

आष्टा। पुरुषोत्तम मास के पावन अवसर पर पार्वती नगर अलीपुर स्थित श्री नामदेव छीपा समाज राम मंदिर में आयोजित श्रीमद् भागवत ज्ञान गंगा यज्ञ एवं संगीतमय कथा के चतुर्थ दिवस श्रद्धा, भक्ति और उत्साह का अद्भुत संगम देखने को मिला। कथा स्थल पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित होकर श्रीमद् भागवत महापुराण का श्रवण कर धर्म लाभ अर्जित कर रहे हैं।कथा व्यास परम पूज्य गुरुदेव पं. दीपक जी शास्त्री ने श्रीमद् भागवत महापुराण के विभिन्न प्रसंगों का मार्मिक एवं प्रेरणादायी वर्णन करते हुए कहा कि पुरुषोत्तम मास में जो श्रद्धालु 84 महादेवों का पूजन,

नव नारायणों का दर्शन एवं सप्तसागर तीर्थों का भ्रमण करता है, उसके 84 लाख योनियों के बंधन समाप्त होकर परमात्मा की कृपा प्राप्त होती है।कथा के दौरान गज-ग्राह मोक्ष, समुद्र मंथन तथा संपूर्ण रामचरितमानस के प्रसंगों का भावपूर्ण वर्णन किया गया। वहीं भगवान श्रीकृष्ण जन्मोत्सव अत्यंत हर्षोल्लास एवं भक्तिभाव के साथ मनाया गया। जन्मोत्सव के अवसर पर श्रद्धालुओं ने भगवान श्रीकृष्ण के जयकारों के साथ उत्सव मनाया और पूरा कथा पंडाल “नंद के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की” के उद्घोष से गुंजायमान हो उठा।पं. शास्त्री ने कहा कि सच्चे मन से की गई भक्ति से ही परमात्मा की प्राप्ति संभव है।

भगवान सदैव अपने भक्तों की पुकार सुनते हैं और निष्काम भक्ति ही जीवन को सार्थक बनाती है। कथा के दौरान प्रस्तुत संगीतमय भजनों ने श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर दिया तथा पूरा वातावरण कृष्णमय हो गया।इस अवसर पर पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष कैलाश परमार ने अपने उद्बोधन में कहा कि अधिक मास आत्मचिंतन, भक्ति, सेवा और धर्म साधना का श्रेष्ठ अवसर है। श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण व्यक्ति के जीवन में आध्यात्मिक जागृति लाता है तथा समाज को संस्कारों से जोड़ने का कार्य करता है।पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष डॉ. मीना सिंगी ने अपने संबोधन में कहा कि पुरुषोत्तम मास में किए गए जप, तप, दान और सत्संग का विशेष महत्व है।

ऐसे धार्मिक आयोजन समाज में सकारात्मक वातावरण का निर्माण करते हैं तथा नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति और सनातन परंपराओं से जोड़ते हैं।सकल हिन्दू समाज अध्यक्ष नरेंद्र कुशवाह ने अपने उद्बोधन में कहा कि अधिक मास भगवान विष्णु को समर्पित अत्यंत पुण्यदायी माह है। इस पावन मास में श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण, संतों का सान्निध्य और धर्म कार्यों में सहभागिता व्यक्ति के जीवन को पुण्य एवं आध्यात्मिक ऊर्जा प्रदान करती है। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं से कथा के शेष दिनों में अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर धर्म लाभ लेने की अपील की।सकल हिन्दू समाज के संयोजक मुकेश नामदेव एवं

भविष्य नामदेव ने बताया कि 8 जून से प्रारंभ हुई यह सात दिवसीय कथा 14 जून तक प्रतिदिन दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक आयोजित की जा रही है। कथा में नगर सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। आयोजन को सफल बनाने में समस्त महिला मंडल एवं भक्तगण सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।इस अवसर पर सकल हिन्दू समाज के अध्यक्ष नरेंद्र कुशवाह, मनीष डोंगरे एवं उनकी पूरी टीम द्वारा कथा व्यास पं. दीपक जी शास्त्री का पुष्पमालाओं से भव्य स्वागत एवं सम्मान किया गया। सभी अतिथियों ने पंडित दीपक जी शास्त्री एवं

आयोजन समिति के संयोजक मुकेश नामदेव का साफा पहनाकर अभिनंदन किया।कथा में राजेंद्र नामदेव एवं सुरेश नामदेव परिवार की ओर से प्रसाद वितरण किया गया, वहीं ओमजी नारोलिया एवं श्यामजी बढ़ावा द्वारा श्रद्धालुओं को फल प्रसाद वितरित किया गया। श्रद्धालुओं ने श्रद्धा एवं भक्ति भाव के साथ प्रसाद ग्रहण कर पुण्य लाभ अर्जित किया।इस अवसर पर पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष कैलाश परमार, पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष डॉ. मीना सिंगी, सकल हिन्दू समाज संरक्षक एवं आशीर्वाददाता प्रेम नारायण शर्मा, हरिनारायण शर्मा, पार्षद प्रतिनिधि सुभाष नामदेव, सकल हिन्दू समाज अध्यक्ष नरेंद्र कुशवाह, संयोजक मुकेश नामदेव, सचिव मनीष डोंगरे, मोंटू कोरी, मीडिया प्रभारी राजीव गुप्ता,

प्रेम नारायण जायसवाल, गोपाल पांचाल, मांगीलाल सिसोदिया, अजय अर्जुन सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।आयोजकों ने क्षेत्र के समस्त धर्मप्रेमी श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे श्रीमद्भागवत कथा के शेष दिनों में अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर कथा श्रवण करें तथा पुरुषोत्तम मास के इस दुर्लभ अवसर पर धर्म लाभ अर्जित करें। कथा स्थल पर प्रतिदिन श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक चेतना का अद्भुत वातावरण निर्मित हो रहा है, जिससे श्रद्धालु भावविभोर होकर भगवान की भक्ति में लीन हो रहे हैं।