सीहोर सीएसपी डॉ. अभिनंदना शर्मा की त्वरित और मानवीय पहल- दुर्घटना में घायल हुए ऑटो चालक व परिजनों का अस्पताल में पहुंचाकर करवाया इलाज

सीहोर:- खाकी का संवेदनशील और मानवीय चेहरा एक बार फिर सीहोर में देखने को मिला है। यहां सीहोर सीएसपी (CSP) डॉ. अभिनंदना शर्मा ने कर्तव्यनिष्ठा और इंसानियत की ऐसी मिसाल पेश की है, जिसने हर किसी का दिल जीत लिया है। अपनी सूझबूझ और त्वरित कार्रवाई से उन्होंने एक हादसे में घायल हुए ऑटो चालक और उसके मासूम परिजनों को समय पर अस्पताल पहुंचाकर कराया इलाज।

क्या था पूरा मामला?- प्राप्त जानकारी के अनुसार, 4 अगस्त 2026 को सीहोर शहर में एक ऑटो चालक अपने परिजनों को साथ लेकर जा रहा था। बताया जा रहा है कि वाहन चलाते समय हुई अपनी ही लापरवाही के चलते डी-मार्ट के पास अचानक ऑटो अनियंत्रित होकर पलट गया। इस हादसे में ऑटो चालक के साथ-साथ वाहन में सवार उसके परिजन (महिला) और दो छोटे-छोटे बच्चे घायल हो गए और सड़क किनारे दर्द से तड़पने लगे।

देवदूत बनकर पहुंचीं सीएसपी डॉ. अभिनंदना शर्मा- घटना के वक्त सीहोर सीएसपी डॉ. अभिनंदना शर्मा का काफिला वहां से गुजर रहा था। सड़क किनारे दुर्घटनाग्रस्त लोगों और बच्चों को दर्द में कराहते देख डॉ. शर्मा ने बिना एक पल गंवाए अपनी गाड़ी रुकवाई। स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए उन्होंने तुरंत मानवीय संवेदना का परिचय दिया। उन्होंने बिना औपचारिकता में वक्त गंवाए घायलों को तुरंत एक अन्य वाहन में बैठाया और खुद उनके साथ जिला अस्पताल के लिए रवाना हो गईं।

अस्पताल पहुंचकर खुद कराई इलाज की व्यवस्था- रास्ते में ही घायलों की स्थिति पर नजर रखने के बाद, डॉ. अभिनंदना शर्मा स्वयं उनके साथ जिला अस्पताल के अंदर तक गईं। अस्पताल पहुंचते ही उन्होंने ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टरों और मेडिकल टीम को तुरंत अलर्ट किया और अपनी देखरेख में सभी घायलों का त्वरित प्राथमिक उपचार शुरू करवाया। समय पर अस्पताल पहुंचने और सही इलाज मिलने के कारण सभी घायलों की जान खतरे से बाहर बताई जा रही है।

हर तरफ हो रही है सराहना- सीएसपी डॉ. अभिनंदना शर्मा के इस सराहनीय कार्य और त्वरित नेतृत्व की पूरे सीहोर जिले में जोरदार चर्चा हो रही है। आम नागरिकों का कहना है कि यदि मौके पर डॉ. शर्मा की मानवीय पहल न दिखती, तो स्थिति और भी गंभीर हो सकती थी। उनकी इस त्वरित कार्रवाई ने साबित कर दिया कि खाकी सिर्फ कानून का पहरा ही नहीं देती, बल्कि जरूरत पड़ने पर जीवन रक्षक बनकर फरिश्ता भी बन जाती है।

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