

नवरात्रि पर्व पर सकल हिंदू समाज ने किए मां दुर्गा के दर्शन, उत्सव समितियों को दी शुभकामनाएं नरेंद्र कुशवाहा ने कहा— नवरात्रि सनातन संस्कृति, शक्ति उपासना और धार्मिक आस्था का प्रतीक; कन्याओं में होता है मां जगदंबा का स्वरूपआष्टा। शक्ति की आराधना और भक्ति के पावन पर्व नवरात्रि के अवसर पर नगर में माता रानी की भक्ति का वातावरण बना हुआ है। नगर के विभिन्न देवी मंदिरों एवं दुर्गा पंडालों में श्रद्धालु पहुंचकर मां जगत जननी की आराधना कर रहे हैं। इसी क्रम में सकल हिंदू समाज के

पदाधिकारियों ने नगर के प्रमुख देवी मंदिरों एवं दुर्गा पंडालों में पहुंचकर मां दुर्गा के दर्शन किए तथा पूजा-अर्चना कर धर्म लाभ प्राप्त किया। साथ ही नवरात्रि उत्सव समितियों के प्रमुख सदस्यों से भेंट कर उन्हें पर्व की बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।सकल हिंदू समाज अध्यक्ष नरेंद्र कुशवाहा ने संयोजक मुकेश नामदेव, सचिव मनीष डोंगरे तथा कोषाध्यक्ष मोंटू कौरी के साथ इंदिरा कॉलोनी स्थित मां जगत जननी अंबे महारानी दुर्गा लालबाई फूलबाई मंदिर, प्राचीन बंजारी माताजी मंदिर एवं कन्नौद रोड स्थित बजरंग कॉलोनी के मां शेरावाली दुर्गा पंडाल में पहुंचकर माता रानी के दर्शन किए।

इस दौरान उन्होंने मां जगदंबा के चरणों में शीश नवाकर नगरवासियों की सुख-समृद्धि, खुशहाली और मंगल की कामना की।नवरात्रि हमें नारी शक्ति के सम्मान की प्रेरणा देता हैइस अवसर पर नरेंद्र कुशवाहा ने नवरात्रि पर्व की धार्मिक एवं आध्यात्मिक महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि नवरात्रि हमारी सनातन संस्कृति, शक्ति उपासना और अटूट धार्मिक आस्था का प्रतीक है। मां दुर्गा की आराधना हमें सत्य, धर्म, सेवा, सद्भाव और अन्याय के विरुद्ध खड़े होने की प्रेरणा देती है। मां जगदंबा की उपासना का वास्तविक संदेश नारी शक्ति का सम्मान करना और समाज में मातृशक्ति को उचित आदर एवं स्थान देना है।

उन्होंने कहा कि सनातन परंपरा में कन्याओं को मां दुर्गा का स्वरूप माना गया है। कन्या पूजन केवल एक धार्मिक परंपरा नहीं, बल्कि बालिकाओं के सम्मान, सुरक्षा और उनके प्रति श्रद्धा व्यक्त करने का प्रतीक है। प्रत्येक व्यक्ति को अपने जीवन में माताओं, बहनों और बेटियों का सम्मान करना चाहिए। जिस समाज में नारी का सम्मान होता है, वहां संस्कार, सद्भाव और सकारात्मकता का वातावरण बनता है।नगर के विभिन्न दुर्गा पंडालों में दर्शन एवं पूजा-अर्चना के लिए बड़ी संख्या में मातृशक्ति की उपस्थिति देखने को मिल रही है।

महिलाएं एवं युवतियां श्रद्धा-भाव से मां दुर्गा की आराधना कर रही हैं। माता रानी के जयकारों, भक्ति और धार्मिक उत्साह से पंडालों में आध्यात्मिक वातावरण बना हुआ है। मातृशक्ति की यह सहभागिता नवरात्रि पर्व की गरिमा और धार्मिक परंपराओं के प्रति उनकी आस्था को दर्शाती है।सकल हिंदू समाज के पदाधिकारियों ने नवरात्रि उत्सव समितियों के प्रमुख सदस्यों से मुलाकात कर उनके द्वारा किए जा रहे धार्मिक आयोजनों की सराहना की तथा पर्व की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि ऐसे धार्मिक आयोजन समाज को जोड़ने, नई पीढ़ी को संस्कारों से परिचित कराने और सनातन संस्कृति की परंपराओं को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।अंत में मां जगत जननी से प्रार्थना की गई कि उनकी कृपा समस्त नगरवासियों पर बनी रहे तथा प्रत्येक परिवार में सुख, शांति, समृद्धि और खुशहाली का वास हो।


