

आष्टा- योग एक जीवन शैली है, जीवन का अनुशासन है, जीवन जीने की पद्धति है, इसे जीवन में अपनाकर और दिनचर्या में शामिल करके हम स्वस्थ एवं सकारात्मक जीवन निर्वाह कर सकते हैं तथा ऊर्जावान बने रह सकते हैं। वर्तमान की इस भागदौड़ वाली जीवन शैली में योग एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। योग का मतलब केवल कठिन आसन नहीं होते हम इसके सरल आसन जैसे अनुलोम-विलोम, कपालभाति, भ्रामरी आदि का प्रयोग करके भी इसके लाभ उठा सकते हैं। उक्त उद्गार नगर के योग गुरू रामनरेश यादव नें मार्टिनेट विद्यालय में अंतर्राष्ट्रीय योग

दिवस के अवसर पर व्यक्त किये गये। जिला शिक्षा योग आचार्य की उपाधि से सम्मानित नगर के प्रथम योग गुरू रामनरेश यादव नें पतंजलि योगपीठ में बाबा रामदेव से लगभग 21 वर्ष पूर्व योग प्रशिक्षण प्राप्त करके नगर में निशुल्क शिविरो के माध्यम से जनमानस में योग के प्रति जागृति पैदा की। यदि उन्हें नगर में योग का क्रांति दूत कहा जाये तो अतिश्योक्ति नहीं होगी। उनकी उक्त उपलब्ध्यिों का उल्लेख करते हुये विद्यालय के प्रबंधक विनीत कुमार त्रिवेदी नें तिलक लगाकर पुष्पमाला, पुष्प गुच्छ और अंगवस्त्र के साथ विद्यालय परिसर में उनका अपनी टीम के साथ सम्मान किया एवं उनके जीवन को प्रेरणास्पद बताया।

इस अवसर पर प्राचार्या श्रीमती प्रीति त्रिवेदी, उपप्राचार्या श्रीमती शिखा तिवारी तथा प्रबंधक मण्डल से रेखा शर्मा, अतुल जैन सुराणा, कुशल भूतिया, राखी यादव एवं रचना ठाकुर की उपस्थिति रही। इस अवसर पर विद्यालय के सभागृह में योग के विभिन्न योग आसन आयोजन भी किया गया था जिसमें विद्यालय के सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं नें उत्साह के साथ भाग लिया एवं सामूहिक रूप से विभिन्न योग के आसन भी किये तथा जो शिक्षक – शिक्षिकायें नियमित रूप से योग अभ्यास करते हैं उन्हें प्रोत्साहित भी किया गया। इससे नियमित योगाभ्यास न करने वाले शिक्षक – शिक्षिकाओं को भी प्रेरणा प्राप्त हुई।

इस अवसर पर सभी शिक्षक – शिक्षिकाओं के रूप में सोनिका परमार, सोनाली सोनी, रिनू भदौरिया, सोनू सिसौदिया, वैष्णवी बैरागी, किरण मण्डलोई, ललिता नामदेव, ज्योति सिसौदिया, सलोनी बिल्लौरे, प्रियंका वर्मा, प्रियंका ठाकुर, सविता ठाकुर, शर्मिला जायसवाल, भूमि सौलंकी, रीना जावारिया, सिमरन प्रजापति, निधी नामदेव, रागिनी नामदेव, साक्षी अजनोदिया, आफरिन मस्सरत, सोनू भूतिया, शुभी जैन, उमा मेवाड़ा, अन्हा शेख, मिनोती सोनी, तमन्ना वर्मा, ज्योति वर्मा, राजामणि शर्मा, जकी अंसारी, रूशदा अंसारी, हिमांक नामदेव, सरोज सेन, चिराग सोनी, उर्मिला जायसवाल, अशोक महेश्वरी, सुल्ताना अली, नईम खान, शिवाय बैरागी, प्रांजल गोठानिया, मुस्कान वर्मा की उपस्थिति रही। अंत में आभार अतुल जैन सुराणा द्वारा व्यक्त किया गया।

आष्टा:- माननीय प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश/अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सीहोर के निर्देशानुसार श्री विजय डांगी, जिला न्यायाधीश/ अध्यक्ष तहसील विधिक सेवा समिति आष्टा के द्वारा दिनांक 21 जून 2026 को न्यायालय प्रांगण आष्टा में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस का आयोजन किया गया। योग दिवस के अवसर पर योग शिक्षक अंकित वोहरा द्वारा उपस्थित न्यायाधीशगण, अधिवक्तागण एवं न्यायालयीन कर्मचारीगण को योगाभ्यास कराया गया तथा योगी अंकित वोहरा द्वारा

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर संबोधित करते हुए बताया गया कि योग से कर्मों में कुशलता आती है। व्यावहारिक स्तर पर योग शरीर मन और भावनाओं में संतुलन और सामंजस्य स्थापित करने का एक साधन है। योग में प्राणायाम का विशेष महत्व है। प्राण का अर्थ जीवन शक्ति एवं आयाम का अर्थ ऊर्जा पर नियंत्रण होता है। अर्थात् श्वास लेने संबंधी कुछ विशेष तकनीकों द्वारा जब प्राण पर नियंत्रण किया जाता है तो उसे प्राणायाम कहते हैं। प्राणायाम के तीन प्रकार होते हैंः- अनुलोम विलोम, कपालभाति और भ्रामरी प्राणायाम। श्री विजय डांगी, जिला न्यायाधीश/अध्यक्ष, तहसील विधिक सेवा समिति, आष्टा के द्वारा अपने संबोधन में

बताया कि भारत की प्राचीन योग परम्परा को वैश्विक पहचान दिलाने वाला आज का दिन अब दुनिया के सबसे बड़े स्वास्थ्य अभियानों में से एक बन चुका है। करोड़ों लोग इस अवसर पर योगाभ्यास करते है साथ ही योग के शारीरिक मानसिक तथा आध्यात्मिक लाभों को अपनाने का संकल्प लेते है। साल 2015 पहली बार योग दिवस मनाया गया था जिसने आज एक वैश्विक आंदोलन का रूप ले लिया है। वर्ष 2026 में 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की थीम ‘‘स्वस्थ आयु के लिए योग(ल्वहं वित भ्मंसजील ।हमपदह)’’ यह थीम बढ़ती उम्र के साथ शारीरिक और मानसिक संतुलन, जोड़ों के स्वास्थ्य और जीवन की बेहतर गुणवत्ता बनाये रखने में योग की भूमिका पर केंन्द्रित है।

साल 2026 का योग दिवस कई मायनों में खास माना जा रहा है बदलती जीवन शैली, बढ़ती उम्र के साथ होने वाली स्वास्थ्य समस्याएं और मानसिक तनाव जैसी चुनौतियों के बीच इस बार की थीम लोगों को स्वस्थ और सक्रिय जीवन की दिशा में प्रेरित करने का संदेश देती है। प्रतिदिन सभी लोगों को अपने जीवन में संकल्प के साथ रोज प्रातः काल में योग करना चाहिए ताकि शरीर स्वस्थ रहे। इस अवसर पर जिला न्यायाधीश श्री महेश कुमार चैहान, न्यायाधीश श्री अमन सूलिया न्यायाधीश सुश्री प्रीति अग्रवाल, न्यायाधीश श्रीमती मीनाक्षी रावत, अधिवक्तागण में धीरज धारवां, कुलदीप शर्मा, सीताराम परमार, भूपेश जामलिया आदि एवं समस्त तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी न्यायालयीन कर्मचारीगण उपस्थित थे।
