ब्रह्मलीन त्यागी बाबा महाराज की पुण्यतिथि पर श्रद्धा से गूंजा अन्नपूर्णा मंदिर परिसर, संतों का जीवन समाज के लिए प्रकाश स्तंभ- कैलाश परमार

आष्टा। नगर के पार्वती नदी तट स्थित प्राचीन एवं प्रसिद्ध अन्नपूर्णा मंदिर परिसर में ब्रह्मलीन संत त्यागी बाबा महाराज जी की पुण्यतिथि श्रद्धा, भक्ति एवं धार्मिक आस्था के साथ मनाई गई। इस अवसर पर संत त्यागी बाबा महाराज जी के समाधि स्थल पर विधि-विधानपूर्वक पूजन-अर्चन, आरती एवं यज्ञ का आयोजन किया गया। यज्ञ की पूर्णाहुति के पश्चात विशाल भंडारे का आयोजन हुआ, जिसमें नगर एवं अंचल से बड़ी संख्या में धर्मप्रेमी श्रद्धालुओं ने पहुंचकर भोजन प्रसादी ग्रहण की।पूरे कार्यक्रम के दौरान अन्नपूर्णा मंदिर परिसर भक्तिमय वातावरण से सराबोर रहा।

श्रद्धालुओं ने ब्रह्मलीन संत त्यागी बाबा महाराज जी की समाधि पर श्रद्धासुमन अर्पित कर उन्हें नमन किया। मातृशक्ति की भी बड़ी संख्या में उपस्थिति रही।पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष कैलाश परमार ने अपने धार्मिक उद्बोधन में कहा कि संत-महात्मा किसी एक व्यक्ति या समाज के नहीं, बल्कि संपूर्ण मानव समाज के मार्गदर्शक होते हैं। ब्रह्मलीन त्यागी बाबा महाराज जी ने अपने जीवन में धर्म, अध्यात्म, सेवा, त्याग और सद्भावना का संदेश दिया। उनका जीवन हम सभी के लिए प्रेरणास्रोत है।उन्होंने कहा कि संतों की पुण्यतिथि केवल उन्हें स्मरण करने का अवसर नहीं, बल्कि उनके बताए मार्ग पर चलने और

उनके विचारों को अपने जीवन में उतारने का संकल्प लेने का पावन अवसर है। त्यागी बाबा महाराज जी की आध्यात्मिक साधना एवं सेवा भावना सदैव श्रद्धालुओं को प्रेरणा देती रहेगी।संतों के आशीर्वाद से धर्म और संस्कारों को मिलती है शक्ति : सकल हिंदू समाज अध्यक्ष नरेंद्र कुशवाहा ने श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए अपने उद्बोधन में कहा कि ब्रह्मलीन संत त्यागी बाबा महाराज जी जैसे संत समाज की अमूल्य धरोहर होते हैं। उनका पूरा जीवन धर्म, अध्यात्म, त्याग और मानव सेवा के लिए समर्पित रहा। उनकी पुण्यतिथि पर समाधि स्थल पर पहुंचकर श्रद्धासुमन अर्पित करना

हम सभी के लिए सौभाग्य और पुण्य का अवसर है।उन्होंने कहा कि आज आवश्यकता है कि हम संतों की शिक्षाओं को केवल धार्मिक आयोजनों तक सीमित न रखें, बल्कि अपने आचरण और व्यवहार में भी उतारें। संतों के बताए मार्ग पर चलकर ही समाज में संस्कार, सद्भाव, सेवा और धार्मिक चेतना को मजबूत किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि आष्टा की धार्मिक एवं संत परंपरा सदैव समृद्ध रही है और ऐसे धार्मिक आयोजन हमारी सनातन संस्कृति एवं आध्यात्मिक परंपराओं को आगे बढ़ाने का कार्य करते हैं।महामंडलेश्वर संत श्री दीपक दास महाराज का किया स्वागत-

सम्मानधार्मिक आयोजन के दौरान पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष कैलाश परमार एवं सकल हिंदू समाज अध्यक्ष नरेंद्र कुशवाहा, पूर्व पार्षद ने महामंडलेश्वर संत श्री दीपक दास महाराज जी का पुष्पमाला, शाल एवं श्रीफल भेंट कर आत्मीय स्वागत एवं सम्मान किया तथा संतश्री से आशीर्वाद प्राप्त किया।महामंडलेश्वर संत श्री दीपक दास महाराज जी के सान्निध्य में श्रद्धालुओं ने ब्रह्मलीन त्यागी बाबा महाराज जी को श्रद्धापूर्वक नमन किया।

इसके पश्चात आयोजित भंडारे में सभी भक्तजनों ने प्रेम एवं श्रद्धा के साथ भोजन प्रसादी ग्रहण की।इस अवसर पर सकल हिंदू समाज के गण मोंटू कौरी, अचल किरार, प्रेम नारायण जायसवाल, गोपाल पांचाल, मेहरबान सिंह मेवाड़ा मूंदीखेड़ी, शीतला माता समिति अध्यक्ष दिनेश सोनी, सत्यनारायण कामरिया, पं. कन्हैया लाल शर्मा, देवकरण पहलवान, लक्ष्मीनारायण खत्री, पिपलोदिया जी सहित अनेक धर्मप्रेमी नागरिक, संतभक्त एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे।

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