

दिनांक 09-10 अगस्त 2026 को मध्य रात्री मे हुई भारी बारिश के चलते थाना अहमदपुर के कई गांवो मे जलभरव व बाढ की स्थिति निर्मित हो गयी। जिसकी सूचना वरिष्ठ अधिकारियो को दी गयी तथा उनके मार्गदर्शन में अहमदपुर पुलिस द्वारा तत्परता से ग्राम भीलाखेड़ा एंव ग्राम गोपालपुरा मे दो परिवारो के कुल 15 लोगो को जिनमे 07 बच्चे शामिल थे जो पूरी तरह बाड़ प्रभावित ईलाके मे फसे हुऐ थे जिन्हे पुलिस की सूझबूझता एंव तत्परता से सफल रेस्केयू कर सकुशल पानी से बाहर निकाल कर सुरक्षित स्थान पर भेजा गया एंव ग्राम चरनाल,करलत पठार,गोपालपुर,बरखेड़ा हसन एंव

ग्राम चांदबड़ जागीर मे पानी पुल से उपर जाने से इन गांवो का मुख्यालय एंव मेन रोड से आवागमन प्रभावित होने से जनजीवन अस्तव्यस्त हुआ पुलिस के द्वारा ग्राम सरपंच,ग्राम कोटवार एंव ग्राम के लोगो से समन्वय स्थापित कर बाढ से बचाब संबंधित उचित व्यवस्था की गयी। सराहनीय कार्य :- निरीक्षक रमन सिहं ठाकुर,उप निरी. पुष्पेन्द्र सिंह यादव ,सउनि सुरेन्द्र सिंह सिकरवार ,प्र.आर. 597 राजेश मालवीय प्र.आर.412 अजयप्रताप सिंह,आर.282 रवि कुशवाह, आर. 274 विकास मेहर, म.आर. 61 बैशाली सै. 184 कुमेर सिंह , सै. 397 बलराम सै. 309 कृष्णपाल सिंह

सीहोर पुलिस द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति अनुसार विवरण- श्रीमान पुलिस अधीक्षक सीहोर श्रीमती सोनाक्षी सक्सेना एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री प्रशांत चौबे के निर्देशन तथा अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस) भैरूंदा श्री रोशन जैन के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी भैरूंदा निरीक्षक घनश्याम दांगी के नेतृत्व में भैरूंदा पुलिस ने त्वरित एवं सटीक कार्रवाई करते मोटरसाइकिल चोरी के आरोपी को किया गिरफ्तार घटनाक्रम:- 07.8.26 को फरियादी ने रिपोर्ट किया कि दिनांक 6/8/26 को उसकी अंनन्या रेस्टोरेंट के सामने इंदौर रोड भेरूंदा से उसकी बजाज पल्सर मोटरसाइकिल क्रमांक MP37MW9386 को संदेही प्रकाश द्वारा चोरी कर ले गया है

रिपोर्ट को गंभीरता से लेते हुए टीम गठित कर तकनीकी साक्षयों के आधार पर संदेही प्रकाश बरेला को दिनांक 08/08/26 को अभीरक्षा में लेकर बारीकी से पूछताछ की जिसने चोरी की गई मोटरसाइकिल को छुपाना बताया जिसके कब्जे से मोटरसाइकिल को बरामद किया गया। गिरफ्तार आरोपी- 1. प्रकाश बारेला पिता सुवालाल बारेला निवासी हबीब नगर लोधाबढ़ भेरूंदा सराहनीय योगदान- इस सफल कार्यवाही में प्रधान आरक्षक लोकेश रघुवंशी (193), प्रधान आरक्षक मुकेश (525), आरक्षक लवकेश जाट,, आरक्षक रविन्द्र मेहर (795) एवं आरक्षक निखिल (787) का सराहनीय योगदान रहा।




