

आष्टा। प्रदेश सहित नगर में बढ़ते तापमान और भीषण गर्मी के प्रकोप को देखते हुए नागरिकों को निर्बाध और शुद्ध पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए नगर पालिका प्रशासन मुस्तैद हो गया है। इसी क्रम में आज नपाध्यक्ष प्रतिनिधि रायसिंह मेवाड़ा ने परिषद सदस्यों के साथ कन्नौद रोड स्थित दोनों जल शुद्धिकरण संयंत्रों का औचक निरीक्षण किया।व्यवस्थाओं का लिया जायजा – निरीक्षण के दौरान श्री मेवाड़ा ने संयंत्रों की कार्यप्रणाली को बारीकी से समझा।

उन्होंने मौके पर उपस्थित जलशाखा के अधिकारियों और कर्मचारियों से जल शोधन की प्रक्रिया पर चर्चा की। नपाध्यक्ष प्रतिनिधि ने स्पष्ट किया कि गर्मी के मौसम में पानी की मांग बढ़ जाती है, ऐसी स्थिति में किसी भी तकनीकी खराबी या लापरवाही के कारण नगर की जलापूर्ति प्रभावित नहीं होनी चाहिए।शुद्धता पर विशेष जोर – पेयजल की गुणवत्ता को प्राथमिकता देते हुए नपाध्यक्ष प्रतिनिधि रायसिंह मेवाड़ा ने अधिकारियों को दिशा-निर्देश देते हुए कहा कि एलम-ब्लीचिंग का सही मिश्रण हो, उन्होंने जल शुद्धिकरण में उपयोग होने वाली एलम और ब्लीचिंग पाउडर की वर्तमान मात्रा और स्टॉक की जानकारी ली।

उन्होंने निर्देश दिए कि मानकों के अनुरूप ही रसायनों का उपयोग किया जाए ताकि नागरिकों को पूरी तरह शुद्ध जल मिल सकें। जल स्रोतों और फिल्टर प्लांट से निकलने वाले पानी की नियमित अंतराल पर जांच करने के निर्देश भी दिए गए। संयंत्र परिसर और जल कुंडों की नियमित सफाई सुनिश्चित करने को कहा गया।अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश – निरीक्षण के दौरान श्री मेवाड़ा ने जलशाखा के कर्मचारियों को सचेत करते हुए कहा कि पेयजल वितरण में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि कहीं पाइप लाइन लीकेज या गंदे पानी की शिकायत आती है, तो उसका तत्काल निराकरण किया जाए।

हमारा लक्ष्य है कि इस भीषण गर्मी में नगर के अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति को भी पर्याप्त और स्वच्छ जल प्राप्त हो। परिषद इसके लिए हर संभव प्रयास कर रही है। निरीक्षण के अंत में उन्होंने आगामी दिनों के लिए बैकअप योजनाओं पर भी चर्चा की, ताकि जल स्तर कम होने की स्थिति में भी आपूर्ति बाधित न हो। इस अवसर पर नपाध्यक्ष प्रतिनिधि रायसिंह मेवाड़ा के साथ नपाउपाध्यक्ष प्रतिनिधि भूरू खां, पार्षदगण डॉ. सलीम खान, कमलेश जैन, अरशद अली, शबाना अंसारी, तारा कटारिया, तेजसिंह राठौर, रवि शर्मा, तेजपाल कल्लू मुकाती, रमेश यादव, कैलाश बागवान, मनोहर विश्वकर्मा, सजन मेवाड़ा आदि मौजूद थे।

