

आष्टा। आचार्य श्री विशुद्ध सागर महाराज की परंपरा के मुनिश्री 108 साध्यसागर महाराज का आष्टा आगमन से पूर्व सायंकाल डीडब्ल्यूपीएस (दिल्ली वर्ल्ड पब्लिक स्कूल) परिसर में मंगल प्रवेश हुआ। विद्यालय प्रबंधन, शिक्षकगण एवं समाजजनों ने श्रद्धाभाव से मुनिश्री की अगवानी कर विनम्र नमन किया तथा उनका आशीर्वाद प्राप्त किया।इस अवसर पर अपने प्रेरणादायी प्रवचन में मुनिश्री साध्य सागर महाराज ने कहा कि शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य केवल रोजगार प्राप्त करना नहीं, बल्कि श्रेष्ठ चरित्र, संस्कार और मानवीय मूल्यों का निर्माण करना है। जिस शिक्षा में ज्ञान के साथ विनम्रता, अनुशासन, करुणा और आत्मसंयम का समावेश हो,

वही शिक्षा व्यक्ति और समाज दोनों का कल्याण करती है।मुनिश्री साध्य सागर महाराज ने विद्यार्थियों से कहा कि आधुनिक युग में विज्ञान और तकनीक का ज्ञान आवश्यक है, लेकिन उससे भी अधिक आवश्यक अपने संस्कारों और नैतिक मूल्यों को सुरक्षित रखना है। उन्होंने कहा कि पुस्तकों का ज्ञान जीवन की दिशा देता है, जबकि संस्कार जीवन को सही दशा प्रदान करते हैं। विद्यार्थी यदि माता-पिता, गुरुजनों और अपने कर्तव्यों के प्रति समर्पित रहेंगे तो सफलता स्वयं उनके कदम चूमेगी।मुनिश्री ने विद्यालय की सराहना करते हुए कहा, “मुझे प्रसन्नता है कि इस विद्यालय के प्रमुख परवेज अली मक्का मदीना में हज करने गए हैं ,लेकिन उन्हें जैसे ही हमारे स्कूल में रात्रि विश्राम करने की सूचना मिली तो उन्होंने तत्काल स्वीकृति भेजकर अपने विद्यालय प्रबंधन को भेजा।

मुनिश्री ने कहा कि इस विद्यालय में विद्यार्थियों को सांसारिक शिक्षा के साथ-साथ भारतीय संस्कृति, नैतिकता और संस्कारों का भी ज्ञान दिया जा रहा है। ऐसी शिक्षा ही राष्ट्र के उज्ज्वल भविष्य का निर्माण करती है।”उन्होंने विद्यार्थियों से प्रतिदिन कुछ समय स्वाध्याय, आत्मचिंतन और अच्छे साहित्य के अध्ययन के लिए निकालने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि जीवन में संयम, सदाचार और सकारात्मक सोच अपनाकर ही व्यक्ति सच्ची सफलता और आत्मिक शांति प्राप्त कर सकता है।विद्यालय प्रबंधन ने मुनिश्री का आशीर्वाद प्राप्त करते हुए उनके प्रेरणादायी उद्बोधन के लिए आभार व्यक्त किया। विद्यार्थियों ने भी मुनिश्री के संदेशों को जीवन में अपनाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम श्रद्धा, भक्ति एवं आध्यात्मिक वातावरण के बीच संपन्न हुआ।

सीहोर पुलिस द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति अनुसार घटना का संक्षिप्त विवरण- आरोपियों ने लड़की छेड़ने की बात पर से एक राय होकर फरियादी के बड़े पापा मृतक बलराम पिता लाल जी राम जानी खाती, उम्र 60 साल, निवासी धामन खेड़ा की मारपीट कर हत्या कर दी। फरियादी की रिपोर्ट पर पुलिस द्वारा उक्त आरोपियों के विरुद्ध अपराध क्रमांक 520/2010 धारा 147, 148, 149, 323, 302 भादवि का पंजीबद्ध कर विवेचना में लेकर प्रकरण में विवेचना पूर्ण कर चालान क्रमांक 604/2010 दिनांक 01.12.2010 कर

अभियोग पत्र माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया। प्रकरण में माननीय अतिरिक्त जिला न्यायाधीश महोदय द्वितीय द्वारा प्रकरण में दिनांक 3/9/2011 दंडादेश पारित करते हुए आरोपियों को आजीवन कारावास एवं अर्थ दंड से दंडित किया गया। जो कि अभियुक्त कल्लू उर्फ कालू पेरोल पर आने के बाद वर्ष 2021 से फरार था। निर्देशन एवं मार्गदर्शनः- श्रीमान पुलिस अधीक्षक महोदय श्रीमती सोनाक्षी सक्सेना द्वारा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक महोदय सुनीता रावत एवं नगर पुलिस अधीक्षक महोदय डॉ.अभिनंदना शर्मा सीहोर के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी कोतवाली रविन्द्र यादव को थाना स्तर पर टीम गठित कर वारंटी आरोपी गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय उपस्थित करने हेतु निर्देशित किया गया। पुलिस की कार्यवाही:-

वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन पर थाना कोतवाली पुलिस ने माननीय उच्च न्यायालय जबलपुर के सी आर ए नम्बर 2366/2011 मे वारंटी थाना कोतवाली के अपराध क्रमांक- 520/2010 धारा 147, 148, 149, 323, 302 भादवि मे सजायाब अभियुक्त कल्लू उर्फ कालू भिलाला पिता मांगीलाल भिलाला को अथक प्रयासो के बाद ग्राम बिजबाड थाना कांटाफोड़ जिला देवास से गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय पेश किया। नाम पता वारंटी- कल्लू उर्फ कालू भिलाला पिता मांगीलाल भिलाला उम्र 52 साल निवासी ग्राम धामनखेड़ा थाना कोतवाली जिला सीहोर सराहनीय भूमिका – निरीक्षक रविन्द्र यादव, उप निरीक्षक विक्रम आदर्श, ए एस आई श्यामलाल दांगी आर. जितेन्द्र चंद्रवंशी , आर. कपिल मेवाड़ा, आरक्षक सूरज मोरे की सराहनीय भूमिका रही।

सीहोर पुलिस द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति अनुसार घटना क्रमः- दिनांक 11/04/2026 को थाना भैरुंदा को मुखबिर द्वारा सूचना प्राप्त हुई कि कुछ लोग राला मे आशीर्वाद ढाबे के पास गुमटी पर ताश पत्ता से हार जीत का दाव लगा कर जुआ खेल रहे है। मुखबिर सूचना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधीक्षक सीहोर श्रीमती सोनाक्षी सक्सेना के निर्देशन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्रीमति सुनीता रावत एवं एसडीओपी श्री रोशन कुमार जैन के मार्गदर्शन मेें थाना प्रभारी निरीक्षक घनश्याम दांगी के नेतृत्व में टीम गठित की गई। थाना भैरुंदा टीम द्वारा मौके पर पहुच कर जुआ खेल रहे 5 आरोपीयो पर कार्यवाही करते हुए आरोपीयो के कब्जे से 79,510 रुपये की नगदी

व 52 ताश के पत्ते जप्त किये। व आरोपीयो के विरुध्द जुआ एक्ट के प्रावधानो के अन्तर्गत कार्यवाही की गयी। नाम पता आरोपीः- 1.कमल पिता रमेश लोहार, उम्र 32 वर्ष, निवासी अकावलिया। 2.आशीष पिता सुरेश यादव, उम्र 24 वर्ष, निवासी राला। 3.अर्जुन पिता रामस्वरूप पंवार, उम्र 40 वर्ष, निवासी राला। 4.प्रद्युम्न पिता उमेश यादव, उम्र 26 वर्ष, निवासी राला। 5.मंगल सिंह पिता तक्कु सिंह लोहार, उम्र 25 वर्ष, निवासी अकावलिया। सराहनीय भुमिकाः- प्रआर0 लोकेश रघुवंशी, प्रआर. दीनेश जाट, प्रआर. दीपक यादव आर. सचिन, आर.राकेश, आर. विशालसिंह तोमर का सराहनीय योगदान रहा।

भैरुंदा पुलिस द्वारा 7 महीने से गुम शुदा नाबालिग बालिका को जलगांव (महाराष्ट्र) बरामद कर परिजन को सुपुर्द किया, नाबालिक की दस्तयाबी पर ईनाम किया गया था घोषित

सीहोर पुलिस द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार घटना विवरण-दिनाँक 28.11.25 को थाना भैरुंदा में एक नाबालिग बालिका के लापता होने संबंधी रिपोर्ट प्राप्त होने पर तत्काल अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ की गई। पुलिस अनुसंधान-मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक सीहोर श्रीमती सोनाक्षी सक्सेना के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्रीमती सुनीता रावत के मार्गदर्शन में एवं विवेचक एसडीओपी श्री रोशन कुमार जैन द्वारा थाना प्रभारी के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई।पुलिस टीम द्वारा नाबालिक को ढूंढने का भरसक प्रयास किया गया,

लेकिन संदेही नाबालिक को लेकर अपने स्थानीय पते से फरार हो गया था l बालिका की दस्तयाबी पर पुलिस अधीक्षक महोदय सीहोर द्वारा नगद ईनाम की उद्घोषणा भी की गई थीl पुनः पुलिस टीम द्वारा तकनीकी साक्ष्यों एवं मुखबिर तंत्र की सहायता से लगातार प्रयास करते हुए नाबालिग बालिका को संदेही जलगांव (महाराष्ट्र) से बरामद किया जाकर उसके परिजनो को सुपुर्द किया गया lप्रकरण में अग्रिम वैधानिक कार्यवाही जारी है। सराहनीय भूमिका- उक्त कार्रवाई में उप निरीक्षक पूजा सिंह राजपूत, प्र आर. महेंद्र, आर. रवीन्द्र, आर. सतेन्द्र और साइबर सेल सीहोर की महत्वपूर्ण एवं सराहनीय भूमिका रही।

