

आष्टा। नगर में गोगा नवमी का पावन पर्व वाल्मीकि समाज द्वारा अपार उत्साह, भक्ति और श्रद्धा के साथ मनाया गया। इस अवसर पर समाज द्वारा एक विशाल छड़ी चल समारोह का भव्य आयोजन किया गया, जो नगर के प्रमुख मार्गों से होता हुआ गल चौराहा पहुँचा। जहाँ नपाध्यक्ष प्रतिनिधि रायसिंह मेवाड़ा के नेतृत्व में चारों छड़ी निशान के भगत विशाल कलोसिया, अनिल सांगते, सतीश सांगते एवं आशीष भगत का 5,100 रूपये की प्रोत्साहन राशि व प्रतिक चिह्न भेंट कर स्वागत किया। साथ ही समाज के वरिष्ठजन राहुल वाल्मीकि, बनवारीलाल पंवार, प्रकाश कलोसिया, अमित सांगते, जितेन्द्र सिंगन,

दीपक नरवले एवं जीवन कलोसिया का भी साफा बाँधकर तथा पुष्पवर्षा कर सम्मान किया गया। गुरू गोगादेव जी की भक्ति में लीन वाल्मीकि समाज के श्रद्धालु पूरे सवा माह तक नंगे पैर रहकर कठिन नियम व सेवा-भक्ति का पालन करते हैं। गोगा नवमी पर निकाली गई यह छड़ी यात्रा सम्पूर्ण नगर में आकर्षण और आस्था का केंद्र रही। यात्रा का अंतिम पड़ाव पार्वती नदी तट स्थित बाबा गोरखनाथ देव स्थल रहा, जहाँ पूजा-अर्चना के बाद समारोह का समापन हुआ।

परंपरा और कठिन तपस्या का प्रतीक – रायसिंह मेवाड़ा
मंच से जनसमूह को संबोधित करते हुए नपाध्यक्ष प्रतिनिधि रायसिंह मेवाड़ा ने कहा कि वाल्मीकि समाज द्वारा सवा महीने तक नंगे पैर रहकर की जाने वाली गोगादेव जी की सेवा-भक्ति अद्वितीय है। यह कठिन साधना हमारी प्राचीन सनातन परंपरा, अटूट श्रद्धा और समरसता का प्रतीक है। छड़ी चल समारोह नगर की सांस्कृतिक धरोहर है और नपा परिवार ऐसे धार्मिक आयोजनों का स्वागत करने के लिए सदैव तत्पर रहता है। इस अवसर पर नपाउपाध्यक्ष भूरू खा, पार्षदगण रवि शर्मा, कमलेश जैन, डॉ सलीम खान, सुभाष नामदेव, तारा कटारिया, अरशद अली, अतीक कुरैशी, अनिमेष सोनी, गणेश सोनी आदि मौजूद थे।



