

आष्टा । शहर के बुधवारा, पुराना बस स्टैंड क्षेत्र में लंबे समय से चली आ रही जलभराव और निकासी की समस्या के स्थाई समाधान के लिए नगर पालिका प्रशासन ने कमर कस ली है। नपाध्यक्ष श्रीमती हेमकुंवर रायसिंह मेवाड़ा के निर्देशों के बाद, तकनीकी अधिकारियों द्वारा जल निकासी की एक मजबूत वैकल्पिक व्यवस्था तैयार की गई है। इसके तहत सेठी पेट्रोल पंप के समीप से एक बड़े नाले का निर्माण कार्य युद्धस्तर पर प्रारंभ कर दिया गया है।इस निर्माण कार्य की प्रगति और गुणवत्ता का जायजा लेने के लिए नगर पालिका अध्यक्ष प्रतिनिधि रायसिंह मेवाड़ा,

मुख्य नगर पालिका अधिकारी विनोद कुमार प्रजापति ने संयुक्त रूप से निरीक्षण किया।जलभराव की समस्या से मिलेगा परमानेंट छुटकारा – बुधवारा, पुराना बस स्टैंड और उसके आसपास का क्षेत्र हल्की सी बारिश में भी जलमग्न हो जाता था, जिससे स्थानीय व्यापारियों, राहगीरों और रहवासियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता था। इस गंभीर जलवायु व ड्रेनेज समस्या को देखते हुए नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती मेवाड़ा ने लोक स्वास्थ्य और जनसुविधा को प्राथमिकता देते हुए तकनीकी अमले को तुरंत एक्शन प्लान बनाने के निर्देश दिए थे।

अधिकारियों द्वारा सर्वे करने के बाद सेठी पेट्रोल पंप के पास से एक बड़े नाले के निर्माण की कार्ययोजना स्वीकृत की गई, ताकि क्षेत्र के पानी की निकासी सुगम और तीव्र गति से हो सके।निरीक्षण के दौरान दिए गुणवत्तापूर्ण और समय पर कार्य के निर्देश – निरीक्षण के दौरान अध्यक्ष प्रतिनिधि रायसिंह मेवाड़ा ने निर्माण कार्य की बारीकियों को देखा और ठेकेदार सहित तकनीकी अधिकारियों को निर्देशित किया कि कार्य में उच्च गुणवत्ता वाली निर्माण सामग्री का ही उपयोग किया जाए। उन्होंने कहा जनता की सुविधा हमारे लिए सर्वोपरि है। इस नाले के बन जाने से पुराना बस स्टैंड क्षेत्र के लोगों को जलभराव की बरसों पुरानी समस्या से हमेशा के लिए मुक्ति मिल जाएगी।

मुख्य नगर पालिका अधिकारी विनोद कुमार प्रजापति ने तकनीकी अमले को निर्देश दिए कि आगामी मानसून को ध्यान में रखते हुए कार्य की गति को बढ़ाया जाए, ताकि बारिश का मौसम शुरू होने से पहले नाले का बड़ा हिस्सा आकार ले सके और नागरिकों को इसका लाभ मिल सके। उन्होंने काम के दौरान यातायात व्यवस्था में कोई व्यवधान न हो, इसका विशेष ध्यान रखने की बात भी कही। निरीक्षण के दौरान नपाध्यक्ष प्रतिनिधि रायसिंह मेवाड़ा, सीएमओ विनोदकुमार प्रजापति, पूर्व उपयंत्री प्रमोदकुमार साहू, कैलाश बागवान, रमेश यादव, जितेन्द्र बुदासा फूलसिंह मालवीय, लखन वर्मा, लाडसिंह ठाकुर आदि मौजूद थे।

