

आष्टा:- करीब 5000 वर्ष पूर्व भगवान श्रीकृष्ण ने अर्जुन को महाभारत के युद्ध के पूर्व जो गीता के उपदेश दिए। वे उपदेश संपूर्ण विश्व में प्रबंधन के रूप में आत्मसात् किए जा रहे हैं। भगवान श्रीकृष्ण ने लोककल्याण के लिए अवतार लिया तथा उन्होने अतिचारी प्रवृत्ति को लोगो का शमूल किया। भगवान श्रीकृष्ण के गीता के उपदेश हमारी अनमोल धरोहर हैं। विश्व के कई देशो में गीता के ज्ञान को लोक प्रबंधन एवं बेहतर प्रबंधन के रूप में अनुगमित किया जा रहा हैं।

श्री कृष्ण के जन्म से पूर्व उनके माता पिता एवं जन्म के बाद स्वयं श्री कृष्ण भगवान को विभिन्न कष्ट उठाना पड़े, परंतु अन्याय के विरुद्ध वे हमेशा धर्म के साथ खड़े रहे अन्याय के विरुद्ध उन्होंने पांडवों को नैतिक बल प्रदान किया, युद्ध में मैदान में उन्होंने जो ज्ञान अर्जुन को दिया वह भगवत गीता के रूप में आज विश्व में सर्व मान्य है। हमें आवश्यकता हैं कि हम भी हमारे बच्चो एवं हम स्वयं गीता के अनमोल ज्ञान को और अच्छे से आत्मसात् करें तथा हमारे देश को विश्व गुरू के रूप में स्थापित करें।

उक्त आशय के उद्गार पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष कैलाश परमार ने यादव-अहीर समाज द्वारा भगवान श्री कृष्ण के जन्मोत्सव के उपलक्ष्य में निकाली गई शौभायात्रा के सम्मान में व्यक्त किए। चल समारोह का नगर में विभिन्न स्थानों पर स्वागत किया गया, जुलूस में श्री कृष्ण का विशाल चित्र एक रथ पर, दूसरे रथ पर राधा कृष्ण की जुगल जोड़ी विराजमान रही। जुलूस में सम्मिलित चल समारोह अध्यक्ष सजन सिंह यादव, पवन यादव अध्यक्ष यादव समाज, डॉ सूरज यादव, अंकित यादव, नंदकिशोर यादव,

लोकेश यादव, संदीप यादव, कमल सिंह सरपंच, धर्मेंद्र आस्था, राधेश्याम यादव बंटी, सुशील यादव, रमेश चंद्र यादव नगर पालिका, संजय यादव आदि का बुधवारा में पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष कैलाश परमार मित्र मंडल ने भावभीना स्वागत जन्माष्टमी के उपवास को दृष्टिगत उपवास के प्रसाद वितरण तथा पुष्प वर्षा एवं स्वागत पत्रिकाओं से किया गया। प्रभु प्रेमी संघ के महासचिव प्रदीप प्रगति, राज परमार, प्रदीप जैन,मुकेश जैन पल्लव जैन आदि ने जुलूस में सम्मिलित देवियों सज्जनों का साथियों सहित स्वागत किया।


