

पुलिस अधीक्षक सीहोर श्रीमती सोनाक्षी सक्सेना के निर्देश पर गठित सीनियर सिटीजन पुलिस पंचायत की बैठक कार्यालय में आयोजित की गई। बैठक में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ प्रशांत चौबे के नेतृत्व में कोर कमेटी सदस्य श्री अनिल पालीवाल, श्री साधु राम शर्मा, श्री कमल सिंह ठाकुर की उपस्थिति में संपन्न हुई।

प्रकरण क्रमांक 01
70 वर्षीय सीनियर सिटीजन दम्पत्ति ने शिकायत की की उनके मकान में किरायेदार लंबे समय से रह रहा है तथा वर्ष 2020 से किराया नहीं दे रहा है। बिजली का बिल भी ओवरड्यू हो रहा है, लेकिन
क्लियर नहीं किए। मकान खाली भी नहीं कर रहा है।
पंचायत में सुनवाई के दौरान आनावेदक के द्वारा उसका मकान बनना तथा शीघ्रता से खाली करा देना बताया। आवेदक को सहमति से यह तय किया गया कि आगामी तीन माह में मकान खाली किया जाएगा तथा अनवेदक बिजली के ड्यूज भी क्लियर करेगा। किराए के संबंध में आवेदक की सहमति से राशि तय की जाएगी। सम्पूर्ण कार्य 27 जनवरी तक पूर्ण होकर पंचायत के समक्ष जानकारी दी जाएगी।

प्रकरण क्रमांक 02
शहरी क्षेत्र के एक सीनियर सिटीजन द्वारा शिकायत की गई थी कि उनका परिवार संबंधी विवाद चल रहा है तथा दुकान जिस पर वह परिवार के साथ काम करते हैं, उस पर अचानक रात में दूसरे पक्ष के लोगों ने ताला लगा दिया तथा मारपीट रिपोर्ट आदि की गई। पंचायत में सुनवाई पर आवेदक पक्ष के द्वारा दुकान मिलना लेकिन अनावदेक पक्ष के द्वारा गलत तथ्यों के आधार पर पुलिस कार्रवाई का आरोप लगाया। पंचायत के स्तर पर कार्रवाई की समीक्षा की जाकर वैधानिक कार्रवाई के निर्देश दिए गए।

प्रकरण क्रमांक 03
ग्रामीण क्षेत्र के सीनियर सिटीजन द्वारा शिकायत दर्ज कराई गई कि वह खेत में मकान बनाकर रहते हैं तथा साथ में परिवार रहता है। खेत पड़ोसी के द्वारा रास्ता बंद कर लिया गया, जिससे छोटे बच्चों को कंधे पर लादकर बाहर तक छोड़ना पड़ता है तथा अन्य आवागमन की
समस्या, कीचड़ से निकलना पड़ता है आदि के कारण अत्यधिक परेशानी होती है। पंचायत में सुनवाई के दौरान अनावेदक पक्ष के द्वारा बताया गया कि उनकी निजी जमीन होने से वह रास्ता बंद कर रहे हैं। तब आवेदक द्वारा बताया गया कि शासकीय रास्ता भी अन्यत्र है जिस पर अनावदक ने खेती कर ली है।

पंचायत में दोनों पक्षों के तर्कों के पश्चात पंचायत द्वारा परामर्श दिया गया कि जो सरकारी रास्ता, जैसा कि संबंधित राजस्व अधिकारी के द्वारा भी स्पष्ट किया गया है। उस पर बिना आपत्ति रास्ता दिया जाए। आवेदक शासकीय रास्ते पर आवश्यकतानुसार तथा क्षमतानुसार जो भी मुरम आदि डालने का कार्य करना, चाहे। कर सकता है। दोनों पक्षों की सहमति से प्रकरण निराकरण किया गया।

प्रकरण क्रमांक 04
75 वर्षीय सीनियर सिटीजन महिला आवेदिका ने आवेदन प्रस्तुत किया था की उसकी दुकान खाली करने के बाद अनावेदक किराये की राशि नहीं दे रहा है, जिस पर पंचायत के द्वारा दोनों पक्षों को समयावधि तय करते हुए राशी वापसी के लिए निर्देशित किया था इस संबंध में पंचायत में उपस्थित होकर और आवेदक पक्ष के द्वारा
द्वितीय किस्त के रूप में पन्द्रह हजार रुपये की राशि आवेदिका को प्रदान की गई। तथा शेष राशि आगामी माह में देने हेतु आश्वासन दिया गया। आवेदिका द्वारा पंचायत की पहल पर धन्यवाद ज्ञापित किया गया।

पंचायत में अन्य प्रकरणों की भी सुनवाई की गई कुछ प्रकरणों में अपने दस्तावेज, स्पष्टीकरण, या पक्षों की उपस्थिति हेतु आगामी तिथि निर्धारण किया गया।