

आष्टा। विद्यार्थियों के व्यावहारिक ज्ञान को बढ़ावा देने के उद्देश्य से स्थानीय टैलेन्ट इनोवेटिव स्कूल के छात्र-छात्राओं ने ‘ड्रीम रिसॉर्ट’ (होटल इंडस्ट्री) और ‘सात्विक एग्रो इंडस्ट्री’ का एक दिवसीय औद्योगिक भ्रमण (इंडस्ट्रियल विजिट) किया। इस विजिट के दौरान विद्यार्थियों को किताबी ज्ञान से परे वास्तविक कामकाजी दुनिया को करीब से देखने और समझने का अवसर मिला।

होटल इंडस्ट्री के गुर सीखे– भ्रमण के पहले चरण में विद्यार्थियों ने ड्रीम रिसॉर्ट का दौरा किया। यहाँ रिसॉर्ट प्रबंधन ने छात्रों का स्वागत किया और उन्हें होटल इंडस्ट्री की बारीकियों से अवगत कराया। विद्यार्थियों ने फ्रंट ऑफिस मैनेजमेंट, हॉस्पिटैलिटी (अतिथि सत्कार), हाउसकीपिंग, इवेंट मैनेजमेंट और फूड एंड बेवरेज डिपार्टमेंट की कार्यप्रणाली को लाइव देखा। ड्रीम रिसॉर्ट के अधिकारियों ने छात्रों को बताया कि किस तरह आधुनिक समय में टूरिज्म और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर करियर के लिए एक बेहतरीन विकल्प बनकर उभरा है।

एग्रो प्रोसेसिंग की आधुनिक तकनीक को जाना विजिट के दूसरे चरण में छात्र सात्विक एग्रो इंडस्ट्री पहुंचे। यहाँ विद्यार्थियों ने कृषि उत्पादों के प्रसंस्करण (प्रोसेसिंग), पैकेजिंग और कड़े क्वालिटी कंट्रोल (गुणवत्ता नियंत्रण) के चरणों को देखा। इंडस्ट्री के विकास जैन व तकनीकी विशेषज्ञों ने छात्रों को स्वचालित मशीनों के संचालन और पर्यावरण के अनुकूल उत्पादन तकनीकों की जानकारी दी। छात्रों ने जाना कि कैसे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में सात्विक एग्रो इंडस्ट्रीज बड़ी भूमिका निभा रही हैं।

व्यावहारिक ज्ञान है जरूरी: स्कूल प्रबंधन टैलेन्ट इनोवेटिव स्कूल के प्राचार्य सुदीप जायसवाल ने बताया कि इस तरह के आयोजन का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में उद्यमशीलता (Entrepreneurship) और व्यावहारिक समझ विकसित करना है। स्कूल प्रबंधन हमेशा छात्रों के सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्ध है। इस शैक्षणिक भ्रमण में स्कूल के शिक्षक-शिक्षिकाओं पवन मेवाड़ा,गणेश दुबे,श्रीमती रुचि मंकोड़ी,श्रीमती रीना ठाकुर और दोनों इंडस्ट्रीज के स्टाफ का सराहनीय सहयोग रहा।विशेष सहयोग व मार्गदर्शन हेतु स्कूल प्रबंधन द्वारा वरिष्ठ समाज सेवी प्रेमकुमार राय मामा, डॉ कुणाल राय,विकास जैन सात्विक व उनकी पूरी टीम को धन्यवाद देकर प्रसन्नता एवं आभार प्रकट किया इस विजिट को लेकर विद्यार्थियों में भारी उत्साह देखा गया।

आष्टा। नगरपालिका द्वारा शहर को स्वच्छ, सुंदर और स्वच्छता सर्वेक्षण 2026 में अव्वल स्थान दिलाने के उद्देश्य से एक विशेष जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत शासकीय एवं अर्द्धशासकीय विद्यालयों में स्वच्छता पाठशाला का आयोजन कर विद्यार्थियों को स्वच्छता के महत्व से अवगत कराया जा रहा है। वहीं दूसरी ओर नपाध्यक्ष प्रतिनिधि रायसिंह मेवाड़ा स्वयं मैदान में उतरकर चौक-चौराहों और नाले-नालियों की सफाई व्यवस्था का जायजा ले रहे हैं और मौके पर ही सफाई कार्य संपन्न करा रहे हैं। इसी कड़ी में आज स्थानीय पुष्प विद्यालय में

स्वच्छता सर्वेक्षण 2026 के अंतर्गत स्वच्छता पाठशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि नपाध्यक्ष प्रतिनिधि रायसिंह मेवाड़ा थे एवं अध्यक्षता विद्यालय के प्राचार्य मेलविन सीजे ने की।प्रधानमंत्री के विजन और इंदौर के मॉडल का दिया उदाहरण – स्वच्छता पाठशाला में उपस्थित सैकड़ों विद्यार्थियों एवं शिक्षक-शिक्षिकाओं को संबोधित करते हुए नपाध्यक्ष प्रतिनिधि रायसिंह मेवाड़ा ने कहा कि देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जब पहली बार देश की बागडोर संभाली थी, तब उन्होंने 2 अक्टूबर को लाल किले की प्राचीर से संपूर्ण देश में स्वच्छता

अभियान की शुरुआत की थी। यह उसी दूरदर्शी सोच और जन-भागीदारी का परिणाम है कि आज हमारा इंदौर शहर पूरे देश में स्वच्छता के मामले में लगातार नंबर वन बना हुआ है। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि आष्टा नगर को भी स्वच्छता में शीर्ष स्थान पर लाने के लिए हर नागरिक को जागरूक होना पड़ेगा। उन्होंने सभी से स्वच्छता को अपनी दैनिक दिनचर्या और आदतों में शामिल करने का आव्हान किया।विद्यार्थियों ने लिया नगर को स्वच्छ बनाने का संकल्प – कार्यक्रम के दौरान उपस्थित सभी विद्यार्थियों, शिक्षकों और नगर पालिका अमले को स्वच्छता की शपथ दिलाई गई। सभी ने एक स्वर में संकल्प लिया कि वे न स्वयं गंदगी करेंगे और न ही दूसरों को करने देंगे।

वे अपने घर, स्कूल और आसपास के परिसर को साफ-सुथरा रखकर आष्टा को स्वच्छता सर्वेक्षण में प्रथम स्थान दिलाने में अपना पूर्ण योगदान देंगे। कार्यक्रम को सोलेस्टियल वेस्ट मैनेजमेंट की प्रमुख शीना हुसैन द्वारा संबोधित करते हुए कहा कि नगर में कचरा संग्रहण वाहन प्रतिदिन चक्कर लगाकर नगर से कचरा एकत्रित करते है। आप सभी अपने परिवार, दोस्तों को घर व प्रतिष्ठान से निकलने वाला सूखा व गीला कचरा वाहन में बने अलग-अलग डस्टबिनों में डालने के लिए प्रेरित करें। इस अवसर पर पूरणसिंह मेवाड़ा, राजेन्द्र पंवार, अनुराग सारविया, राजकुमार अकेला, विनयसिंह, रोहित तिवारी, अनीश सोलंकी आदि मौजूद थे।



