अधिकारियों को निर्देशित किया कि शहर और आस-पास के सभी पारंपरिक जल स्रोतों, जैसे कुएं, बावड़ियों, तालाबों और नदियों की युद्ध स्तर पर सफाई कराई जाए। जहां आवश्यकता हो वहां मशीनों के जरिए गहरीकरण का कार्य भी तत्काल शुरू किया जाए।

जनभागीदारी पर विशेष जोर – नपाध्यक्ष प्रतिनिधि रायसिंह मेवाड़ा ने जनप्रतिनिधियों से अपील की कि वे अपने-अपने वार्डों में जनता को इस अभियान से जोड़ें। उन्होंने कहा कोई भी अभियान तब तक सफल नहीं हो सकता जब तक उसमें आम जनता की सहभागिता न हो। वार्ड स्तर पर स्वच्छता समितियां बनाकर लोगों को जल सहेजने और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक किया जाए। जल स्रोतों के आस-पास यदि किसी भी प्रकार का अवैध निर्माण या अतिक्रमण है, तो उसे तुरंत चिन्हित कर हटाया जाए। वर्षा ऋतु के आगमन को देखते हुए जल स्रोतों के किनारों पर व्यापक पैमाने पर पौधारोपण की योजना बनाई जाए,

जिससे भूजल स्तर में सुधार हो सके। सभी निर्माण और सफाई कार्यों के लिए एक निश्चित समय-सीमा डेडलाइन तय की जाए और संबंधित अधिकारी नियमित रूप से इसका निरीक्षण करें। श्री मेवाड़ा ने नागरिकों से आग्रह करते हुए कहा कि अपने घर, आंगन में एक पेड़ अवश्य लगाए और उसे अपने बच्चों की भांति संरक्षण देकर बड़ा करें।अभियान के अंतर्गत होंगे अनेक कार्य – जनप्रतिनिधियों के निर्देशों को पूर्ण करने का आश्वासन देते हुए मुख्य नगरपालिका अधिकारी विनोदकुमार प्रजापति ने जानकारी देते हुए बताया कि निकाय को 2000 पौधों का लक्ष्य दिया गया है जो पीएम आवास कॉलोनी पार्क में, नवीन नगरपालिका कार्यालय परिसर, मुखर्जी मैदान, सुभाष मैदान,

काला तालाब, कमल खेड़ापति तालाब पर रोपे जाना है। वहीं शंकर मंदिर बावड़ी, खेड़ापति तालाब हनुमान मंदिर कुआं, रेस्ट हाउस स्थित कुआं, सिकंदर बाजार रोड़ कुंडी की सफाई होना सुनिश्चित किया गया है। साथ ही रैन वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम मरम्मत एवं नवनिर्मित करना, खेड़ापति तालाब तथा पार्वती घाट पीचिंग एवं सौंदर्यीकरण कार्य, संगम घाट का सौंदर्यीकरण एवं पिचिंग कार्य, घाट निर्माण, काला तालाब पीचिंग कार्य होना जल गंगा संवर्धन योजना में शामिल किया गया है। जल गंगा संवर्धन अभियान को पूरी पारदर्शिता और गति के साथ पूरा किया जाएगा। इस अवसर पर नपा के सभी शाखा प्रभारी मौजूद थे।