

*➡️पुलिस अधीक्षक कार्यालय के सभाकक्ष में पुलिस अधीक्षक सीहोर श्रीमती सोनाक्षी सक्सेना ने जिले की मासिक अपराध समीक्षा बैठक (क्राइम मीटिंग) ली गई।➡️बैठक में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. प्रशांत चौबे, समस्त अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस), रक्षित निरीक्षक श्री उपेन्द्र यादव, जिले के समस्त थाना प्रभारी, प्रभारी रेडियो, यातायात प्रभारी एवं पुलिस अधीक्षक कार्यालय की विभिन्न शाखाओं के प्रभारी उपस्थित रहे।➡️बैठक की शुरुआत में पुलिस अधीक्षक सीहोर श्रीमती सोनाक्षी सक्सेना ने श्रावण मास में आयोजित कांवड़ यात्रा, शिव पालकी यात्रा,

जुलूसों एवं अन्य धार्मिक व सामाजिक कार्यक्रमों में सुदृढ़ कानून व सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए समस्त राजपत्रित पुलिसअधिकारियों व थाना प्रभारियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया । ➡️उपरांत 01 जनवरी 2026 से 15 सितंबर 2026 तक दर्ज अपराधों की त्रिवर्षीय तुलनात्मक समीक्षा की गई।👉बैठक के मुख्य दिशा-निर्देश:✅*त्यौहारों पर सुरक्षा व्यवस्था:*👉सभी पूजा/झांकी पंडालों पर उपस्थिति रजिस्टर व वॉलंटियर्स की सूची का सत्यापन किया जाए। अग्नि सुरक्षा, विद्युत कनेक्शन एवं सुरक्षा उपकरणों की जांच अनिवार्य रूप से हो।

👉संवेदनशील एवं मिश्रित आबादी वाले क्षेत्रों में पुलिस बल की भौतिक उपस्थिति सुनिश्चित की जाए।👉शाम के समय मोबाइल वैन, बाइक पेट्रोलिंग और पैदल गश्त बढ़ाई जाए तथा अधिकारी स्वयं क्षेत्र का भ्रमण करें।👉विसर्जन मार्गों का पूर्व निरीक्षण कर लटकते बिजली के तारों व अन्य बाधाओं को हटाया जाए। विसर्जन स्थलों पर मजबूत बैरिकेडिंग, पर्याप्त प्रकाश, क्रेन, लाइफ जैकेट्स और प्रशिक्षित गोताखोरों की तैनाती के निर्देश दिए गए।➡️*गंभीर एवं संपत्ति संबंधी अपराध:*हत्या, हत्या के प्रयास, लूट, डकैती, नकबजनी एवं वाहन चोरी के मामलों में आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी तथा

शत-प्रतिशत मशरूका बरामदगी के निर्देश दिए गए। ₹1 लाख से अधिक मशरूका वाले लंबित प्रकरणों की विशेष समीक्षा की गई।➡️*महिला एवं बाल अपराधों के निराकरण पर जोर*:पॉक्सो एक्ट और महिला संबंधी अपराधों में 60 दिवस की निर्धारित समय-सीमा के भीतर विवेचना पूर्ण कर न्यायालय में चालान प्रस्तुत करने एवं ITSSO पोर्टल पर लंबित मामलों के त्वरित निराकरण के निर्देश दिए गए।➡️ *अवैध गतिविधियों व आदतन अपराधियों पर कार्यवाही*अवैध शराब, जुआ-सट्टा, अवैध हथियार (आर्म्स एक्ट) और मादक पदार्थों (NDPS) के विरुद्ध विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए। आदतन अपराधियों के विरुद्ध BNSS की धाराओं,

जिला बदर एवं रासुका (NSA) के तहत सख्त प्रतिबंधात्मक कार्यवाही की जाए। ➡➡️*डिजिटल एवं तकनीकी पोर्टलों का उपयोग*:विवेचना में आधुनिक तकनीक को बढ़ावा देते हुए CCTNS पर हस्ताक्षरित चालान अपलोड करने, ई-साक्ष्य ऐप पर साक्ष्य लिंकिंग, NAFIS (फिंगरप्रिंट), NDSO (यौन अपराधी डेटाबेस) और NIDAAN (नार्को डेटाबेस) का शत-प्रतिशत उपयोग किया गया।➡️*वारंट तामीली में बीट स्तर पर जवाबदेही:*स्थाई एवं गैर-जमानती (NBW) वारंटों की तामीली में तेजी लाने हेतु प्रत्येक बीट प्रभारी को व्यक्तिगत जिम्मेदारी सौंपी जाए। मुखबिरों व कोटवारों के समन्वय से वारंटियों के ठिकानों की जानकारी जुटाकर साप्ताहिक समीक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।➡️*जनशिकायतें व साइबर अपराध:*सीएम हेल्पलाइन, जनसुनवाई व ई-जीरो एफआईआर के प्रकरणों का समय-सीमा में निराकरण करने, साइबर वित्तीय धोखाधड़ी में तत्काल राशि होल्ड कराकर पीड़ितों को राहत दिलाने तथा एक वर्ष से अधिक समय से लंबित मर्ग प्रकरण तथा खात्मा व खारजी मामलों का शीघ्र निपटारा करने पर बल दिया गया ।➡️अंत में पुलिस अधीक्षक ने स्पष्ट किया कि आमजन की सुरक्षा, प्रभावी अपराध नियंत्रण और शांति व्यवस्था बनाए रखना पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है, कार्य में किसी भी प्रकार की शिथिलता या लापरवाही नहीं बरती जाए।
