

आष्टा। सेन महाराज ने समाज को सेवा, समर्पण और सदाचार का मार्ग दिखाया, जो आज भी प्रासंगिक है उन्होंने यह संदेश दिया कि कोई भी व्यक्ति अपने कर्म और भक्ति से महान बन सकता है, चाहे उसका सामाजिक स्तर कुछ भी हो वे भक्ति आंदोलन के प्रमुख संत थे यह उद्गार पूर्व नपाध्यक्ष कैलाश परमार ने सेन महाराज की जयंती पर समाजजन द्वारा सेन चौराहे पर आयोजित कार्यक्रम में व्यक्त किये। सेन समाज द्वारा संत शिरोमणि सेन महाराज की जयंती बड़े ही श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाई गई।

इस अवसर पर नगर के इंदौर नाका स्थित सेन महाराज चौराहे पर स्थापित उनकी प्रतिमा पर विधिवत पूजन-अर्चन एवं आरती का आयोजन किया गया। सेन समझ समिति के अध्यक्ष चेतन वर्मा, वरिष्ठ डॉ सुरेश सेन, संतोष मालवीय, दुर्गा सेन, सतीश मालवीय सहित सभी समाज जनों ने अतिथिगण का स्वागत किया। कार्यक्रम के दौरान प्रभु प्रेमी संघ के महासचिव प्रदीप प्रगति ने सेन महाराज के जीवन चरित्र और उनके आदर्शों को स्मरण करते हुए उन्हें नमन किया। सकल समाज के अध्यक्ष नरेंद्र कुशवाह, सामाजिक कार्यकर्ता एच आर परमाल, संयोजक मुकेश नामदेव, मनीष डूंगरे ने उनके बताए मार्ग पर चल कर सभी समाज जन से प्रगतिशीलता को अपनाने और

सामाजिक कुरूतियो को दूर करने के साथ ही शिक्षा और सामाजिक एकता अपनाने पर जोर दिया। उल्लेखनीय है कि इंदौर भोपाल मार्ग स्थित इंदौर नाके के चौराहे का नामकरण पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष कैलाश परमार के कार्यकाल में किया गया था। इस अवसर पर पूर्व नपा अध्यक्ष श्री परमार का भी समाज द्वारा सम्मान किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्त्री पुरुष भक्तजन उपस्थित थे। सभी ने मिलकर सेन महाराज की आरती कर उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया। इस आयोजन ने सामाजिक एकता और श्रद्धा का सुंदर संदेश दिया।
