
आष्टा- स्वास्थ्य के क्षेत्र में आष्टा नगर के निवासियों के लिए एक सुखद खबर है। नगर में अब आधुनिक और बेहतर दंत चिकित्सा सुविधाओं का विस्तार होने जा रहा है। इसी कड़ी में, आगामी शुक्रवार, 14 अगस्त 2026 को ‘डॉ. परमार डेंटल केयर’ का भव्य शुभारंभ होने जा रहा है। दंत एवं मुख रोग विशेषज्ञ डॉ. योगेंद्र परमार (बी.डी.एस., एम.आई.डी.ए., इंदौर) के मार्गदर्शन में यह नया प्रतिष्ठान मरीजों को उच्च गुणवत्ता वाली सेवाएं प्रदान करने के लिए पूरी तरह तैयार है। डेंटल केयर के उद्घाटन समारोह का आयोजन शुक्रवार सुबह 11 बजे किया गया है।

नया क्लिनिक आष्टा के हरिओम मेडिकल के ठीक पीछे स्थित है, जिससे मरीजों को यहां तक पहुंचना अत्यंत सुगम होगा। डॉ. योगेंद्र परमार ने अपने सभी स्नेहीजनों, मित्रों और नगरवासियों को इस मंगल अवसर पर पधारने और अपनी उपस्थिति से गरिमा बढ़ाने का सादर आमंत्रण दिया है। डॉ. परमार डेंटल केयर’ के खुलने से आष्टा के निवासियों को अब दंत चिकित्सा के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा।

अत्याधुनिक उपकरणों से सुसज्जित यह नया क्लिनिक क्षेत्र के लोगों को दांतों और मुख रोगों के निदान के लिए एक भरोसेमंद विकल्प प्रदान करेगा। उद्घाटन के अवसर पर बड़ी संख्या में शुभचिंतकों और स्थानीय निवासियों के पहुंचने की उम्मीद है। अधिक जानकारी के लिए क्लिनिक के मोबाइल नंबर 7722862604 पर संपर्क किया जा सकता है।
➡️थाना बिलकिसगंज पुलिस ने अंधे हत्या का महज 24 घंटे में खुलासा करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।

➡️दिनांक 06 अगस्त 2026 को ग्राम खुटिया खेड़ी में खेत पर बने मकान से 80 वर्षीय हरिनारायण वर्मा का शव मिला, जिनके मुंह व गले पर चोट के निशान थे। घटना की गम्भीरता को दृष्टिगत रखते हुए पुलिस अधीक्षक सीहोर श्रीमती सोनाक्षी सक्सेना ने मौके पर पहुंचकर घटना स्थल का निरीक्षण कर विवेचना हेतु आवश्यक निर्देश दिए।✅पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया गया तथा परिजनों एवं आसपास के लोगों से घटना के संबंध में पूछताछ की गई,घटना स्थल से प्राप्त साक्ष्यों और बयानों का विश्लेषण किया ।✅जांच के दौरान संदेह के आधार पर जब मृतक के पोते सुमित वर्मा से पूछताछ की गई, तो उसके बयानों में विरोधाभास मिला। कड़ाई से पूछताछ करने पर आरोपी सुमित ने हत्या की बात कबूल कर ली।

➡️वारदात का कारण व तरीका– दादा द्वारा व्यक्तिगत मामलों में रोक-टोक और परिजनों को बताने का दबाव बनाने के चलते घटना के दिन अकेले पाकर सुमित ने दादा का गला दबा दिया। इसके बाद शव को खाट पर लिटाकर कमरे का दरवाजा बंद कर दिया और बाद में परिजनों के साथ ढूंढने का नाटक करता रहा। गिरफ्तार आरोपी– सुमित वर्मा पिता महेश वर्मा 26 साल निवासी खुटियाखेड़ी। ➡️सराहनीय भूमिका– प्रकरण में सम्पूर्ण कार्यवाही में एसडीओपी सीहोर सुश्री पूजा शर्मा के मार्गदर्शन में प्रकरण के त्वरित खुलासे में सहायक उपनिरीक्षक देवीप्रसाद सेनी, श्यामलाल वर्मा, प्रधान आरक्षक सुनील वर्मा, तेजपाल, अशोक यादव, एवं आरक्षक अरुण, संतोष, अंकित, प्रमोद व कुलदीप की सराहनीय भूमिका रही।

सीहोर। दिनांक 04 अगस्त 2026 को फरियादी अनार सिंह थाना कोतवाली उपस्थित होकर शिकायत की कि किसी अज्ञात लिंक पर क्लिक करने के बाद उसका मोबाइल हैक हो गया तथा उसके क्रेडिट कार्ड से ₹40,153/- की राशि अनधिकृत रूप से कट गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना कोतवाली की साइबर हेल्प डेस्क द्वारा तत्काल कार्रवाई करते हुए साइबर फ्रॉड की शिकायत को NCRP पोर्टल पर रिपोर्ट किया गया। तकनीकी विश्लेषण एवं त्वरित कार्रवाई के आधार पर Amazon Pay से संबंधित भुगतान को तत्काल कैंसिल कराया गया।

पुलिस की त्वरित कार्रवाई एवं प्रभावी समन्वय के परिणामस्वरूप पीड़ित अनार सिंह की ठगी गई संपूर्ण राशि ₹40,153/- वापस (रिफंड) कराई गई। योगदान – उक्त कार्रवाई में थाना प्रभारी टी.आई. रविन्द्र यादव, उप निरीक्षक विवेक आर्य, आरक्षक कपिल मेवाड़ा एवं आरक्षक विवेक प्रताप सिंह की महत्वपूर्ण भूमिका रही। थाना कोतवाली पुलिस द्वारा आमजन से अपील की गई है कि किसी भी अज्ञात लिंक पर क्लिक न करें तथा साइबर ठगी होने पर तत्काल 1930 साइबर हेल्पलाइन अथवा NCRP पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं। समय पर शिकायत प्राप्त होने से ठगी की राशि को होल्ड/रिवर्स कराकर वापस दिलाने की संभावना बढ़ जाती है। थाना कोतवाली पुलिस द्वारा साइबर अपराधों की रोकथाम एवं पीड़ितों को राहत दिलाने हेतु निरंतर त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई की जा रही है।

न्यायालय का नामः- प्रथम अपर सत्र न्यायाधीष महोदय जिला सीहोर म0प्र0।
पैरवीकर्ता:- सुश्री रेखा चौरसिया, अपर लोक अभियोजक, जिला सीहोर।
आरोपी का नाम :- मोहम्म्द इरशाद पिता श्री मोहम्मद सिराज, आयु 44 वर्ष निवासी इंदिरा नगर टप्पर जिला सीहोर
घटना का संक्षिप्त विवरणः-अभियोजन प्रकरण संक्षेप में इस प्रकार हैं कि, पुलिस थाना कोतवाली के उपनिरीक्षक विक्रम आदर्श को दिनांक 27.04.2025 को थाना प्रभारी रविन्द्र यादव ने बताया कि उन्हें मुखबिर सूचना प्राप्त हुई कि इंदिरा नगर टप्पर सीहोर में इरशाद नामक बांगलादेशी नागरिक रह रहा हैं और उन्होंने विक्रम आदर्श को कार्यवाही के निर्देश दिए,

सूचना की तस्दीक पर उपनिरीक्षक विक्रम आदर्श थाने के बल सहित इंद्रा नगर टप्पर सीहोर स्थित मोहम्मद इरशाद के घर पहुँचे, जहाँ घर के सामने मिले मोहम्मद इरशाद से उसका नाम पता पूछने पर उन्हें मुखबिर सूचना की जानकारी दी और पूछताछ पर इरशाद ने बताया कि 15 वर्ष की आयु में बांग्लादेश से अजमेर राजस्थान आकर वहीं 15 साल काम करने के बाद सीहोर आकर लुनिया मोहल्ला सीहोर में 05 वर्ष रहना करीब 06 वर्ष से इंद्रा नगर टप्पर में रह रहा, होना प्रकट कर भारत आने का कोई वीजा, पासपोर्ट नहीं होना बताया और न ही नागरिकता के लिए आवेदन देना बताया। उपनिरीक्षक विक्रम आदर्श द्वारा इरशाद के द्वारा

प्रस्तुत दस्तावेज के आधार पर उसके बांग्लादेश के जन्म प्रमाणपत्र, माता-पिता के पहचान पत्र की छायाप्रतियां, जो बांग्ल भाषा में थी, जिन्हें बांग्ल भाषा के विषेषज्ञ लालमोहन हलदार को बुलवाकर अनुवाद करवाया गया और ये दस्तावेज बांग्लादेश के होने पाये गए। जिन्हें मो. इरशाद से जप्त कर इरशाद को गिरफ्तार कर उसकी पत्नी को इसकी गिरफ्तारी की जानकारी दी गयी और थाना वापसी पश्चात अभियुक्त के विरूद्ध अपराध 319/2025 की धारा 14-ए, 14-बी विदेशियों विषयक अधिनियम, 1946 की प्रथम सूचना रिपोर्ट पंजीबद्ध की गयी।

विवेचना उपरांत उपनिरीक्षक विक्रम आदर्श द्वारा अभियुक्त से पूछताछ कर उसके द्वारा दी गयी जानकारी के आधार पर उसका मोबाईल फोन जप्त किया, अभियुक्त का आधार कार्ड, पेन कार्ड तथा समग्री आई डी., जो सीहोर जिले के ही बने हुए थे, की प्रतियों को जप्त कर संबंधित विभाग से इनकी जानकारी लेकर अभियुक्त के मोबाईल को साइबर फोरेंसिक लैब भोपाल जाँच के लिए भिजवाया गया और अवशेष विवेचना कर अभियुक्त का बांग्लादेश का नागरिक होकर बिना विधिक दस्तावेज के भारत आने और रहने के कारण उसके

विरूद्ध अभियोग पत्र माननीय न्यायालय मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सीहोर के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जो आर.सी.टी. नंबर 528/2025 पर दर्ज होकर अभियोजन साक्ष्य स्तर पर अंतरण पर सुश्री शिवानी श्रीवास्तव, न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी सीहोर के न्यायालय को प्राप्त हुआ, जिन्होंने दिनांक 06.02.2026 के आदेश द्वारा पंजीबद्ध अपराध 08 वर्ष तक के कारावास से दण्डनीय होकर सत्र विचारणीय होने के आधार पर उसे उपार्पित किया, जो सत्र प्रकरण क्रं0 39/2026 के रूप में दर्ज होकर अंतरण पर इस न्यायालय को प्राप्त हुआ। अभियोजन के तर्को से सहमत होते हुये आरोपी को दण्डित किया गया।

अभियोजन द्वारा प्रस्तुत साक्ष्य एवं तर्कों से सहमत होते हुये माननीय न्यायालय द्वारा आरोपी मोहम्मद इरशाद पिता मोहम्मद सिराज को धार 14-क विदेशीयों विषयक अधिनियम 1946 में दोषी पाते हुये 07 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 10,000/- रूप्ये के अर्थदण्ड दण्डित किया गया। शासन की ओर से अपर लोक अभियोजक सुश्री रेखा चौरसिया जिला सीहोर द्वारा प्रकरण में शासन की ओर से पैरवी जिला सीहोर द्वारा की गई।