

आष्टा। बढ़ते प्रदूषण और ग्लोबल वार्मिंग जैसी गंभीर पर्यावरणीय चुनौतियों के बीच, नवीन सरस्वती शिशु मंदिर के परिसर में विश्व पर्यावरण दिवस के पावन अवसर पर एक वृहद पौधारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य नई पीढ़ी में पर्यावरण के प्रति जागरूकता पैदा करना और हरी-भरी धरती के संकल्प को साकार करना था। कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्वलन के साथ हुआ।

इसके पश्चात नपाध्यक्ष प्रतिनिधि रायसिंह मेवाड़ा, विद्यालय प्रबंधन समिति अध्यक्ष फूलचंद वर्मा, सचिव बिहारीलाल परमार, पार्षद तेजसिंह राठौर, रवि शर्मा, प्रवीण धाड़ीवाल, विशाल तिवारी, मनोज तिवारी, मनमोहन गुर्जर, राजेन्द्र सोलंकी, विकास चौरसिया द्वारा विद्यालय परिसर के विभिन्न हिस्सों में फलदार, छायादार और औषधीय पौधों का रोपण किया। रोपे गए पौधों में मुख्य रूप से नीम, पीपल, आंवला, जामुन और

तुलसी शामिल थे।केवल पौधा लगाना नहीं, संरक्षण भी जरूरी – नपाध्यक्ष प्रतिनिधि रायसिंह मेवाड़ा ने कहा कि पर्यावरण का संतुलन बनाए रखने के लिए पेड़-पौधों का होना अत्यंत आवश्यक है। आज के समय में केवल पौधा लगाना ही काफी नहीं है, बल्कि उसका एक बच्चे की तरह पालन-पोषण करना और उसे पेड़ बनाना हमारी असली जिम्मेदारी है। विद्यालय के छात्रों ने भी इस बात का संकल्प लिया कि वे अपने द्वारा लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल और सिंचाई करेंगे।


