होली एंजेल्स स्कूल में गूंजा “नशा मुक्त भारत” का संकल्प: 1200 से अधिक विद्यार्थियों ने ली नशे से दूर रहने की शपथ

आष्टा- देश के युवाओं को नशे की घातक कुप्रथा से दूर रखने और एक स्वस्थ, सशक्त समाज के निर्माण के उद्देश्य से इन दिनों आष्टा में जागरूकता की बयार बह रही है। इसी क्रम में, कन्नौद रोड स्थित प्रतिष्ठित होली एंजेल्स हायर सेकेंडरी स्कूल में एक भव्य नशा मुक्ति जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। विद्यालय के 1200 से अधिक विद्यार्थियों ने एक स्वर में जीवनभर नशा न करने की शपथ ली। यह प्रेरणादायक कार्यक्रम विद्यालय के मार्गदर्शक प्राचार्य शीबी वर्गीस (Shibi Varghese) के कुशल मार्गदर्शन और विद्यालय प्रबंधक जाॅनसी सीबी (Johnsy Shibi) की गरिमामयी उपस्थिति में संपन्न हुआ।

ब्रह्माकुमारीज संस्थान की विशेष उपस्थिति- कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय (शांति सरोवर, आष्टा) से पधारी दीदीयां और उनकी टीम ने छात्र-छात्राओं को अपने ओजस्वी उद्बोधन से मंत्रमुग्ध कर दिया। वक्ताओं ने तंबाकू, सिगरेट, शराब और अन्य मादक पदार्थों के दुष्प्रभावों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बेहद सरल और प्रभावी अंदाज में समझाया कि कैसे नशे की एक छोटी सी शुरुआत हंसते-खेलते परिवारों और युवाओं के उज्ज्वल भविष्य को अंधेरे में धकेल देती है।

मुख्य आकर्षण: 1200 विद्यार्थियों ने दोहराया संकल्प- कार्यक्रम का सबसे मुख्य और भावनात्मक आकर्षण वह पल रहा जब ब्रह्माकुमारीज टीम ने विद्यालय के समस्त 1200 से अधिक विद्यार्थियों और शिक्षकों को सामूहिक रूप से *नशा मुक्ति की शपथ* दिलाई। विद्यार्थियों ने हाथ आगे कर संकल्प लिया कि वे स्वयं कभी नशा नहीं करेंगे और अपने परिवार तथा समाज के अन्य लोगों को भी इस बुराई से दूर रहने के लिए प्रेरित करेंगे।

कार्यक्रम के अंत में विद्यालय परिवार द्वारा ब्रह्माकुमारीज संस्थान के सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया गया। इस अवसर पर विद्यालय के समस्त शिक्षक-शिक्षिकाएं और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे। विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्ध है विद्यालय- इस अवसर पर प्राचार्य शीबी वर्गीस ने बताया कि होली एंजेल्स स्कूल केवल किताबी शिक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि बच्चों के मानसिक, शारीरिक और नैतिक विकास के लिए निरंतर ऐसे कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।

विद्यालय में समय-समय पर निम्नलिखित विषयों पर विशेष जागरूकता अभियान चलाए जाते हैं:
*सुरक्षा एवं जागरूकता:* यातायात नियमों का पालन, स्वच्छता अभियान, साइबर फ्रॉड से बचाव, और ‘गुड टच-बैड टच’ जैसे संवेदनशील मुद्दों पर मार्गदर्शन।
*सह-शैक्षणिक गतिविधियाँ:* साक्षरता शिविर, खेल प्रतियोगिताएं, टेस्ट और क्विज प्रतियोगिताएं, रंगोली प्रतियोगिताएं, और सांस्कृतिक कार्यक्रम।
*नेतृत्व एवं कौशल विकास:* बाल दिवस मेला, पेरेंट्स मीटिंग (पीटीएम), शपथ ग्रहण समारोह, छात्र प्रतिनिधि चुनाव और अतिरिक्त कक्षाएं (एक्स्ट्रा क्लासेस)।
प्राचार्य ने कहा कि इन तमाम आयोजनों का मुख्य उद्देश्य यही है कि बच्चे पढ़ाई और खेलकूद के साथ-साथ कला, संस्कृति और नेतृत्व के क्षेत्र में भी आगे बढ़ें और अपने परिवार व देश का नाम रोशन करें।

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