

आष्टा। नगर के शास्त्री स्कूल स्थित परसराम कॉम्प्लेक्स में सकल हिंदू समाज अध्यक्ष एवं पूर्व पार्षद नरेंद्र कुशवाहा के कार्यालय पर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी एवं पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जन्म जयंती श्रद्धा एवं सम्मान के साथ मनाई गई। कार्यक्रम में अखिल भारतीय कुशवाहा महिला महासभा की प्रदेश उपाध्यक्ष एवं सकल हिंदू समाज उपाध्यक्ष श्रीमती गीता नरेंद्र कुशवाहा ने महात्मा गांधी एवं लाल बहादुर शास्त्री के चित्र पर माल्यार्पण कर दीप प्रज्वलित किया।

कार्यक्रम में वरिष्ठ पार्षद सुभाष नामदेव, सकल हिंदू समाज सचिव मनीष डोंगरे, मोंटू कौरी, प्रतीक महाडिक, बबनराव माहडिक, नवरत्न गजानन महिला मंडल अध्यक्ष श्रीमती अनीता बबनराव माहडिक, श्रीमती पूजा सुशील कुशवाहा सहित अन्य गणमान्यजन उपस्थित रहे। इस अवसर पर सकल हिंदू समाज अध्यक्ष नरेंद्र कुशवाहा ने महात्मा गांधी के जीवन एवं विचारों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि गांधीजी ने सत्य, अहिंसा, स्वच्छता, सद्भाव और मानवता के मूल्यों को अपने जीवन में अपनाकर देश को नई दिशा दी। उनका जीवन समाज में आपसी भाईचारे, प्रेम और शांति का संदेश देता है।

उन्होंने कहा कि गांधीजी के सत्य और अहिंसा के विचार आज भी प्रासंगिक हैं और प्रत्येक व्यक्ति को उनके आदर्शों से प्रेरणा लेनी चाहिए। कार्यक्रम में श्रीमती गुलाब बाई ठाकुर ने भी महात्मा गांधी एवं लाल बहादुर शास्त्री के जीवन पर अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि दोनों महापुरुषों ने सादगी, ईमानदारी, त्याग और राष्ट्रसेवा को अपने जीवन का आधार बनाया। उनके आदर्श आज भी समाज के लिए प्रेरणादायी हैं। अखिल भारतीय कुशवाहा महिला महासभा की प्रदेश उपाध्यक्ष एवं सकल हिंदू समाज उपाध्यक्ष श्रीमती गीता नरेंद्र कुशवाहा ने कहा कि

महात्मा गांधी ने देश की स्वतंत्रता के लिए सत्य और अहिंसा का मार्ग अपनाया, वहीं लाल बहादुर शास्त्री ने सादगी, अनुशासन, दृढ़ता और राष्ट्र के प्रति समर्पण का उदाहरण प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि दोनों महापुरुषों का जीवन हमें देशहित, समाजसेवा, अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा की प्रेरणा देता है। उनके आदर्शों को आत्मसात करना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
कार्यक्रम का संचालन सकल हिंदू समाज सचिव मनीष डोंगरे ने किया। अंत में उपस्थित सभी लोगों ने महात्मा गांधी एवं लाल बहादुर शास्त्री के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने तथा समाज एवं राष्ट्रहित में कार्य करने का संकल्प लिया।


