
नारी सम्मान, धर्म और संस्कृति के संरक्षण को समर्पित आष्टा शहर का सबसे बड़ा ‘निशुल्क गरबा महोत्सव’ आगामी 15 और 16 अक्टूबर को भगवती पैलेस के विशाल मैदान में आयोजित होने जा रहा है। ‘एमपी 37 इवेंट’ (MP 37 Event) के बैनर तले आयोजित यह भव्य गरबा महोत्सव पूरे आष्टा शहर में चर्चा और आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। इस वर्ष ‘एमपी 37 इवेंट’ की अध्यक्ष श्रीमती मोना राजेश मेवाडा और उपाध्यक्ष श्री धर्मेंद्र सिंह दरबार के नेतृत्व में यह आयोजन किया जा रहा है।

गरबा महोत्सव की पूर्व तैयारियों के तहत 3 अक्टूबर से 14 अक्टूबर तक बालिकाओं एवं महिलाओं के लिए निशुल्क गरबा प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया जा रहा है। इसमें आष्टा के विभिन्न स्कूलों की बच्चियां बड़े उत्साह के साथ भाग ले रही हैं। बेटियों को गरबा खेलने में कोई परेशानी न हो और वे पूरे आनंद के साथ नृत्य कर सकें, इसके लिए भगवती पैलेस में एक बहुत बड़ा और सुसज्जित मैदान तैयार किया गया है। इतना बड़ा आयोजन और मैदान देखकर बच्चों व प्रतिभागियों में भारी उत्साह है।

अध्यक्ष मोना राजेश मेवाडा ने अपनी पूरी टीम के साथ आष्टा के विभिन्न स्कूलों में जाकर बच्चों से संवाद किया। उन्होंने बच्चों को सनातन धर्म, संस्कृति और धार्मिक आयोजनों के महत्व से अवगत कराया और उन्हें अपनी परंपराओं को अपनाने के लिए प्रेरित किया। इस पूरे आयोजन को भव्य बनाने में ‘एमपी 37 इवेंट’ की पूरी टीम का सराहनीय और निरंतर सहयोग मिल रहा है। बच्चों की खुशी और उनके उत्साह ने इस महोत्सव को ‘आष्टा की शान’ बना दिया है।
नगरपालिका ने 30 कचरा संवेदनशील क्षैत्रों को किया कचरा मुक्त


आष्टा। नगर को स्वच्छ, सुंदर और कचरा मुक्त बनाने के लिए नगरपालिका द्वारा एक विशेष और सराहनीय अभियान की शुरुआत की गई है। नपाध्यक्ष श्रीमती हेमकुंवर रायसिंह मेवाड़ा के आदेश पर एवं मुख्य नगरपालिका अधिकारी विनोदकुमार प्रजापति के निर्देशानुसार नपा के स्वच्छता अमले ने त्वरित कार्रवाई करते हुए नगर के विभिन्न वार्डों और क्षेत्रों में लगभग 30 कचरा संवेदनशील क्षैत्रों (गारबेज वल्नरेबल पॉइंट्स) का चयन किया। इन चिन्हित स्थानों पर नागरिकों द्वारा लंबे समय से कचरा फेंका जा रहा था,

जिससे वहां गंदगी और बीमारियां पनपने का खतरा बना हुआ था। स्वच्छता अमले ने इन सभी स्थानों की समुचित साफ-सफाई कर इन्हें पूरी तरह कचरा मुक्त कराया है। नगरपालिका द्वारा इन स्थलों पर दोबारा कचरा फेंकने पर पूर्णतः प्रतिबंध लगा दिया गया है। प्रतिबंधित करने के साथ ही नगर को खूबसूरत बनाने के लिए इन सभी 30 संवेदनशील क्षैत्र का सौंदर्यीकरण कार्य भी कराया गया, ताकि लोग वहां कचरा फेंकने के बजाय स्वच्छता के प्रति जागरूक हों।स्वच्छ आष्टा-सुंदर आष्टा बनाने में नागरिक सहयोग करें – नगर को कचरा मुक्त करने के लिए नपाध्यक्ष प्रतिनिधि

रायसिंह मेवाड़ा ने नगरवासियों से अपील करते हुए कहा कि है हमारी परिषद नगर को स्वच्छता के मामले में शीर्ष पर ले जाने के लिए प्रतिबद्ध है। स्वच्छता अमला दिन-रात मेहनत कर शहर को साफ रख रहा है, लेकिन कोई भी शहर तब तक पूरी तरह स्वच्छ और सुंदर नहीं बन सकता, जब तक कि उसमें वहां के नागरिकों की भागीदारी न हो। आप सभी नगरवासियों से अपील है कि स्वच्छ आष्टा-सुंदर आष्टा बनाने में अपना अमूल्य सहयोग प्रदान करें। निर्धारित स्थानों या कचरा गाड़ियों में ही कचरा डालें, सड़कों या प्रतिबंधित किए गए सौंदर्यीकृत स्थलों पर गंदगी बिल्कुल न फैलाएं।

30 कचरा संवेदनशील क्षैत्र को किया कचरा मुक्त- सीएमओ विनोद कुमार प्रजापति ने जानकारी देते हुए बताया कि नगरपालिका शहर की स्वच्छता व्यवस्था को लेकर बेहद गंभीर है। गत दिनों नगर के ऐसे 30 पॉइंट चिन्हित किए थे जहां लगातार कचरा फेंककर गंदगी की जा रही थी। अब इन स्थानों का कायाकल्प कर इन्हें सुंदर बनाने के लिए नपा तैयारी कर रहीी है। नागरिकों से अपेक्षा है कि वे इन स्थलों की सुंदरता बनाए रखने में नपा का सहयोग करें। अगर कोई भी नागरिक प्रतिबंधित किए गए इन स्थानों पर कचरा फेंकते हुए पाया जाता है, तो नगरपालिका नियमों के तहत सख्त दंडात्मक कार्रवाई करेगी। इस अभियान में स्वच्छता पर्यवेक्षक विनोद सांगते, राजकुमार अकेला, अनस खां, रैहान पठान सहित अन्य सफाई मित्रों का सराहनीय योगदान रहा।

