

आष्टा:- समाज सेवा और संगठन के विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, आष्टा निवासी श्री राकेश विश्वकर्मा को “सारथी विश्वकर्मा समाज कल्याण सेवा संगठन भारत” का सीहोर जिला अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। यह नियुक्ति संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री रामकिशोर विश्वकर्मा की विशेष अनुशंसा पर, प्रदेश अध्यक्ष श्री शंभु प्रसाद शर्मा द्वारा प्रदान की गई है।

राकेश विश्वकर्मा को यह नई जिम्मेदारी मिलने से सीहोर जिले के विश्वकर्मा समाज में अभूतपूर्व हर्ष और उत्साह का माहौल है। समाज के उत्थान, कल्याण और अधिकारों के प्रति समर्पित श्री राकेश विश्वकर्मा के मनोनयन पर स्थानीय समाजजनों ने आष्टा पहुंचकर उनका भव्य स्वागत किया। सभी ने उन्हें फूल-माला पहनाकर और मुंह मीठा कराकर बधाई दी तथा उनके उज्ज्वल भविष्य की आत्मीय शुभकामनाएं प्रेषित कीं।

इस अवसर पर संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारियों और समाजजनों ने विश्वास जताया कि राकेश विश्वकर्मा के नेतृत्व में सीहोर जिले में संगठन को नई मजबूती मिलेगी और समाज के जरूरतमंदों तक योजनाओं का लाभ पहुंचेगा। बधाई देने वालों में मुख्य रूप से राष्ट्रीय अध्यक्ष रामकिशोर विश्वकर्मा, प्रदेश अध्यक्ष शंभू प्रसाद शर्मा, उमा विश्वकर्मा, अजय विश्वकर्मा, राजेश विश्वकर्मा, उधम सिंह विश्वकर्मा, विनोद विश्वकर्मा, सत्य नारायण लोहार, चंद्रशेखर विश्वकर्मा, रवि विश्वकर्मा, मुकेश विश्वकर्मा सहित बड़ी संख्या में समाजबंधु उपस्थित रहे।

संगठन के मुख्य संरक्षक एवं सलाहकार राजबहादुर विश्वकर्मा द्वारा संगठन की ओर से शुभकामना संदेश- राकेश जी, आपको जिला अध्यक्ष पद की यह नई जिम्मेदारी मिलना हम सभी के लिए अत्यंत गौरव का क्षण है। आपकी कर्तव्यनिष्ठा और समाज सेवा के प्रति समर्पण को देखते हुए यह दायित्व पूरी तरह सार्थक सिद्ध होगा। हमें पूर्ण विश्वास है कि आपके नेतृत्व में सीहोर जिले का विश्वकर्मा समाज और अधिक संगठित होकर विकास के नए आयाम स्थापित करेगा। आपके सफल एवं उज्ज्वल कार्यकाल के लिए अनंत शुभकामनाएं!”

गुरु के वचन केवल कान से नहीं मन की गहराई से सुनना- संत श्री मिट्ठूपुरा सरकार

आष्टा। गुरु के वचन केवल कान से नहीं मन की गहराई से सुनना। एक-एक वचन को हृदय में उतरना, और उस पर आचरण करना ही गुरु के वचनों का सम्मान है। पांच पहर धंधा किया, तीन पहर सोए। एक पर ना सत्संग किया, फिर मुक्ति कैसे होय। उक्त बहुत ही प्रेरक विचार सेंधव समाज धर्मशाला रूपेटा में चल रही सात दिवसीय संगीतमय श्रीमद् भागवत कथा के चतुर्थ दिवस मालवा माटी के संत श्री मिट्ठूपुरा सरकार द्वारा व्यक्त किए गए। कथा से पूर्व मुख्य यजमान विक्रम सिंह ठाकुर एडवोकेट द्वारा पूज्य गुरुदेव का शाल श्रीफल और साफा बांधकर सम्मान किय।

इस अवसर पर ग्राम वासियों द्वारा स्नेह भोज, सुंदरकांड पाठ, और नवनिर्मित धर्मशाला का लोकार्पण विधायक श्री गोपाल सिंह इंजीनियर द्वारा किया गया। इस पावन अवसर पर विधायक जी द्वारा 15 लाख रुपए और एक पानी का टैंकर धर्मशाला समिति एवं ₹11000 वाद्य यंत्रों और 5100 कथा व्यासजी को देने की घोषणा की। सभी ग्राम वासियों द्वारा विधायक जी का आत्मीय स्वागत कर धन्यवाद आभार ज्ञापित किया। आगे महाराज श्री द्वारा बताया कि बार-बार मां के गर्भ में आना और फिर मृत्यु को प्राप्त करना इस आवागमन से मुक्ति के लिए सत्संग बहुत जरूरी है।

संतो के संग से मनुष्य की बुद्धि पवित्र होती है। जब जब इस पृथ्वी पर अधर्म और अत्याचार बढ़ता है तब भगवान किसी न किसी रूप में अवतार लेकर राक्षसों का संघार करते हैं। जब जब हो यह धर्म के हानि। बाढ़ही असुर अधम अभिमानी। तब तब धरी प्रभु विविध शरीरा। हरहु कृपा निधि सज्जन पीरा। आज कथा में भी गुरुदेव द्वारा बताया गया कि किस धारा धाम पर जब मथुरा के राजा कंस का बहुत अत्याचार बढ़ गया। सज्जन व्यक्तियों का इस भूमि पर रहना दुभर हो गया। तब पृथ्वी माता ने गाय का रूप धारण कर भगवान से प्रार्थना की।

कंस के अत्याचार से मुक्ति के लिए भगवान श्री कृष्ण ने मनुष्य रूप में जन्म लेकर पापी कंस का वध किया। आज भगवान श्री कृष्ण का जन्मोत्सव बड़े ही धूमधाम से मनाया गया। जन्मोत्सव के पावन अवसर पर गाए हुए मधुर भजनों पर सभी श्रोताओं ने भाव विभोर होकर नृत्य किया। इस अवसर पर विधायक गोपाल सिंह इंजीनियर, रविंद्र सिंह बाबा साहब, महेंद्र सिंह ठाकुर जिला अध्यक्ष युवा मोर्चा, वीरेंद्र सिंह पटाडा, भूपेंद्र सिंह कृपाराम मितवाल, मेहरबान सिंह पूर्व सरपंच, महेंद्र सिंह सचिव, केसर सिंह ठाकुर, बलवान सिंह ठाकुर, राजेंद्र सिंह ठाकुर राकेश मालवीय सरपंच, धीरज सिंह ठाकुर, अके सिंह ठाकुर, नरेंद्र सिंह ठाकुर, मनोहर सिंह पटेल, सहित बड़ी संख्या में भक्तगण पधारे।
