सिविल हॉस्पिटल आष्टा में आधुनिक चिकित्सा का चमत्कार: जटिल सर्जरी के बाद महिला मरीज स्वस्थ होकर लौटीं घर

दिनांक: 08 अगस्त 2026सिविल हॉस्पिटल आष्टा में डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ की टीम ने आधुनिक चिकित्सा तकनीक का बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए एक महिला मरीज को पेट के निचले हिस्से में असहनीय दर्द और गर्भाशय की गंभीर बीमारी से मुक्ति दिलाई है। मुख्य खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. अमित माथुर के मार्गदर्शन में शल्य चिकित्सक डॉ. भूपेंद्र परमार, निश्चेतना विशेषज्ञ डॉ. जयदीप सिंह सिसोदिया एवं महिला रोग विशेषज्ञ डॉ. माधुरी राय की संयुक्त टीम द्वारा अत्याधुनिक ‘वेसल सीलर’ (Vessel Sealer) पद्धति से टोटल एब्डोमिनल हिस्टेरेक्टॉमी विद बायलैटरल साल्पिंगो-ऊफोरेक्टॉमी

(Total Abdominal Hysterectomy with Bilateral Salpingo-oophorectomy) की सफल सर्जरी की गई।मरीज का ऑपरेशन 8 अगस्त 2026 को सफलतापूर्वक संपन्न हुआ था, और महज 48 घंटे में पूरी तरह स्वस्थ होने पर उन्हें आज 10 अगस्त 2026 को अस्पताल से डिस्चार्ज कर छुट्टी दे दी गई है।*मल्टीपल फाइब्रॉएड (गांठों) और पेट दर्द से पीड़ित थीं मरीज आबिदा बी*अस्पताल से मिली जानकारी के अनुसार, आष्टा निवासी श्रीमती आबिदा बी (उम्र 42 वर्ष), पति श्री अब्दुल रऊफ खान, पिछले लंबे समय से पेट के निचले हिस्से (Lower Abdomen) में

लगातार और असहनीय दर्द की समस्या से पीड़ित थीं। चिकित्सीय जांच में पाया गया कि मरीज को बल्की यूट्रस विथ मल्टीपल यूट्राइन फाइब्रॉएड (Bulky Uterus with Multiple Uterine Fibroids) की गंभीर बीमारी थी।इस गंभीर स्थिति के कारण उनका उठना-बैठना और दैनिक जीवन की दिनचर्या बुरी तरह प्रभावित हो रही थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्य खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. अमित माथुर के मार्गदर्शन में शल्य चिकित्सक डॉ. भूपेंद्र परमार, निश्चेतना विशेषज्ञ डॉ. जयदीप सिंह सिसोदिया एवं महिला रोग विशेषज्ञ डॉ. माधुरी राय की

विशेष टीम ने स्थिति का गहन परीक्षण कर टोटल एब्डोमिनल हिस्टेरेक्टॉमी विथ बायलैटरल साल्पिंगो-ऊफोरेक्टॉमी करने का निर्णय लिया।विशेषज्ञ डॉक्टरों और समर्पित स्टाफ का सराहनीय योगदानमुख्य खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. अमित माथुर के कुशल मार्गदर्शन में इस जटिल सर्जरी को सफलतापूर्वक अंजाम देने में विशेषज्ञ डॉक्टरों और पैरामेडिकल टीम का विशेष योगदान रहा। चिकित्सक टीम मुख्य खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. अमित माथुर के मार्गदर्शन में शल्य चिकित्सक डॉ. भूपेंद्र परमार निश्चेतना विशेषज्ञ (Anesthesiologist) डॉ. जयदीप सिंह सिसोदिया ,महिला रोग विशेषज् डॉ.माधवी राय वरिष्ठ नर्सिंग ऑफिसर श्रीमती अंजू रामटेके,

ओटी टेक्नीशियन श्री परमानंद वर्मा, नर्सिंग ऑफिसर प्रज्ञा ठाकरे और श्रीमती बेला कुमारी का विशेष योगदान रहा।*वेसल सीलर’ तकनीक का कमाल: न के बराबर हुआ रक्तस्राव*आमतौर पर बल्की यूट्रस और मल्टीपल फाइब्रॉएड की इस तरह की बड़ी सर्जरियों में अत्यधिक रक्तस्राव (Bleeding) का खतरा रहता है, लेकिन सिविल हॉस्पिटल आष्टा की टीम ने इस ऑपरेशन में आधुनिक ‘वेसल सीलर’ उपकरण का उपयोग किया। *न्यूनतम रक्तस्राव*इस तकनीक से रक्तवाहिकाओं को तुरंत सील कर दिया गया, जिससे इतनी बड़ी सर्जरी के दौरान भी ब्लड लॉस न के बराबर हुआ। *तेजी से रिकवरी*8 अगस्त 2026 को हुए ऑपरेशन के महज 24 घंटे के भीतर मरीज आबिदा बी का दर्द पूरी तरह गायब हो गया,

वे स्वस्थ महसूस करने लगीं और उन्हें किसी भी प्रकार की कमजोरी महसूस नहीं हुई।पारम्परिक इलाज के मुकाबले बेहद तेज रिकवरीसामान्यतः टोटल एब्डोमिनल हिस्टेरेक्टॉमी जैसे बड़े ऑपरेशनों के बाद मरीज को कम से कम एक सप्ताह (7 दिन) तक अस्पताल में भर्ती रहना पड़ता है और सामान्य कामकाज से 2 महीने का परहेज रखना पड़ता है। लेकिन आधुनिक Vessel Sealer तकनीक की बदौलत मरीज 8 अगस्त 2026 को भर्ती होकर 10 अगस्त 2026 को पूर्ण स्वस्थ अवस्था में घर रवाना हुईं।

मरीज आबिदा बी और उनके पति अब्दुल रऊफ खान सहित परिजनों ने मुख्य खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. अमित माथुर के मार्गदर्शन में कार्य कर रहे शल्य चिकित्सक डॉ. भूपेंद्र परमार, डॉ. जयदीप सिंह सिसोदिया, डॉ. माधवी राय, वरिष्ठ नर्सिंग ऑफिसर श्रीमती अंजू रामटेके, ओटी टेक्नीशियन श्री परमानंद वर्मा, नर्सिंग ऑफिसर प्रज्ञा ठाकरे, श्रीमती बेला कुमारी एवं समस्त अस्पताल स्टाफ का हृदय से आभार व्यक्त किया है। इस सफल ऑपरेशन से क्षेत्रीय मरीजों में सिविल हॉस्पिटल आष्टा की स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति विश्वास और गहरा हुआ है।

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