

आष्टा के प्राचीन शंकर मंदिर से कुबेरेश्वर धाम जा रही 101 सदस्यीय कावड़ यात्रा का किलेरामा में भव्य स्वागतआष्टा में आज उस समय भक्तिमय वातावरण और भी भावुक हो गया, जब पुष्पगिरी जा रहे प्रसिद्ध संत बाबा रामदेव एवं अंतरराष्ट्रीय कथा वाचक पंडित प्रदीप मिश्रा कावड़ यात्रा के स्वागत स्थल किलेरामा पर रुके और 101 कावड़ यात्रियों को आशीर्वाद प्रदान किया। पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष कैलाश परमार एवं प्रदीप प्रगति महासचिव प्रभु प्रेमी संघ सहित अन्य उपस्थित श्रद्धालुओं ने संतद्वय के चरण स्पर्श कर आशीर्वाद प्राप्त किया।बाबा रामदेव ने कावड़ यात्रा को आस्था और श्रद्धा का प्रतीक बताते हुए श्रद्धालुओं की भक्ति एवं सेवा भावना की सराहना की।

वहीं पंडित प्रदीप मिश्रा की उपस्थिति से कार्यक्रम का वातावरण और अधिक भक्तिमय हो गया। दोनों संतों के दर्शन और आशीर्वाद पाकर कावड़ यात्री एवं उपस्थित श्रद्धालु अभिभूत नजर आए।आष्टा के प्राचीन शंकर मंदिर से कुबेरेश्वर धाम के लिए पैदल रवाना हुई 101 सदस्यीय कावड़ यात्रा का पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष कैलाश परमार के नेतृत्व में ग्राम किलेरामा पर भव्य स्वागत किया गया।“बम-बम भोले” के जयकारों से पूरा वातावरण शिवमय हो गया। कैलाश परमार मित्र मंडल द्वारा कावड़ यात्रियों के लिए भोजन के पैकेट एवं जलपान की विशेष व्यवस्था की गई। भोजन एवं जलपान ग्रहण करने के पश्चात कावड़ यात्रा पुनः कुबेरेश्वर धाम के लिए रवाना हुई।

इस अवसर पर पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष कैलाश परमार ने कहा कि, “कावड़ यात्रा केवल पैदल चलना नहीं है, यह आस्था और श्रद्धा का जीवंत प्रतीक है। यह तप, सेवा और सामाजिक एकता का उदाहरण है। भगवान शिव के प्रति समर्पित इन 101 कावड़ियों की श्रद्धा देखकर मन गदगद हो गया। हमारी संस्कृति में ‘अतिथि देवो भव’ और ‘सेवा परमो धर्म’ कहा गया है। इसी भावना के साथ परमार मित्र मंडल ने कावड़ यात्रियों के भोजन एवं जलपान की व्यवस्था की।” उन्होंने बाबा कुबेरेश्वर से सभी श्रद्धालुओं की मनोकामना पूर्ण होने तथा प्रदेश में सुख, शांति एवं समृद्धि की कामना की।

कावड़ यात्रा में प्रमुख रूप से रवि कुशवाह, रजत सोनी, छोटू जायसवाल, शिवांश परसाई, बलवीर ठाकुर सहित 101 कावड़ यात्री शामिल रहे। स्वागत कार्यक्रम में वरिष्ठ समाजसेवी प्रदीप प्रगति, विनोद सिंह राजपूत, शुभम शर्मा, राज परमार, श्री अर्जुन सिंह अजय, हंसराज परमार, डॉ. नितीन परमार, रवि विश्वकर्मा ,पल्लव प्रगति ,आशु पटवा दिव्यांश प्रगति राजेश वर्मा सहित सैकड़ों श्रद्धालुजन उपस्थित रहे। संतों का आशीर्वाद, शिवभक्ति और सेवा भावना—इन तीनों के संगम ने कावड़ यात्रा के स्वागत समारोह को यादगार बना दिया।

आष्टा से कुबेरेश्वर धाम के लिए निकली विशाल कांवड़ यात्रा, पं. प्रदीप मिश्रा और बाबा रामदेव ने किया यात्रियों का अभिनंदन

आष्टा- धर्म और आस्था की नगरी आष्टा से कुबेरेश्वर धाम (सीहोर) के लिए एक भव्य और अलौकिक कांवड़ यात्रा निकाली गई। भगवान भोलेनाथ की भक्ति में लीन हजारों श्रद्धालुओं का जनसैलाब इस कांवड़ यात्रा में उमड़ पड़ा, जिससे पूरा मार्ग ‘हर-हर महादेव’ और ‘जय शिव शंभू’ के जयकारों से गुंजायमान हो उठा।

भगवान भोलेनाथ के पूजन के साथ शुभारंभ- कांवड़ यात्रा का शुभारंभ आष्टा स्थित ऐतिहासिक शंकर मंदिर से हुआ। यहाँ कांवड़ियों ने भगवान भोलेनाथ का विधि-विधान से पूजन-अर्चन व दर्शन कर यात्रा का शंखनाद किया। सिर पर पवित्र जल की कांवड़ उठाए श्रद्धालु भजनों की धुन पर झूमते हुए आगे बढ़ते रहे। मंदिर प्रांगड़ से ही आष्टा नगर पालिका अध्यक्ष प्रतिनिधि राय सिंह मेवाड़ा द्वारा सभी कावड़ियों का स्वागत अभिनंदन किया गया।

किलेरामा में संतों का मिला सानिध्य- यात्रा जब आष्टा के किलेरामा पहुँची, तो वहाँ आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिला। योग गुरु बाबा रामदेव एवं कुबेरेश्वर धाम के प्रख्यात कथावाचक पंडित प्रदीप जी मिश्रा जी ने मार्ग में रुककर यात्रा का स्वागत किया। दोनों महान हस्तियों ने कांवड़ यात्रियों पर पुष्प बरसाकर उनका आत्मीय अभिनंदन किया। इस दौरान कांवड़ियों ने संतों के दर्शन कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया, जिससे शिवभक्तों का उत्साह कई गुना बढ़ गया। किलेरामा में आष्टा के विधायक गोपाल सिंह इंजीनियर ने भी कावड़ यात्रा का स्वागत किया वही पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष की मित्र मंडली द्वारा कावड़ यात्रियों के लिए भोजन प्रसादि की व्यवस्था कर सभी का स्वागत अभिनंदन किया।

कुबेरेश्वर धाम में जलाभिषेक- विभिन्न मार्गों से होती हुई यह कांवड़ यात्रा अपने गंतव्य स्थल प्रसिद्ध कुबेरेश्वर धाम पहुँची। यहाँ सभी कांवड़ यात्रियों ने कतारबद्ध होकर विधि-विधान से पूजन-अर्चन किया और लाए गए पवित्र जल से भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक व विशेष पूजन संपन्न किया। जलाभिषेक के बाद श्रद्धालुओं ने देश और क्षेत्र में सुख-समृद्धि की कामना की।
