पुलिस पंचायत में आवेदन सुनवाई के पहले ही बेटा बोला बिल्कुल परेशान नहीं करूँगा, एक साल भर दस हजार दूसरे साल तीस हजार की डिमांड लेकर पहुँचा एजेंट झूठ बोलकर कराई पॉलिसी

पुलिस अधीक्षक सीहोर। श्रीमती सोनाक्षी सक्सेना के निर्देश पर गठित सीनियर सिटीजन पुलिस पंचायत की बैठक कार्यालय में आयोजित की गई। बैठक में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ प्रशांत चौबे के नेतृत्व में कोर कमेटी सदस्य श्री अनिल पालीवाल, श्री साधु राम शर्मा, श्री कमल सिंह ठाकुर, श्री विपुल चांडक की उपस्थिति में संपन्न हुई। बैठक के दौरान पंचायत में विभिन्न प्रकरणों की सुनवाई की गई।

प्रकरण क्रमांक 01 ग्रामीण क्षेत्र के सीनियर सिटीजन ने शिकायत की कि उनके द्वारा जमीन के संबंध में सौदा तय किया गया था तथा इसके बदले में राशि 10 लाख रुपए की दी गई थी लेकिन बाद में पता चला की विक्रेता की स्थिति ठीक नहीं है तथा जमीन विक्रय संभव नहीं है, तो सौदा रद्द कर दिया था तथा रुपया वापसी के लिए बात हुई थी अनवेदक द्वारा कुछ राशि वापस की गई उसके पश्चात् राशि वापस नहीं करी। सुनवाई के दौरान अनावदेक के द्वारा रुपये वापसी के लिए समय की डिमांड की गई। पंचायत में परामर्श की यदि विवाद कानूनी तौर पर उलझेगा, तो दोनों पक्षों को
समय अन्य संसाधनों का नुकसान होगा, सहमति से कार्य करने पर दोनों पक्ष ज्यादा अच्छी स्थिति में रहेंगे। सहमति बनी कि दिवाली तक हर हाल में आवेदक के पूरे रुपये वापस किए जाएंगे। अन्यथा, वैधानिक कार्रवाई होगी। दोनों पक्षों की सहमति से उक्त समय तय किया गया।

प्रकरण क्रमांक 02
सीहोर निवासी सीनियर सिटीजन द्वारा आवेदन प्रस्तुत किया गया था की उनका बेटा शराब पीकर परेशान करता है तथा गाली गलौच आदि करता है। परिवार के अन्य सदस्यों से भी झगड़ा विवाद करता है। आवेदन पत्र पंचायत द्वारा सुनवाई में लिया गया। आज निर्धारित दिनांक पर आवेदक ने उपस्थित होकर बताया कि पंचायत की सुनवाई की बात पर बेटे ने माफी मांगी तथा लड़ाई, झगड़ा आदि बंद कर दिया है तथा प्रण किया है कि विवाद झगड़ा नहीं करेगा। पंचायत की कार्रवाई की आवेदक द्वारा भूरी भूरी प्रशंसा की गई तथा बताया गया कि सिर्फ पंचायत के सुनवाई के नाम पर ही उन्हें सम्मान वापस मिला। इसके लिए धन्यवाद ज्ञापित किया पंचायत के द्वारा भविष्य में किसी भी परेशानी पर तुरंत संपर्क करने हेतु बताया।

प्रकरण क्रमांक 03- शहर क्षेत्र की निवासी आवेदिका की शिकायत थी कि प्राइवेट हेल्थ इंश्योरेंस कंपनी के कर्मचारी द्वारा झूठा वादा करके पॉलिसी कराई गई पहले दस हजार जमा कराए तथा बताया कि दो साल बाद हर वर्ष इतने रुपये मिलेंगे बाद में कहा कि ₹30000 और देने होंगे इस पर पंचायत के द्वारा आवेदिका की पॉलिसी देखी गई तो पॉलिसी हेल्थ इंश्योरेंस की ज्ञात हुई तथा उसमें रिफंड के प्रावधान नहीं होना तथा प्रीमियम राशि दस हजार ही होना ज्ञात हुआ। प्रकरण में आनावेदक पक्ष के दस्तावेज सहित उपस्थिति हेतु आगामी तिथि निर्धारित की गई।

प्रकरण क्रमांक 04
रहटी क्षेत्र के 75 वर्षीय सीनियर सिटीजन ने शिकायत की कि उनकी जमीन पर उनके भतीजे ने कब्जा कर रखा है तथा उनकी बहन की जमीन भी उसी के कब्जे में है। सुनवाई के दौरान अनवेदक के द्वारा बताया गया कि उनके एक ताऊ की मकान में आवेदक रहते हैं तथा वह यदि वो छोड़ दे तो वह जमीन भी छोड़ देंगे। पंचायत के दौरान दोनों पक्षों के दस्तावेज देखे गए तथा दस्तावेज से स्पष्ट होगी, जिस मकान की बात अनावेदक के द्वारा कही जा रही है उसके संबंध में दस्तावेज आदि के संबंध में दोनों पक्षों के अपने अपने दावे, जिनमें स्पष्टीकरण की स्थिति नहीं है।

लेकिन खेती की जमीन जो कि आवेदक की है उस पर अनावेदक का कब्जा गलत है पंचायत के द्वारा आवेदक के कृषि भूमि आवेदक को प्रदान करने कहा गया। इस संबंध में अनावेदक ने कहा कि वह तैयार है। आवेदक के द्वारा शंका की स्थिति में पुलिस की सहायता प्रदान की जाएगी। सहमति से अपनी अपनी जमीन पर खेती की जाए। तथा मकान के संबंध में दस्तावेज़ी स्पष्टीकरण स्थापित किया जाए। विवाद आदि की स्थिति न बने, यह सुनिश्चित किया जाए। के निर्धारण के साथ प्रकरण का समाधान दर्ज हुआ।अन्य प्रकरणों में भी सुनवाई की गई कुछ में आगामी तिथि का निर्धारण तथा कुछ में किन्हीं पक्षों की उपस्थिति या दस्तावेज आदि के लिए निर्धारण किया गया।

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