

आष्टा। रहीम दासजी ने सदियों पहले कहा था, रहिमन पानी राखिए, बिन पानी सब सून। आज यह बात सौ फ़ीसदी सच साबित हो रही है। हम देख रहे हैं कि हर साल गर्मी आते ही हमारे कुएं, बावड़ियां और नल सूखने लगते हैं। जलस्तर लगातार नीचे जाने लगता है। इसका सबसे बड़ा कारण यह है कि हमने बारिश के पानी को सहेजना छोड़ दिया है। हमारे पूर्वजों ने जो तालाब बनाए थे, समय के साथ उनमें मिट्टी, गाद और कचरा जमा हो गया है, जिससे उनकी पानी रोकने की क्षमता खत्म हो चुकी है।

इस आशय के विचार जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत स्थानीय कन्नौद रोड़ स्थित काला तालाब के गहरीकरण कार्य के शुभारंभ अवसर पर नपाध्यक्ष प्रतिनिधि रायसिंह मेवाड़ा ने व्यक्त किए। श्री मेवाड़ा ने नागरिकों से आव्हान करते हुए कहा कि नगरपालिका प्रशासन अपने स्तर पर प्रयास कर रहा है, लेकिन कोई भी बड़ा बदलाव तब तक मुमकिन नहीं है, जब तक उसमें जनता का सहयोग शामिल न हों। सरकार बजट दे सकती है, मशीनें दे सकती है, लेकिन उस तालाब को अपना मानकर उसकी चिंता करना सिर्फ हमारा कर्तव्य है।

अगर आज हमने अपने तालाब को गहरा नहीं किया, तो आने वाले समय में पानी की बूंद-बूंद के लिए त्राहि-त्राहि मच जाएगी।युवाओें से की श्रमदान की अपील – नपाध्यक्ष प्रतिनिधि रायसिंह मेवाड़ा ने युवाओं से श्रमदान की अपील करते हुए कहा कि जो युवा और नागरिक शारीरिक रूप से सक्षम हैं, वे हफ्ते में कम से कम एक दिन, या रोज़ सुबह एक घंटा निकालकर तालाब पर आएँ और श्रमदान करें। हमारे हाथों से उठी एक-एक तगारी मिट्टी इस तालाब को नया जीवन देगी। तालाब गहरा होने के बाद हमें

यह संकल्प लेना होगा कि हम इसमें कचरा नहीं फेंकेंगे, न ही इसके आस-पास गंदगी करेंगे। जलस्तर में होगा सुधार – तालाब गहरा होगा तो लाखों लीटर अतिरिक्त पानी धरती के अंदर जाएगा, जिससे आस-पास के सभी कुओं और बोरवेल का वाटर लेवल बढ़ जाएगा। जिससे हमारे किसानों को सिंचाई के लिए भरपूर पानी मिलेगा और हमारे बेजुबान पशु-पक्षियों को गर्मी में प्यासा नहीं भटकना पड़ेगा।आने वाली पीढ़ी का भविष्य सुरक्षित – आज की हमारी थोड़ी सी मेहनत, हमारे बच्चों को एक पानीदार और खुशहाल भविष्य देगी।

यह तालाब किसी एक का नहीं, हम सबका है। अपनी आने वाली पीढ़ी के लिए इस गहरीकरण कार्य का हिस्सा बनें। तालाब गहरीकरण कार्य के शुभारंभ अवसर पर नपाध्यक्ष प्रतिनिधि रायसिंह मेवाड़ा के साथ पार्षद रवि शर्मा, तेजपाल कल्लू मुकाती, उपयंत्री अनिल धुर्वे, दीपक यादव, आदित्य तलनीकर, मनोहरसिंह जावरिया, प्रभारी स्वच्छता पर्यवेक्षक विनोद सांगते, सामुदायिक संगठक पार्वती शर्मा, शिवराज अहिरवार, कैलाश बागवान, गबू प्रजापति, अरूण विश्वकर्मा, आकाश चौहान, पूरणसिंह मेवाड़ा, कुलदीप सोनी, आशीष शर्मा, रोहित कालेलकर आदि मौजूद थे।