

आष्टा। नगर में पेयजल की समस्या को स्थायी रूप से समाप्त करने और भविष्य में जलसंकट की स्थिति से निपटने के लिए नगर पालिका द्वारा क्रियान्वित की जा रही पाइपलाइन परियोजना अब प्रशासन के सख्त रडार पर है। रामपुरा डैम से आष्टा नगर तक बिछाई जा रही पाइपलाइन के कार्य में अत्यधिक देरी और लापरवाही बरतने पर नगरपालिका प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाते हुए संबंधित ठेकेदार पर लिक्विडीटी डैमेज के तहत भारी जुर्माना आरोपित किया है।समय-सीमा की अनदेखी पड़ी भारी –

मुख्य नगरपालिका अधिकारी विनोदकुमार प्रजापति ने जानकारी देते हुए बताया कि नगर की जनता को भरपूर जलापूर्ति सुनिश्चित करने के उद्देश्य से रामपुरा डैम परियोजना को सर्वाेच्च प्राथमिकता दी गई थी। इस परियोजना के तहत पाइपलाइन बिछाने का कार्य एक निश्चित समय-सीमा में पूर्ण किया जाना था। हालांकि संबंधित ठेकेदार द्वारा बार-बार दिए गए निर्देशों के बावजूद कार्य की गति अत्यंत धीमी रही और निर्धारित समय बीत जाने के बाद भी कार्य अधूरा है। अंतिम चेतावनी के साथ पैनाल्टी की चोट –

नगरपालिका परिषद द्वारा ठेकेदार को न केवल आर्थिक दंड की चेतावनी दी गई है, बल्कि इसे अंतिम चेतावनी के रूप में भी देखा जा रहा है। लिक्विडीटी डैमेज क्लॉज के तहत लगाई गई 69 लाख 14 हजार 860 रूपये की पैनाल्टी ठेकेदार के भुगतान से काटी जाएगी। सीएमओ श्री प्रजापति ने कहा कि ठेकेदार द्वारा की जा रही कार्य में लापरवाही से वरिष्ठ कार्यालय को भी अवगत करा दिया गया है, यदि इसके बाद भी कार्य की गुणवत्ता और गति में सुधार नहीं हुआ तो अनुबंध निरस्त करने और ठेकेदार को काली सूची में डालने जैसी सख्त कार्रवाई भी की जा सकती है। सीएमओ श्री प्रजापति ने स्पष्ट कर दिया है कि विकास कार्यों की गुणवत्ता और समय सीमा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।


