

दिनांक 19 जून 2026,, पुलिस अधीक्षक श्रीमती सोनाक्षी सक्सेना ने किया साप्ताहिक जनरल परेड का निरीक्षण, पुलिस बल को कराया बलवा ड्रिल का अभ्यास। आज जिला मुख्यालय पर आयोजित साप्ताहिक जनरल परेड का का आयोजन किया गया। पुलिस अधीक्षक सीहोर श्रीमती सोनाक्षी सक्सेना द्वारा परेड का निरीक्षण किया गया।परेड निरीक्षण के दौरान पुलिस अधीक्षक ने उपस्थित अधिकारी एवं कर्मचारियो को ड्यूटी के दौरान उच्च स्तर का अनुशासन और सतर्कता बनाए रखने के निर्देश दिए ।

आपात स्थितियों से निपटने के लिए हुआ बलवा परेड का अभ्यास। भीड़ नियंत्रण और कानून व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने के उद्देश्य से परेड के उपरांत विशेष अभ्यास सत्र आयोजित किया गया। भीड़ नियंत्रण का व्यावहारिक ज्ञान: परेड में शामिल सभी अधिकारी एवं कर्मचारियों को बलवा परेड का सघन अभ्यास कराया गया।अत्याधुनिक उपकरणों का समन्वय: इस दौरान किसी भी अप्रिय या आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए विभिन्न सुरक्षा उपकरणों के सही इस्तेमाल और रणनीतिक समन्वय का प्रदर्शन किया गया।

त्वरित निर्णय क्षमता:- अभ्यास का मुख्य उद्देश्य पुलिस बल के जवानों में विपरीत परिस्थितियों में त्वरित और प्रभावी ढंग से कार्य करने की क्षमता को विकसित करना है।इस अवसर पर एसडीओपी सीहोर सुश्री पूजा शर्मा, थाना प्रभारी कोतवाली निरीक्षक रविन्द्र यादव, थाना प्रभारी मंडी निरीक्षक सुनील मेहर, थाना प्रभारी श्यामपुर निरीक्षक स्वरूप सिंह, थाना प्रभारी अहमदपुर निरीक्षक रमन सिंह, प्रभारी यातायात सूबेदार बृजमोहन धाकड़ सहित 246 अधिकारी एवं कर्मचारियो ने भाग लिया।

पुलिस अधीक्षक सीहोर श्रीमती सोनाक्षी सक्सेना ने जिला पुलिस बल सीहोर में शामिल हुए नव आरक्षकों से चर्चा कर दिए निर्देश। जिला पुलिस मुख्यालय स्थित पुलिस लाइन सीहोर में आज पुलिस अधीक्षक सीहोर श्रीमती सोनाक्षी सक्सेना ने पुलिस विभाग में शामिल हुए नव आरक्षकों को विशेष रूप से संबोधित किया। इस अवसर पर उन्होंने नए पुलिस कर्मियों को कर्तव्यनिष्ठा, ईमानदारी और जनसेवा से कार्य करने की समझाइश दी। नव आरक्षकों को मार्गदर्शन देते हुए पुलिस अधीक्षक श्रीमती सोनाक्षी सक्सेना ने कहा कि पुलिस की नौकरी समाज की सुरक्षा और सेवा का एक बड़ा दायित्व है।

उन्होंने इस बात पर विशेष जोर दिया कि खाकी वर्दी की गरिमा को बनाए रखना हर पुलिसकर्मी का पहला कर्तव्य है।➡️संबोधन के मुख्य बिंदु:अनुशासन और निष्पक्षता: ड्यूटी के दौरान अनुशासन बनाए रखना और बिना किसी भेदभाव के निष्पक्ष कार्रवाई करना अनिवार्य है।*तकनीक का उपयोग:* आधुनिक दौर में बढ़ते साइबर और डिजिटल अपराधों से निपटने के लिए नव आरक्षकों को लगातार अपनी तकनीकी क्षमताओं को अपग्रेड करना होगा।*सामुदायिक पुलिसिंग*सदैव तत्पर रहना और जनता के बीच सुरक्षा का भाव पैदा करना।✅अंत में पुलिस अधीक्षक ने सभी नव आरक्षकों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की और उम्मीद जताई कि वे अपनी पूरी ऊर्जा और ईमानदारी से मध्यप्रदेश पुलिस का नाम रोशन करेंगे।इस दौरान जिला पुलिस के अन्य वरिष्ठ अधिकारी और प्रशिक्षण प्रभारी भी मुख्य रूप से उपस्थित रहे।



