
आष्टा। नगर के सांदीपनि शासकीय उमावि आष्टा में 26 मई को कलेक्टर जिला सीहोर के मार्गदर्शन में संचालित शिक्षापुंज 0.2 कार्यक्रम के तहत कक्षा 10वीं उत्तीर्ण बच्चों के डिप्लोमा कोर्स एवं 12वीं कक्षा उत्तीर्ण विद्यार्थियों के लिए उच्च शिक्षा हेतु काॅलेज में प्रवेश के लिए एक विशेष अभियान चलाया गया है, ताकि पाॅलिटेक्निक एवं डिग्री काॅलेज में बच्चों को जानकारी के अभाव में सीट खाली रहने वाली सीट समय सीमा में भरी जा सकें। इसी तारतम्य में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत जिला सीहोर के आदेशानुसार शिक्षापुंज शिविर का आयोजन प्रातः 10ः00 से सायं 04ः00 बजे तक किया गया।

कार्यक्रम का शुभारंभ माॅ सरस्वती के चित्र पर माल्यापर्ण एवं दीपप्रज्जवलन उपस्थित अतिथियों के द्वारा किया गया। शिक्षापुंज कार्यक्रम में आष्टा विकासखण्ड के शासकीय/अशासकीय विद्यालय के प्राचार्य एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों को संबोधित करते हुए संस्था प्राचार्य सितवत खान ने बताया कि इस शिक्षापुंज कार्यक्रम का मूल उद्देश्य है, अपने विद्यालय एवं ग्राम-नगर में अप्रवेशित विद्यार्थियों को जैसे कक्षा 10वीं उत्तीर्ण विद्यार्थी को डिप्लोमा कोर्स एवं 12वीं उत्तीर्ण विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा हेतु महाविद्यालय में प्रवेश दिलाना।

उन्होंने यह भी कहा कि ड्राॅपआउट विद्यार्थी विपरीत परिस्थितियों के कारण शिक्षा की मुख्य धारा से अलग हो जाते हैं किन्तु सही जानकारी प्राप्त कर शासन की विभिन्न योजनाओं का लाभ लेते हुए वो स्तरीय शिक्षा प्राप्त कर सकते है। इस अवसर पर जिला शिक्षा प्रशिक्षण संस्थान सीहोर से डाॅ. मंगलेश जायसवाल ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षा वह दीपक है, जो अंधेरे जीवन में उजाला भर देता है, लेकिन इसमें से कुछ विद्यार्थी किसी कारणवश कक्षा 10वीं एवं 12वीं उत्तीर्ण होकर आगे पढ़ाई छोड़ देते है। कोई आर्थिक, पारिवारिक या अन्य परिस्थितियों से हार मानकर महाविद्यालय में प्रवेश नही ले पाते है।

परंतु विद्यालय से पढ़ाई छोड़ देना अंत नही है, बल्कि आप आपके पढ़ाएं हुए शिक्षिकों का मार्गदर्शन प्राप्त कर अपने आगे की पढ़ाई सूचारू रूप से कर के अपने उज्जवल भविष्य का निर्माण कर सकते है। कार्यक्रम में शिक्षापुंज 0.2 को सफल बनाने के लिए शासकीय शहीद भगत सिंह महाविद्यालय आष्टा के प्राचार्य धर्मेन्द्र सूर्यवंशी एवं प्रतिनिधि मंडल डाॅ. ललिता राय, डाॅ. मेघा जैन, मुकेश परमार, बने सिंह मेवाड़ा, राजेश्वर भूतिया द्वारा अपने महाविद्यालय में संचालित विभिन्न कौर्स एवं उपलब्ध सुविधाओं तथा शासन द्वारा महाविद्यालय में संचालित योजनाओं के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई।

प्राचार्य धर्मेन्द्र सूर्यवंशी ने बताया कि शासकीय महाविद्यालय आष्टा में शासन की विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत विद्यार्थियों को लाभांविंत किया जाता है और उच्च स्तर की शिक्षा प्रदान की जाती है। शासकीय उमावि मैना के प्राचार्य निलेश सक्सेना ने कहा कि प्रचार-प्रसार के अभाव में ग्रामीण क्षेत्र के वंचित वर्ग के विद्यार्थी शासन की योजनाओं की जानकारी नहीं होने के कारण लाभांवित नही हो पाते है। अतः महाविद्यालय के लिए संचालित विभिन्न योजनाओं की जानकारी स्कूलों में दी जानी चाहिएं। कार्यक्रम का संचालन संस्था के शिक्षक सतीश वर्मा द्वारा किया गया। शासकीय उमावि लोरासकलां के प्राचार्य मांगीलाल चैहान ने आभार प्रदर्शन कर दी गई जानकारी के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया।

कार्यक्रम में प्राचार्य ज्ञान सिंह पचलासिया, रतन सिंह परमार, सीमा जैन, जीवन सिंह ठाकुर, कल्याण सिंह ठाकुर, सजन सिंह मालवीय, महेन्द्र तोमर, मुकेश चित्तौड़ा, महेन्द्र कुमार झाला, ज्ञान सिंह मेवाड़ा, डी.के. मरेठा, सुरेश जावरिया, लोकेन्द्र सिंह ठाकुर, आर.पी. मालवीय, कमल सिंह मालवीय, राजीव सारसिया, मुकुंद सिंह बरोड़िया, एस.के. सिंगारिया, राजेश राठौर एवं अभिभावक एवं विद्यार्थी आदि उपस्थित रहे।