

आष्टा। नगर के नजरगंज स्थित श्री सोमवंशीय राम मंदिर परिसर में स्थापित मां अंबे जी की ज्योत के सानिध्य में आयोजित होने वाले सार्वजनिक मां अंबे महारानी गरबा उत्सव एवं विसर्जन के भव्य जुलूस की तैयारियां समिति द्वारा तेजी से प्रारंभ कर दी गई हैं। इसी क्रम में पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष एवं वरिष्ठ समाजसेवी कैलाश परमार ने अपने कार्यालय परमार लॉ चैंबर पर मां अंबे महारानी गरबा उत्सव समिति के अध्यक्ष निखिल कुशवाह का पुष्पमाला एवं साफा पहनाकर आत्मीय स्वागत-सम्मान किया।इस अवसर पर कैलाश परमार ने मां अंबे महारानी के धार्मिक आयोजन के लिए

समिति को सहयोग राशि प्रदान की तथा आयोजन की तैयारियों में जुटे सभी युवा साथियों को अग्रिम बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।युवा शक्ति धर्म और संस्कृति की सशक्त वाहकइस अवसर पर कैलाश परमार ने युवा वर्ग को धार्मिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों में बढ़-चढ़कर भाग लेने के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि धार्मिक आयोजन हमारी सनातन संस्कृति, परंपराओं और सामाजिक एकता के प्रतीक हैं। ऐसे आयोजनों से युवाओं में धार्मिक संस्कारों का विकास होता है तथा समाज में आपसी सद्भाव, सहयोग और भाईचारे की भावना मजबूत होती है।

उन्होंने कहा कि मां अंबे महारानी के गरबा उत्सव जैसे धार्मिक आयोजन नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति और परंपराओं से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। युवाओं की सक्रिय भागीदारी से धार्मिक आयोजनों को भव्यता मिलती है और समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। उन्होंने समिति के सभी युवा सदस्यों के उत्साह एवं समर्पण की सराहना करते हुए आयोजन की सफलता के लिए शुभकामनाएं दीं।मां अंबे महारानी के नाम अंकित दुपट्टे पहनाकर किया सम्मानस्वागत-सम्मान कार्यक्रम के दौरान समिति अध्यक्ष निखिल कुशवाह के साथ उपस्थित युवा साथियों आशुतोष नामदेव, अनमोल कुशवाह, राज कुशवाह,

पटेल यादव, अर्जुन चौहान, यश ठाकुर, राज सूर्यवंशी, कृष्णा सोनी, सोमेश मालवीय, हिमांशु परमार, सोमेश मौलवी, कृष्ण, नक्श, जय दरबार, आदर्श सोनी एवं कीर्तन कुशवाह सहित अन्य युवाओं का परमार लॉ चैंबर की ओर से मां अंबे महारानी के नाम अंकित वस्त्र एवं दुपट्टे पहनाकर स्वागत-सम्मान किया गया।कार्यक्रम में धार्मिक आस्था, युवा उत्साह और सामाजिक समरसता का वातावरण देखने को मिला। समिति के युवा सदस्य मां अंबे महारानी के गरबा उत्सव एवं विसर्जन जुलूस को भव्य और व्यवस्थित रूप से संपन्न कराने की तैयारियों में जुटे हुए हैं।

