

आष्टा। नगर के इतिहास में पहली बार और वर्षों के लंबे अंतराल के बाद, नगरपालिका द्वारा एक ऐतिहासिक सौगात देते हुए प्राचीन खेड़ापति कमल तालाब का भव्य सुदृढ़ीकरण एवं सौंदर्यीकरण कर ‘खेड़ापति लोक’ का विकास किया गया है। इस ऐतिहासिक परियोजना के तहत भव्य एवं आकर्षक तोरण द्वार, चौड़ी, सुगम सड़कें, सुरक्षा और सुंदरता के लिए रेलिंग, पाल की सुव्यवस्थित पिचिंग, पेवर्स ब्लॉक स्थापना और आधुनिक विद्युतीकरण के कार्य संपन्न कराए गए हैं। इन सभी निर्माण कार्यों को पूरा करते हुए

एक अत्यंत भव्य ‘खेड़ापति कॉरिडोर’ नगर को समर्पित किया गया है, जिसका आज भव्य लोकार्पण संपन्न हुआ। खेड़ापति कमल तालाब के सौंदर्यीकरण कार्यो का लोकार्पण श्रीमती सीतानारायण मेवाड़ा के मुख्य आतिथ्य एवं नगर के इतिहासकार एवं वरिष्ठ पत्रकार सुधीर पाठक, खेड़ापति मंदिर के पुजारी महेश गिरी गोस्वामी, नपाध्यक्ष श्रीमती हेमकुंवर मेवाड़ा, नपाध्यक्ष प्रतिनिधि रायसिंह मेवाड़ा, नपाउपाध्यक्ष प्रतिनिधि भूरू खां, नगर भाजपा मंडल अध्यक्ष अंजनी चौरसिया, पार्षदगण तेजसिंह राठौर, सुभाष नामदेव, कमलेश जैन, अरशद अली, रवि शर्मा, तेजपाल कल्लू मुकाती,

जिला पंचायत उपाध्यक्ष जीवनसिंह मंडलोई, पूर्व मार्केटिंग अध्यक्ष कृपालसिंह पटाड़ा, जिला उपाध्यक्ष रूपेश राठौर, जनपद अध्यक्ष प्रतिनिधि सोनू गुणवान, भाजपा महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष ऋतु जैन की उपस्थिति में संपन्न हुआ। हम किसी राजा की औलाद नहीं हैं – लोकार्पण समारोह को संबोधित करते हुए नपाध्यक्ष प्रतिनिधि रायसिंह मेवाड़ा ने चार वर्षों के कार्यकाल की उपलब्धियों और भविष्य की प्राथमिकताओं को जनता के समक्ष रखते हुए कहा कि आज हम परिषद के चार वर्ष के कार्यकाल को पूर्ण कर रहे हैं, तो मन में कृतज्ञता और संतोष का एक गहरा भाव है।

जब हमें पहली बार इस नगरपालिका संस्था में कार्य करने का अवसर मिला था, तब हम इस क्षेत्र के लिए बिल्कुल नए थे और कामकाज का कोई पूर्व अनुभव नहीं था। ऐसे में हमारी परिषद के सभी सदस्यों, अधिकारियों, कर्मचारियों और नगर के वरिष्ठजनों के अमूल्य मार्गदर्शन और सुझावों ने हमें हर कदम पर संबल दिया। यह उसी सामूहिक अनुभव और मार्गदर्शन का परिणाम है कि आज हमारी परिषद एक ओर जहां नगर के चहुंमुखी विकास के कार्य कर रही है, वहीं दूसरी ओर मां पार्वती नदी घाट, प्राचीन खेड़ापति कमल तालाब और काला तालाब के ऐतिहासिक जीर्णाेद्धार जैसे बड़े कार्य पूर्णता की ओर अग्रसर हैं।

अपनी विनम्र पृष्ठभूमि का जिक्र करते हुए उन्होंने आगे कहा मैं नीचे से उठकर यहां तक पहुंचा हूं और यह सब मेरे माता-पिता के पुण्य-प्रताप और आप सभी के आशीर्वाद का ही फल है। सत्ता या कुर्सी हमेशा के लिए हमारी बपौती नहीं – नपाध्यक्ष प्रतिनिधि श्री मेवाड़ा ने कहा कि हम सब अच्छी तरह जानते हैं कि जनप्रतिनिधि आते-जाते रहते हैं; हम किसी राजा की औलाद नहीं हैं। आज जो हमें जनता के अपार सहयोग से सेवा करने का यह अवसर मिला है, वह जनता के वोटों की ताकत से ही संभव हुआ है। सत्ता और दायित्व का बोध कराते हुए उन्होंने कहा हर जनप्रतिनिधि को यह बात हमेशा समझने की आवश्यकता है

कि सत्ता या कुर्सी हमेशा के लिए हमारी बपौती नहीं है और न ही हमारे बाद हमारे पुत्र यहां शासन करेंगे। हमारा आचरण, व्यवहार और कार्यशैली ऐसी होनी चाहिए कि हम जनता के दिलों पर एक अमिट छाप छोड़कर जाएं। यह कुर्सी पूरी तरह से जनता की दी हुई अमानत है। इसलिए हम सबका यह परम कर्तव्य बनता है कि हम हर पल जनता की सेवा के लिए तत्पर रहें, जनता का एहसान कभी न भूलें और उनका सदैव आदर करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि इन चार वर्षों के कार्यकाल में बिना किसी भेदभाव के हर छोटे-बड़े कार्य को पूरी निष्ठा और संतुष्टिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने का प्रयास किया है। हमारा शुरू से ही यही मूल मंत्र रहा है कि

हमारे किसी भी कार्य से किसी भी नागरिक को असुविधा का सामना न करना पड़े। इस दौरान उन्होंने कुछेक आलोचकों पर भी तंज कसते हुए कहा कि विकास कार्यों में कमियां ढूढंने और सोशल मीडिया पर पोस्ट करने की बजाय सभी को नगर विकास में सकारात्मक सहयोग देना चाहिए।नगर विकास के नए संकल्प – समारोह के अंत में नगर को और अधिक सुंदर, विकसित और समृद्ध बनाने के लिए आगामी कार्ययोजना की घोषणा की गई, जिसके तहत भोपाल नाके का सौंदर्यीकरण एवं इंदौर-भोपाल राजमार्ग का चौड़ीकरण, पार्वती नदी के दूसरे छोर की गंदगी को दूर कर उसका सौंदर्यीकरण तथा वहां स्टॉप डेम का निर्माण, मुक्तिधाम के समीप एवं संगम स्थल पर सुव्यवस्थित घाटों का निर्माण शामिल है।

इसके अतिरिक्त शहर की तस्वीर बदलने वाले अन्य कई महत्वपूर्ण विकास कार्य आप सभी के सहयोग से पूर्ण किए जाएंगे। इस अवसर पर सीएमओ विनोदकुमार प्रजापति, वरिष्ठ पत्रकार नरेन्द्र गंगवाल, सुशील संचेती, दिनेश शर्मा, किरण रांका, राकेश बैरागी, अक्षत पाठक, चेतन छाजेड़, कुमेरसिंह मिट्ठूपुरा सरकार, सकल समाज अध्यक्ष नरेन्द्र कुशवाह, वरिष्ठ कर सलाहकार निर्मल रांका, रविन्द्र रांका, नगीन जैन, प्रदीप धाड़ीवाल, कैलाश सोनी जयश्री, हुकुम वोहरा, आनंद पोरवाल, रितेश सोनी पांचम, चंदा वोहरा, चंदनबाला वोहरा, गजेन्द्र मालवीय, गिरजा कुशवाह, मेहरवानसिंह मेवाड़ा, शिवनारायण मेवाड़ा, मनीष धारवां, पवन वर्मा, माखन कुशवाह, विजयालक्ष्मी उपाध्याय, शेलू मेहता, जुगलकिशोर मालवीय, दीपक रोगानी सहित बड़ी संख्या में नागरिकगण मौजूद थे।
