

आष्टा (नि.प्र.): नगर के इंदौर नाका स्थित अलीपुर में बिना किसी वैध डिग्री और अनुमति के धड़ल्ले से चलाए जा रहे एक फर्जी दवाखाने का स्वास्थ्य विभाग की टीम ने भंडाफोड़ किया है। मुख्य खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. अमित माथुर को मिली शिकायत के बाद गठित विशेष जांच टीम ने “खान दवाखाना” पर औचक दबिश देकर बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया। प्राप्त जानकारी के अनुसार, इंदौर नाका अलीपुर स्थित खान दवाखाना के संबंध में स्वास्थ्य विभाग को शिकायत प्राप्त हुई थी। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए मुख्य खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. अमित माथुर द्वारा तत्काल एक विशेष जांच दल का गठन किया गया। इस टीम में वरिष्ठ शल्य चिकित्सक डॉ. भूपेंद्र परमार, निश्चेतना चिकित्सा अधिकारी डॉ. जयदीप सिसोदिया, श्री मोहन श्रीवास्तव (बीईई) तथा श्री सुरेश सेन (नेत्र चिकित्सा सहा.) शामिल थे।

निरक्षर महिला और बेटा मिलकर चला रहे थे क्लीनिक जांच टीम जब मौके पर पहुंची, तो वहां का नजारा देखकर अधिकारी भी हैरान रह गए। दवाखाने का संचालन निरक्षर महिला और बेटा करते पाए गए। जब टीम ने उनसे डॉक्टरी की डिग्री, वैध दस्तावेज और चिकित्सा प्रैक्टिस करने के अनुमति पत्र की मांग की, तो वे कोई भी वैध दस्तावेज पेश नहीं कर सके। जांच के दौरान यह चौंकाने वाला खुलासा भी हुआ कि दवाखाना चला रही महिला पूरी तरह निरक्षर (अनपढ़) हैं।

मस्से व बवासीर के इलाज के नाम पर भारी वसूली स्थानीय लोगों और जांच में सामने आई जानकारी के अनुसार, उक्त झोलाछाप डॉक्टरों द्वारा मरीजों को मस्से और बवासीर का “पेटेंट इलाज” देने का झांसा दिया जाता था। इस फर्जी दावे और इलाज के नाम पर वे बेबस मरीजों से भारी-भरकम राशि की वसूली करते थे। बिना किसी डॉक्टरी ज्ञान के गंभीर बीमारियों के इलाज का दावा कर मरीजों की सेहत और जिंदगी से खिलवाड़ किया जा रहा था।

चल रहा था महिला का इलाज, सर्जरी के सामान जब्त टीम के पहुंचते ही मौके पर एक महिला मरीज का इलाज किया जा रहा था। जब अधिकारियों ने दवाखाने की सूक्ष्मता से जांच की, तो वहां से भारी मात्रा में सर्जिकल उपकरण बरामद हुए। इनमें ऑपरेशन में इस्तेमाल होने वाली कैंची, सीज़र, सिरिंज और कई अन्य सर्जिकल इंस्ट्रूमेंट शामिल हैं। बिना किसी वैध डिग्री, स्वच्छता और अनुभव के इस तरह सर्जिकल उपकरणों का इस्तेमाल मरीजों के लिए जानलेवा साबित हो सकता था।

स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मौके से मिले सभी उपकरणों और दवाइयों की सूची बनाकर पूरे मामले की विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर ली है। मुख्य खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. अमित माथुर के मार्गदर्शन में टीम द्वारा इस मामले में अग्रिम वैधानिक कार्रवाई की जा रही है, ताकि नगर में अवैध रूप से चल रहे ऐसे फर्जी दवाखानों पर पूरी तरह से अंकुश लगाया जा सके।
