
आष्टा। नगर के प्राचीन और ऐतिहासिक धार्मिक स्थलों के जीर्णाेद्धार एवं सुदृढीकरण की दिशा में नगर पालिका द्वारा तेजी से कार्य किया जा रहा है। महामंडलेश्वर एवं मां अन्नपूर्णा मंदिर के प्रमुख महंत दीपकदास त्यागी महाराज के पावन सानिध्य में नपाध्यक्ष प्रतिनिधि एवं पार्षदों की टीम ने प्राचीन धार्मिक स्थल श्री हनुमान जी महाराज खेड़ापति सरकार एवं खेड़ापति तालाब पर किए गए विभिन्न विकास कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया।

इस अवसर पर महाराजश्री ने किए गए कार्यों की सराहना की और पूरी टीम को अपना मंगलमय आशीर्वाद प्रदान किया। निरीक्षण के दौरान नपाध्यक्ष प्रतिनिधि रायसिंह मेवाड़ा ने महाराजश्री को धार्मिक स्थल के आगामी चरण के विकास कार्यों की विस्तृत कार्ययोजना से अवगत कराया। महाराजश्री ने पूरी कार्ययोजना को ध्यान से समझा और क्षेत्र की ऐतिहासिक महत्ता को बनाए रखते हुए श्रद्धालुओं की सुविधाओं को बढ़ाने के लिए अपना बहुमूल्य मार्गदर्शन दिया।विकास कार्यों की मुख्य झलकियां – नपाध्यक्ष प्रतिनिधि रायसिंह मेवाड़ा ने जानकारी देते हुए बताया कि

खेड़ापति मंदिर नगर का प्राचीन मंदिर है, जिससे नगर के हजारों श्रद्धालुओं की आस्था जुड़ी है। यहां दर्शनार्थ हजारों की संख्या में श्रद्धालुजन प्रतिदिन आते है। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए नगरपालिका द्वारा जहां सर्वसुविधायुक्त शौचालय का निर्माण कराया गया, वहीं रात्रि में अंधेरा दूर करने के लिए हाई मास्ट लाईट भी स्थापित की गई। खेड़ापति तालाब सुंदर दर्शनीय स्थल के रूप में होगा विकसित – श्री मेवाड़ा ने बताया कि पूर्व में खेड़ापति मार्ग काफी संकरा था, जिसका चौड़ीकरण का कार्य कर मार्ग को सुव्यवस्थित किया जा रहा है।

वहीं तालाब की पाल को मजबूत करने के लिए पत्थरों से पिंचिंग कार्य भी किया जा रहा है। नागरिकों की सुविधा के लिए तालाब के आसपास लोहे के पाईप की रैलिंग लगाई गई है। श्री मेवाड़ा ने कहा कि नगरपालिका द्वारा अपनी आगामी कार्ययोजना में इस तालाब को सुंदर दर्शनीय स्थल का स्वरूप देने के लिए पूर्ण प्रयास किया जा रहा है। जिससे यहां आने वाले श्रद्धालुओं को एक दिव्य और सुगठित वातावरण मिल सके। इस अवसर पर नपाध्यक्ष प्रतिनिधि रायसिंह मेवाड़ा, थाना प्रभारी गिरीश दुबे, भाजपा जिला महामंत्री तारा कटारिया, पार्षद कमलेश जैन, रवि शर्मा, तेजसिंह राठौर, सकल हिन्दू समाज अध्यक्ष नरेन्द्र कुशवाह, मनीष डोंगरे, देवकरण पहलवान आदि मौजूद थे।
