

आष्टा। जल स्रोतों के संरक्षण और पुनरुद्धार के लिए चलाए जा रहे जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत आज स्थानीय नगरपालिका द्वारा एक सराहनीय पहल की गई। अभियान के अंतर्गत नगरपालिका की टीम ने सांदीपनि विद्यालय परिसर में स्थित ऐतिहासिक बावड़ी की सघन साफ-सफाई की। इस कार्य का निरीक्षण करने के लिए नपाध्यक्ष प्रतिनिधि रायसिंह मेवाड़ा अपने सहयोगियों के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने वहां चल रहे सफाई कार्य का जायजा लिया और जल संरक्षण को लेकर

आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान नपाध्यक्ष प्रतिनिधि रायसिंह मेवाड़ा ने प्राकृतिक जल स्रोतों के महत्व पर विशेष जोर देते हुए नगरवासियों से अपील की और कहा कि नगर में जितने भी पारंपरिक और प्राकृतिक जल स्रोत हैं, उनका संरक्षण और रख-रखाव करना केवल नगरपालिका की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि यह हम सभी नागरिकों का भी प्रथम कर्तव्य है। ये जल स्रोत हमारी अमूल्य धरोहर हैं, जो हमें लंबे समय तक और

संकट के समय में जल की उपलब्धता सुनिश्चित कराते हैं। सफाई अभियान के दौरान नगरपालिका के स्वच्छता अमले ने बावड़ी में जमा कचरे, झाड़ियों और गाद को बाहर निकाला। मुख्य नगरपालिका अधिकारी विनोदकुमार प्रजापति ने स्पष्ट किया है कि आगामी दिनों में नगर के अन्य कुओं, बावड़ियों और जल स्रोतों को भी इसी तरह साफ कर उन्हें पुनर्जीवित किया जाएगा, ताकि भूजल स्तर में सुधार हो सकें।

