श्रद्धा आस्था और प्रेम से ही परमात्मा की क्रपा प्राप्त होती है- पं. संतोष शर्मा

आष्टा। स्थानीय गीतांजलि गार्डन में आयोजित संगीतमय श्रीमद् भागवत कथा में गुरुवार को भगवान श्रीराम एवं भगवान श्रीकृष्ण जन्मोत्सव की कथा का अत्यंत भावपूर्ण एवं मनमोहक वर्णन किया गया। कथा वाचक पंडित संतोष शर्मा ने अपने ओजस्वी एवं मधुर प्रवचनों से श्रद्धालुओं को भक्ति रस में सराबोर कर दिया। कथा पंडाल में बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे तथा पूरा वातावरण जय श्रीराम और राधे-कृष्ण के जयघोष से भक्तिमय हो उठा।
कथावाचक पंडित संतोष शर्मा ने भगवान श्रीराम जन्मोत्सव का वर्णन करते हुए कहा कि जब-जब पृथ्वी पर अधर्म और अन्याय बढ़ता है,

तब भगवान धर्म की स्थापना के लिए अवतार लेते हैं। भगवान श्रीराम ने अपने जीवन से मर्यादा, सत्य, त्याग एवं आदर्शों का संदेश दिया। उन्होंने बताया कि भगवान राम के जन्म के समय अयोध्या नगरी दीपों और उत्सवों से जगमगा उठी थी तथा देवताओं ने पुष्प वर्षा कर प्रभु के अवतरण का स्वागत किया था। इसके पश्चात भगवान श्रीकृष्ण जन्मोत्सव का वर्णन करते हुए पंडित शर्मा ने कहा कि श्रीकृष्ण ने मथुरा की कारागार में जन्म लेकर अत्याचार और अधर्म के अंत का संदेश दिया। उनका जीवन प्रेम, करुणा, नीति और धर्म का प्रतीक है। भगवान श्रीकृष्ण ने सदैव मानवता को सत्य और धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी।

कथा के दौरान श्रद्धालु भावविभोर होकर कथा श्रवण करते रहे और जन्मोत्सव प्रसंग पर पूरा पंडाल भक्तिमय वातावरण से गूंज उठा। इस अवसर पर सकल हिन्दू समाज आष्टा द्वारा कथावाचक पंडित संतोष शर्मा का पुष्पमाला पहनाकर स्वागत एवं सम्मान किया गया। कार्यक्रम में सकल हिन्दू समाज आष्टा अध्यक्ष नरेंद्र कुशवाहा, संयोजक मुकेश नामदेव, सचिव मनीष डोंगरे, मोंटू कोरी, मीडिया प्रभारी आनंद गोस्वामी, राजीव गुप्ता, प्रेमनारायण जायसवाल, गोपाल पांचाल, मांगीलाल सिसोदिया, गुलाब बाई ठाकुर, शिवनारायण मेवाड़ा, निर्मल दास बैरागी, अचल किरार, पवन यादव सहित बड़ी संख्या में मातृशक्ति एवं श्रद्धालुगण उपस्थित रहे।


कार्यक्रम के अंत में श्रीमद् भागवत कथा आयोजक श्री दिलीप शर्मा परिवार के प्रति सकल हिन्दू समाज सचिव मनीष डोंगरे ने आभार व्यक्त करते हुए कथा आयोजन को धर्म एवं संस्कृति के संवर्धन की दिशा में प्रेरणादायक बताया। आष्टा.प्रेम करना है तो परमात्मा से सच्ची श्रद्धा और आस्था से करो तो भगवत क्रपा अवश्य प्राप्त होगी ।ये वचन पं.संतोष शर्मा ने आज पंचम दिवस कथा मे व्यक्त किये ।गीतांजलि गार्डन मे चल रही भागवत कथा मे आष्टा नगर और ग्रामीण क्षेत्र से आये श्रद्धालु भक्तिभाव से श्रवण करने सैकड़ो की संख्या मे प्रतिदिन आ रहे हैं।

सीहोर से पधारे कांग्रेस के अग्रणी नेतागण ने राजीव गुजराती के साथ पं. संतोष शर्मा जी का स्वागत किया।सीहोर से ही पधारे ब्रह्मजनो ने कवि हरि ओम शर्मा दा ऊ के साथ पं.संतोष शर्मा जी का भावभीनी स्वागत किया।.कथा को विस्तार देते हुये भगवान श्रीकृष्ण का गोकुल नंदबाबा के यहां जाना पूतना वध क्रष्ण की बाल लीला ओं का बड ही मार्मिक द्रश्य कथा व्यास ने प्रस्तुत किये जो श्रद्धालु ओं के मन को छू गये ।उन्होने बताया कि श्रीमद भागवत कथा का श्रवण पुरूषोत्तम मास मे बहुत पुण्यदायी होता है।अंत मे भागवत आरती के पश्चात कथा को विराम दिया ।

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