

आष्टा। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के आष्टा स्थित शांति सरोवर सेवा केंद्र पर संस्था की पूर्व प्रशासिका दादी प्रकाशमणि जी की 19वी पुण्य स्मृति दिवस के उपलक्ष्य पर “10 करोड़ नशा मुक्ति प्रतिज्ञा महाअभियान” का शुभारंभ मुख्य अतिथि के रूप में उपस्तिथ विधायक गोपालसिंह इंजीनियर ने बड़े उत्साह एवं गरिमामय वातावरण में किया । सभी अतिथियों का स्वागत एवं सम्मान शांति सरोवर परिवार द्वारा किया गया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि विधायक गोपालसिंह इंजीनियर ने अपने संबोधन में कहा की आज देश मे खास करके युवा पीढ़ी में जिस तरह नशे की लत बढ़ती जा रही है,उनेह नशे से बचाने, नशे के

दुष्प्रभावों से अवगत कराने के लिये इस तरह के जन जागरूकता वाले अभियानों की आवश्यकता है । जो व्यक्ति नशा करता है,उसकी संवेदनाएं खत्म सी हो जाती है और नशे में वो कई अनर्थ कर डालता है । जब नशा उतरता है तब पश्चाताप करता है । आज मोदी जी के नेतृत्व में नये भारत का निर्माण हो रहा है,हम सब का यही प्रयास है कि नया भारत,नये भारत की नई पीढ़ी ओर सभी नशे से मुक्त हो । विधायक ने कहा कि नाश ही व्यक्ति के नाश का कारण बनता है । इसलिये आज नशे से दूरी बनाने की बड़ी आवश्यकता है ।

जब हम 2047 में भारत की आजादी की 100 वी सालगिरह मनाये तब हमारा नया भारत,नशे से मुक्त हो,आत्मनिर्भर हो,अखंड हो,विकसित भारत हो यही हमारे प्रधानमंत्री जी का सपना है और हम सब उनके सपने को पूरा करेंगे
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए शांति सरोवर की संचालिका बीके कुसुम दीदी ने कहा कि आज केवल शराब, तंबाकू और अन्य नशे ही नहीं, बल्कि मोबाइल की लत (मोबाइल एडिक्शन) भी समाज के लिए गंभीर चुनौती बनती जा रही है। उन्होंने बताया कि राजयोग ध्यान के माध्यम से मन को

शक्तिशाली बनाकर प्रत्येक प्रकार के नशे और बुरी आदतों से सहज मुक्ति प्राप्त की जा सकती है।
इसके पश्चात बीके वंदना बहन एवं बीके शिल्पा बहन ने नशा मुक्ति विषय पर प्रेरणादायी विचार रखते हुए युवाओं एवं समाज से नशे से दूर रहकर स्वस्थ, संस्कारित एवं खुशहाल जीवन अपनाने का आह्वान किया।
बीके नीलिमा दीदी ने नशे के इतिहास, उसके दुष्परिणामों एवं समाज पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों का विस्तार से वर्णन किया तथा उपस्थित सभी भाई-बहनों एवं अतिथियों को नशामुक्त जीवन जीने की सामूहिक प्रतिज्ञा दिलाई।

कार्यक्रम में सांदीपनी विद्यालय के प्राचार्य सितवत खान सहित अन्य भी उपस्तिथ रहे ।
कार्यक्रम के अंत में बीके शैफाली दीदी ने सभी को राजयोग मेडिटेशन का सुंदर अनुभव कराया, जिससे उपस्थित जनों ने गहन शांति, आत्मिक शक्ति एवं सकारात्मक ऊर्जा का अनुभव किया।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में भाई-बहनों एवं गणमान्य नागरिकों की सहभागिता रही। सभी ने संकल्प लिया कि वे स्वयं नशा मुक्त रहेंगे तथा अधिक से अधिक लोगों को इस जन-जागरण अभियान से जोड़कर “नशामुक्त भारत – स्वस्थ भारत – समृद्ध भारत” के निर्माण में अपना सक्रिय योगदान देंगे।


