

आष्टा – ब्राह्मणों व यज्ञोपवीत द्विजों का महापर्व श्रावणी प्रतिवर्षानुसार शुक्रवार को नगर के प्राचीन शंकर मंदिर एवं माँ पार्वती तट पर नगरपुरोहित पं. मनीष पाठक के आचार्यत्व में विधि-विधान से सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत प्रायश्चित संकल्प के साथ हुई, जिसमें पंचगव्य ग्रहण कर पवित्र कुश एवं आडिझाड़े से स्नान के पश्चात द्विजजनों ने यज्ञोपवीत संस्कार किया। पं. पाठक ने बताया कि जिनका यज्ञोपवीत संस्कार हो चुका है, वे इस दिन पुराना यज्ञोपवीत उतारकर नया धारण करते हैं, जिसे व्यक्ति का “दूसरा जन्म” माना जाता है।

श्रावणी पर्व पर विप्र व द्विजजनों ने संकल्प, संस्कार और स्वाध्याय के साथ यज्ञोपवीत कार्य सम्पन्न किया। नगर पालिका अध्यक्ष प्रतिनिधि राय सिंह मेवाड़ा, पार्षद रवि शर्मा एवं मित्र मंडल ने आचार्य सहित सभी ब्राह्मणों का अभिनंदन किया साथ ही कांग्रेस के वरिष्ठ नेता प्रदीप प्रगति द्वारा भी ब्राह्मणजनों का अभिनंदन किया गया। देवऋषियों को दी आहुति स्नान, तर्पण के बाद ऋषि पूजन, सूर्य उपासना एवं यज्ञोपवीत पूजन किया गया। नवीन यज्ञोपवीत धारण कर आत्मसंयम का संकल्प लिया गया। विप्र एवं द्विजजनों ने स्वाध्याय कर आहुतियां अर्पित करते हुए सप्तऋषियों को नमन किया। इसके पश्चात एक-दूसरे को यज्ञोपवीत समर्पित कर वरिष्ठजनों से आशीर्वाद प्राप्त किया।

यह रहे उपस्थित पं. प्रेमनारायण शर्मा, पं. हरिनारायण शर्मा, पं डी.पी.जोशी, पं. कांतिलाल जोशी, साहित्यकार पं. श्याम शर्मा सलिल, पं. सतीश पंडिया, नगरपूरोहित पं. महेंद्र पाठक, पं. उदय श्रोत्रीय, ज्योतिषाचार्य आचार्य अमित तिवारी, डॉ. दीपेश पाठक,पार्षद पं. रवि शर्मा, पं. सुनील शर्मा शास्त्री, ,पं. सुधीर जोशी,पं संतोष जोशी, पं. संतोष दुबे, प्रदेश उपाध्यक्ष कमल वैष्णव,

नगर अध्यक्ष सेवा संघ निर्मल वैष्णव,पं. ओमप्रकाश शर्मा, पं. पुरुषोत्तम शर्मा, महंत मनोहर दास बैरागी, पं. प्रियांक पाठक, पं. शैलेन्द्र शर्मा, शंकर मंदिर महंत राजगीर गिरी, शैलेन्द्र गिरी, गणेश मंदिर महंत विष्णुदास, पं. उज्जवल पंड्या, पं. चेतन पंड्या, मुकेश वैष्णव, कान्हा बैरागी,अरमिंदम पाठक, पं.हितेश शर्मा, ,पं.पार्थ पाठक, पं यज्ञ पाठक, त्रयांश पाठक, सुनील बागवान,शांतिलाल धनगर आदि सहित बड़ी संख्या में विप्रगण व द्विज मौजूद रहे।

