

आष्टा: उत्तरप्रदेश सरकार द्वारा ब्रज तीर्थ विकास परिषद वृंदावन मथुरा के आमंत्रण पर ब्रजरज उत्सव 2026 के आमंत्रण पर देशभर के ख्यातिलब्ध चित्रकारों द्वारा मथुरा के वृंदावन में अपनी तूलिका के माध्यम से भगवान श्रीकृष्ण की विभिन्न लीलाओं को कैनवास पर उकेरा गया । भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं पर आयोजित श्री कृष्ण राष्ट्रीय चित्रांकन शिविर (नेशनल आर्ट वर्कशॉप)07 सितंबर से 09 सितंबर 2026 तक तीन दिवसीय श्री कृष्ण राष्ट्रीय चित्रांकन शिविर में ब्रज की संस्कृति को भक्ति भाव के साथ अपनी तूलिका के माध्यम से उकेरा। समापन अवसर पर प्रख्यात अभिनेत्री मथुरा सांसद ने

चित्रकारों को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया, मुख्य अतिथि सांसद हेमामालिनी ने चित्रकारों की कृति को सराहा और उस कृति के भाव को समझा भी साथ ही कलाकार के भाव को केनवास पर उकेरी गई श्रीकृष्ण लीला कला को देखकर प्रभावित भी हुई,मुख्य अतिथि ने कहा कि उन्हें आश्चर्य है कि कलाकारों ने केवल दो दिनों में ही इतनी सुंदरता और भावपूर्ण ढंग से श्रीकृष्ण लीला को रंगों में उकेर दिया। साथ ही उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद के अधिकारियों को निर्देशित भी किया कि भविष्य में उक्त चित्रांकन शिविर तीन दिन की जगह पांच दिन की किया जावे।

ताकि उत्कृष्ट एवं भावपूर्ण चित्र तैयार करने में कलाकार को पर्याप्त समय प्राप्त हो सके। इस अवसर पर उत्तरप्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद की सीईओ लक्ष्मी नागप्पन ने मुख्य अतिथि सांसद हेमामालिनी एवं वर्कशॉप 2026 में पधारे कलाकारों का आभार जताया।गीता शोध संस्थान के कॉर्डिनेटर श्री चंद्र प्रताप जी सिकरवार द्वारा कार्यक्रम का संचालन किया गया। महेशचंद्र शर्मा द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार एवं शंखनाद किया गया। आभार डॉ उमेशचंद्र शर्मा द्वारा व्यक्त किया गया। शिविर के समापन अवसर पर ख्यातिलब्ध चित्रकारों के द्वारा बनाई गई चित्रों की प्रदर्शनी का आमजन के अवलोकनार्थ आयोजन 10 सितंबर से एक माह तक रहेगा।

इस शिविर में विभिन्न शेलियां,पहाड़ शैली,गुजरात शैली,जलरंग शैली आदि शैलीयो के मध्यम से श्री कृष्ण की विभिन्न लीलाओं को उकेरा गया था।*केनवास पर उकेरी कृष्ण सुदामा मित्रता की लीला : 🌹🌹🌹🌹🌹🌹 राष्ट्रीय चित्रांकन शिविर में आष्टा की ख्यातिलब्ध चित्रकार अलका मनीष पाठक ने श्रीकृष्ण लीला चित्रांकन में कृष्ण सुदामा की मित्रता के चित्र को बनाकर यह संदेश देने का प्रयास किया गया कि भगवान श्रीकृष्ण और सुदामा की मित्रता निस्वार्थ प्रेम,समानता और सच्ची मित्रता का प्रतीक हैं। सुदामा ने संकोच वश चावल की पोटली श्रीकृष्ण को तुरंत नहीं दी किंतु श्रीकृष्ण ने छीनकर प्रेमपूर्वक उसे खाया यही मित्रता है।

यह प्रेम का भाव मित्रता स्वरूप रहता है। इस सुंदर जलरंग पेंटिंग को बनाकर कलाप्रेमियों का मनमोह लिया संपूर्ण शिविर में इस लीला की चित्रकारी चर्चा में रही *इन राज्यों के चित्रकार रहे शामिल:*🌺🌺🌺🌺🌺🌺राष्ट्रीय चित्रांकन शिविर में उत्तरप्रदेश, मध्यप्रदेश,गुजरात,दिल्ली,बिहार,पंजाब,हरियाणा,आदि राज्यों से पधारे चित्रकारों ने भगवान श्रीकृष्ण की विभिन्न लीलाओं को अपनी तूलिका से उकेरा।

