

आष्टा , जैन श्वेतांबर सोशल ग्रुप, आष्टा का शपथविधि समारोह राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री कमलेश जी कोठारी की अध्यक्षता में गरिमामय वातावरण में सम्पन्न हुआ , समारोह में फेडरेशन के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री संजय जी नाहर मुख्य अतिथि के रूप में तथा राष्ट्रीय महासचिव द्वय श्री सुनील जी तांतेड़ एवं श्री पंकज जी बाफना एवं श्वेतांबर जैन श्रीसंघ अध्यक्ष पवन जी सुराना विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहे ,इस गरिमामय आयोजन की शुरुआत दीप प्रज्वलन के साथ की गई ,

तत पश्चात मान्य वोहरा ,जिनशा चतर मुथा , आरना रूणवाल , खनक कोचर , द्वारा नवकार मंत्र पर सांस्कृतिक प्रस्तुति दी । धीरा कोचर द्वारा स्वागत गीत के माध्यम से अपनी भावों को प्रकट किया ,जिसे सभी अतिथियों द्वारा सराहा गया । रीना सुराणा , जया वोहरा , दीपा सुराणा , सारिका वोहरा , पूर्णिमा रूणवाल , प्रिया श्री श्रीमाल के द्वारा देश भक्ति के गीत पर डांस की प्रस्तुति दी गई ।कार्यक्रम का संचालन नमीता सुराणा एवं दीपेश सिंगी द्वारा किया गया ।

समारोह मै ग्रुप के नवमनोनीत अध्यक्ष श्री अक्षय सलोनी जी चतरमुथा को राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री कमलेश जी कोठारी ने पद एवं दायित्व की शपथ दिलाई पदाधिकारियों के रूप में चेयरमैन राहुल महिला सुराणा , उपाध्यक्ष नमिता नीलेश सुराणा , प्रफुल्ल तमन्ना चोरडिय़ा , सचिव दीपेश वैशाली सिंगी, कोषाध्यक्ष अमरदीप नेहा कोचर , सहसचिव विशाल अंजली पारख , सांस्कृतिक सचिव सारिका विनोद वोहरा , पूर्णिमा अमित रूणवाल ,

प्रचार सचिव तरुण सोनम चतर मुथा ने पद एवं दायित्व की शपथ ली , कार्य कारिणी सदस्य राजकुमार पीनल श्रीश्री माल , नरेंद्र सीमा चतरमुथा , अतुल अपेक्षा चतरमुथा , अनिमेष हर्षिता सिंगी, गौरव दीपिका कोठारी को भी शपथ दिलाई गई । अंत मे आभार प्रदर्शन जय वोहरा ने व्यक्त किया । ग्रुप के पूर्व अध्यक्ष अभिषेक दीपा सुराना एवं यश प्रिया श्रीश्रीमाल ने कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए विशेष प्रयास किये । इस अवसर पर उपस्थित सभी जन ने नवमनोनीत अध्यक्ष को हार्दिक शुभकामनाएँ एवं बधाई प्रेषित करते हुए उनके सफल कार्यकाल की मंगलकामना की।

रूपेटा में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के सप्तम दिवसीय, सुदामा-कृष्ण मिलन और परीक्षित मोक्ष की कथा सुन भावुक हुए भक्त

आष्टा। धर्म की जड़ है दया। और पाप की जड़ अभिमान। दया धर्म को मूल है, पाप मूल अभिमान। तुलसी दया ना छोड़िए जब लग घट में प्राण।धर्म और कुछ नहीं, अपितु ईश्वर तक पहुंचने का रास्ता है ।परंतु वर्तमान दौर में जिस रास्ते पर हम चल रहे हैं। उस रास्ते से आप भगवान तो क्या, राक्षसों के पास भी नहीं पहुंच पाएंगे। सत्य के मर्म को जानना,मानना और उसका अनुसरण करना मनुष्य का असली धर्म इसी में छुपा हुआ है।धर्म न दूसर सत्य समाना। आगम निगम पुराण बखाना। उक्त सारगर्भित संदेश नवनिर्मित सेंधव क्षत्रिय राजपूत समाज धर्मशाला रूपेटा के विशाल परिसर में प्रथम बार आयोजित सात दिवसीय संगीतमय श्रीमद् भागवत कथा के सातवे दिन भागवत

भूषण संतश्री मिट्ठूपुरा सरकार द्वारा व्यक्त किया गये। कथा से पूर्व मुख्य यजमान विक्रम सिंह ठाकुर एडवोकेट सहधर्मिणी श्रीमती सुगनबाई ठाकुर द्वारा भागवत जी का पूजन कर श्री गुरुदेव को शाल, श्रीफल, दक्षिणा,अंग वस्त्र भेंटकर स्वागत किया। आगे महाराज श्री द्वारा श्रीमद् भागवत के संपूर्ण सार का वर्णन किया। और बताया कि कलयुग में हरि नाम सुमिरन और कथा सुनने का विशेष महत्व है। भगवान नाम के स्मरण मात्र से ही जीव का कल्याण हो जाता है। ज्यादा उलझने की जरूरत नहीं है। कलयुग केवल नाम अधारा। सुमरी सुमरी नर उतरेही पारा। आगे भगवान श्री कृष्ण के परम मित्र सुदामा जी की कथा को बड़े ही मार्मिक ढंग से श्रवण करवाया।

जिसे सुनकर सारे श्रोता भाव विभोर हो गए। अंत में महाराज परीक्षित के मोक्ष की कथा को बड़े ही विस्तार पूर्वक श्रवण करवाया। आज भी यदि सुखदेव जी जैसा विद्वान वक्ता और परीक्षित जैसा सुधी श्रोता मिल जाए तो सात दिन मे मुक्ति, मोक्ष संभव है। आज की महाप्रसादी वितरण का परम सौभाग्य राजेंद्र सिंह ठाकुर पूर्व सरपंच को प्राप्त हुआ। आभार धर्मशाला समिति के अध्यक्ष बलवान सिंह ठाकुर द्वारा व्यक्त किया गया। सफल संचालन दीपू ठाकुर ने किया ।इस अवसर पर मेहरबान सिंह पूर्व सरपंच राजेंद्र सिंह सरपंच भूपेंद्र सिंह रूपा खेड़ा, बलवान सिंह ठाकुर , अनार सिंह मांडकुंड,अरविंद जायसवाल पूर्व सरपंच, मानसिंह ठाकुर दीपू गजराज सिंह जितेंद्र सिंह हरेंद्र सिंह धीरज सिंह केसर सिंह, सुरेंद्र सिंह अनार सिंह ठाकुर, महेंद्र सिंह सहित बड़ी संख्या में भक्तगण उपस्थित हुवे।
