

आष्टा। नगर के शास्त्री स्कूल दर्जीपुरा स्थित कुशवाहा समाज धर्मशाला में प्रतिवर्षानुसार इस वर्ष भी कुशवाहा समाज के पारंपरिक एवं आस्था के पर्व रक्षाबंधन भुजरिया पर्व को हर्षोल्लास और भव्य रूप से मनाने को लेकर पंचायत की बैठक आयोजित की गई। बैठक कुशवाहा समाज पटेल श्री दल किशोर कुशवाहा के नेतृत्व में संपन्न हुई, जिसमें पंचायत के सभी पंचगण एवं समाज के वरिष्ठजन उपस्थित रहे।बैठक में आगामी रक्षाबंधन भुजरिया पर्व के आयोजन को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। पंचायत सदस्यों ने सर्वसम्मति से

अमरचंद कुशवाहा पटेल को भुजरिया पर्व आयोजन समिति का अध्यक्ष तथा मना बाबू कुशवाहा को उपाध्यक्ष नियुक्त किया। नवनियुक्त अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष को समाजजनों ने बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए पर्व को पुरानी सामाजिक परंपराओं, श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाने का संकल्प लिया।इस अवसर पर समाज के वरिष्ठजन नेमचंद्र कुशवाहा, रुगनाथ कुशवाहा, मनोज कुशवाहा, बालमुकुंद कुशवाहा, दिनेश कुशवाहा, शुभम कुशवाहा, आनंद कुशवाहा, ऋषि कुशवाहा, केतन कुशवाहा, आकाश कुशवाहा, गोलू कुशवाहा सहित बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित रहे।

पुरानी परंपरा के साथ निकलेगा भव्य भुजरिया का जुलूसकुशवाहा समाज अध्यक्ष नरेंद्र कुशवाहा, पूर्व पार्षद ने बताया कि रक्षाबंधन भुजरिया पर्व कुशवाहा समाज की वर्षों पुरानी गौरवशाली परंपरा और सामाजिक एकता का प्रतीक है। यह पर्व केवल उत्सव नहीं, बल्कि समाज की संस्कृति, भाईचारे, आपसी प्रेम और नई पीढ़ी को अपनी परंपराओं से जोड़ने का अवसर भी है।उन्होंने कहा कि समाज द्वारा इस वर्ष भी भुजरिया पर्व बैंड-बाजे, ढोल-नगाड़ों एवं डांडिया की पारंपरिक धुनों के साथ धूमधाम और हर्षोल्लास से मनाया जाएगा। भव्य भुजरिया का जुलूस चलसमारोह नगर के प्रमुख मार्गों से निकलेगा।

जुलूस मार्ग पुराने सिद्धार्थ हॉस्पिटल चौराहा, बुधवारा, श्रीराम मंदिर, परदेशीपुरा, पुराना बस स्टैंड सहित प्रमुख मार्गों से होता हुआ प्राचीन शंकर मंदिर एवं पार्वती नदी तट पहुंचेगा, जहां विधि-विधान एवं श्रद्धा के साथ भुजरिया का विसर्जन किया जाएगा।समाज की नई पीढ़ी को परंपराओं से जोड़ना जरूरी : नरेंद्र कुशवाहाकुशवाहा समाज अध्यक्ष नरेंद्र कुशवाहा ने कहा कि, “हमारे पूर्वजों ने हमें जो सामाजिक एवं धार्मिक परंपराएं विरासत में दी हैं, उन्हें आगे बढ़ाना हम सभी की जिम्मेदारी है। रक्षाबंधन भुजरिया पर्व हमारी संस्कृति और सामाजिक एकता का महत्वपूर्ण पर्व है। इस पर्व के माध्यम से समाज के सभी परिवार एक साथ आते हैं,

एक-दूसरे को शुभकामनाएं देते हैं और आपसी भाईचारे को मजबूत करते हैं। हमारा प्रयास है कि आधुनिकता के साथ-साथ हमारी पुरानी परंपराएं भी जीवित रहें और आने वाली पीढ़ी हमारी संस्कृति एवं संस्कारों से जुड़ी रहे।”उन्होंने समाज के सभी परिवारों से अपील की कि आगामी रक्षाबंधन भुजरिया पर्व में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर इस पारंपरिक उत्सव को भव्य एवं ऐतिहासिक बनाएं तथा सामाजिक एकता और भाईचारे का संदेश दें।बैठक का संचालन कुशवाहा समाज अध्यक्ष नरेंद्र कुशवाहा, पूर्व पार्षद ने किया। अंत में नवनियुक्त अध्यक्ष अमरचंद कुशवाहा पटेल एवं उपाध्यक्ष मना बाबू कुशवाहा को सभी समाजजनों ने पुनः बधाई देते हुए सफल आयोजन की अग्रिम शुभकामनाएं दीं।



