

आष्टा:- स्थानीय होली एंजेल्स हायर सेकेंडरी स्कूल आष्टा में केरल के प्रसिद्ध और पारंपरिक त्योहार ‘ओणम’ (Onam) का पर्व अत्यंत हर्षोल्लास, धूमधाम और सांस्कृतिक उत्साह के साथ मनाया गया। यह पूरा आयोजन विद्यालय प्राचार्य शीबी वर्गीस (Shibi Varghese) के कुशल मार्गदर्शन में संपन्न हुआ, जिसमें विद्यार्थियों और शिक्षकों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।

दीप प्रज्वलन के साथ हुआ शुभारंभ- कार्यक्रम का औपचारिक शुभारंभ विद्यालय के प्रबंधक जॉन्सी शीबी (Johnsy Shibi) द्वारा पारंपरिक दीप प्रज्वलित कर किया गया। दीप प्रज्वलन के पश्चात पूरा परिसर सकारात्मक ऊर्जा और उत्सव के माहौल से सराबोर हो उठा।

फूलों की रंगोली और सांस्कृतिक आकर्षण- उत्सव के इस खास अवसर पर स्कूल की शिक्षिकाओं द्वारा स्कूल के मुख्य द्वारों एवं प्रमुख मार्ग पर फूलों से बेहद आकर्षक, सुंदर और रंग-बिरंगी रंगोलियां (पुक्कलम) सजाई गईं, जिन्होंने सभी का मन मोह लिया। इन कलात्मक रंगोलियों ने केरल की सांस्कृतिक छटा को आष्टा के इस प्रांगण में जीवंत कर दिया।

विद्यार्थियों ने जानी ओणम की परंपराएं- कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने ओणम पर्व के इतिहास, परंपराओं और इसके सांस्कृतिक महत्व के बारे में विस्तार पूर्वक जानकारी प्राप्त की। उन्होंने जाना कि यह पर्व केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि भारत की साम्प्रदायिक सद्भाव और सांस्कृतिक विविधता का एक अनूठा प्रतीक है।
विद्यालय प्राचार्य शीबी वर्गीस ने पर्व के बारे में जानकारी देते हुए हमें बताया कि

“ओणम सिर्फ एक त्योहार नहीं है, यह प्रेम, समानता, त्याग और भाईचारे का संदेश देने वाला महाउत्सव है। राजा महाबली का चरित्र हमें सिखाता है कि निस्वार्थ भाव, उदारता और प्रजावत्सलता ही एक सच्चे शासक और इंसान की असली पहचान है। आज के इस दौर में जहाँ हम अपनी संस्कृति से दूर होते जा रहे हैं, ऐसे पर्व हमें अपनी जड़ों से जुड़ने और प्रकृति के प्रति आभार व्यक्त करने का अवसर देते हैं। आइए, हम सब मिलकर इस ओणम पर्व के माध्यम से अपने जीवन में प्रेम, सद्भाव और सकारात्मकता का दीप प्रज्वलित करें।”

बधाई एवं शुभकामनाएं- विद्यालय परिवार की ओर से प्रबंधक जॉन्सी शीबी और प्राचार्य शीबी वर्गीस ने सभी विद्यार्थियों, शिक्षकों, अभिभावकों और क्षेत्रवासियों को ओणम पर्व की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। इस सफल और भव्य आयोजन ने सभी के दिलों में केरल की संस्कृति की एक अनूठी छाप छोड़ी।


