

आष्टा। नगर के प्राकृतिक नदी-तालाबों और पर्यावरण को प्रदूषण से मुक्त रखने तथा श्रद्धालुओं की जनभावनाओं और सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए नगरपालिका द्वारा एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। वर्ष 2010 में शासन द्वारा प्राकृतिक जल निकायों को सुरक्षित रखने हेतु केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की स्थापना की गई थी, जिसके नियमों को वर्ष 2020 में और अधिक कड़ा किया गया। साथ ही नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल और पर्यावरण संरक्षण अधिनियम 1986 के निर्देशों के पालन में निकाय स्तर पर नदी से सटाकर एक अस्थाई कच्चा विसर्जन कुंड बनाया गया था।

पिछले कई वर्षों से गणेश प्रतिमाओं, माँ दुर्गा की मूर्तियों एवं ताजियों का विसर्जन इसी कच्चे कुंड में किया जाता रहा। हालांकि कुंड के कच्चे होने, समतल व समुचित पहुंच मार्ग न होने के कारण नागरिकों और श्रद्धालुओं को विसर्जन के दौरान भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता था, जिससे अक्सर अनावश्यक भीड़ व अव्यवस्था की स्थिति निर्मित हो जाती थी। इन सभी व्यावहारिक समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए नगरपालिका अध्यक्ष श्रीमती हेमकुंवर रायसिंह मेवाड़ा ने परिषद के सहयोग से इस कच्चे विसर्जन कुंड को सर्वसुविधायुक्त एवं पक्का बनाने का ऐतिहासिक निर्णय लिया,

जिसे परिषद की बैठक में सर्वसम्मति से स्वीकृत किया गया। आज इसी पक्के विसर्जन कुंड निर्माण कार्य का भव्य भूमिपूजन कार्यक्रम नपाध्यक्ष श्रीमती हेमकुंवर रायसिंह मेवाड़ा के मुख्य आतिथ्य में संपन्न हुआ।
उक्त विकास कार्य का भूमिपूजन नपाध्यक्ष श्रीमती हेमकुंवर मेवाड़ा, नपाध्यक्ष प्रतिनिधि रायसिंह मेवाड़ा, वार्ड पार्षद राजकुमार मालवीय, कमलेश जैन सहित अन्य जनप्रतिनिधिगणों, सामाजिक कार्यकर्ताओं की उपस्थिति में संयुक्त रूप से किया गया। भूमिपूजन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए नपाध्यक्ष प्रतिनिधि रायसिंह मेवाड़ा ने कहा कि हमारी धार्मिक आस्थाओं का सम्मान और

पर्यावरण की रक्षा, दोनों हमारी सर्वाेच्च प्राथमिकताएं हैं। लंबे समय से हमारे नगरवासी और श्रद्धालु कच्चे विसर्जन कुंड के कारण काफी असुविधा झेल रहे थे। कीचड़, जर्जर रास्ते और विसर्जन के समय होने वाली अव्यवस्था से नागरिकों को मुक्ति दिलाना हमारा नैतिक कर्तव्य था। हमारी परिषद ने संकल्प लिया था कि हम इस स्थल को पक्का, व्यवस्थित और सुरक्षित बनाएंगे। आज भूमिपूजन के साथ यह संकल्प साकार होने जा रहा है। पक्का विसर्जन कुंड बनने से न केवल मां दुर्गा, भगवान श्री गणेश की प्रतिमाओं और ताजियों का विसर्जन पूरी श्रद्धा व सुगमता से हो सकेगा,

बल्कि हमारी पवित्र नदी और प्राकृतिक जल स्रोत भी प्रदूषण से पूरी तरह सुरक्षित रहेंगे। हम आष्टा के सर्वांगीण विकास और नागरिक सुविधाओं के लिए निरंतर समर्पित हैं।
मुख्य नगरपालिका अधिकारी विनोदकुमार प्रजापति ने जानकारी देते हुए बताया कि उक्त विसर्जन कुंड की लंबाई 21 मीटर, चौड़ाई 17 मीटर, गहराई 6.50 मीटर की रहेगी। विसर्जन कुंड तक जाने के लिए व्यवस्थित 120 मीटर लंबा सीसी रोड़ का निर्माण होगा तथा विसर्जन कुंड के आसपास पाथवे का निर्माण किया जाएगा। उक्त सभी निर्माण कार्य लगभग 37 लाख 21 हजार रूपये की लागत से पूर्ण होगा। भूमिपूजन अवसर पर भाजपा महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष ऋतु जैन, नपाउपाध्यक्ष प्रतिनिधि भूरू खां,

भाजपा नगर मंडल अध्यक्ष प्रतिनिधि विशाल चौरसिया, पार्षदगण कमलेश जैन, तारा कटारिया, राजकुमार मालवीय, अरशद अली, सुभाष नामदेव, अतीक कुरैशी, जाहिद गुड्डू, रवि शर्मा, तेजपाल मुकाती, हिउस अध्यक्ष भूरू मुकाती, भाजपा नगर महामंत्री धनरूपमल जैन, मोहित सोनी, एल्डरमेन शिव प्रजापति, डॉ. चंदा वोहरा, नगीनचंद्र जैन, वरिष्ठ पत्रकार सुशील संचेती, प्रेमनारायण शर्मा, हरिनारायण शर्मा, प्रेमनारायण शर्मा, युवा पत्रकार अक्षत पाठक, मनोज ताम्रकार, मनोहर भोजवानी, संजय सोनी बंटू, मनीष धारवां, पवन वर्मा, अनिल धनगर, जुगलकिशोर मालवीय, दूलीचंद कुशवाह, सलीम ठेकेदार, प्यारे पटेल, जगदीश पटेल, रवि पंडिया, माखन कुशवाह, गिरजा कुशवाह, तोसीफउद्दीन, फेजउद्दीन, मनोहर बैरागी सहित बड़ी संख्या में नागरिकगण मौजूद थे।

