

आष्टा। कमला एकादशी के पावन एवं पुण्यदायी अवसर पर आष्टा नगर की प्राचीन मां पार्वती धाम गौशाला में गौसेवा, गौसंरक्षण एवं गौमाताओं के आहार-व्यवस्थाओं का रात्रिकालीन निरीक्षण किया गया। इस अवसर पर गौशाला समिति के अध्यक्ष नरेंद्र कुशवाहा (पूर्व पार्षद) एवं कोषाध्यक्ष संजय सुराणा ने गौशाला पहुंचकर व्यवस्थाओं का अवलोकन किया तथा गौसेवकों द्वारा किए जा रहे सेवा कार्यों की सराहना की।गौरतलब है कि मां पार्वती धाम गौशाला में प्रतिदिन 100 से अधिक गौमाताओं के लिए

हरा चारा, भूसा, सुदाना एवं पौष्टिक आहार की व्यवस्था की जाती है। साथ ही बीमार एवं दुर्घटनाग्रस्त गौवंशों का उपचार भी दानदाताओं, गौभक्तों एवं गौसेवकों के सहयोग से निरंतर किया जा रहा है। निरीक्षण के दौरान गौमाताओं के लिए स्वच्छ पेयजल, पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था, विद्युत सुविधाएं, गर्मी से राहत हेतु लगाए गए पंखे एवं साफ-सफाई की व्यवस्थाओं का भी जायजा लिया गया।समिति अध्यक्ष नरेंद्र कुशवाहा ने कहा कि गौसेवा भारतीय संस्कृति, सनातन धर्म एवं मानवता का सर्वोच्च कार्य है। गौमाता के संरक्षण और सेवा से समाज में सुख, शांति, समृद्धि एवं

सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। उन्होंने सभी नागरिकों से गौसंरक्षण के इस महायज्ञ में सहभागी बनने का आह्वान किया।निरीक्षण के दौरान गौशाला में अपने परिवार के साथ कार्यरत गौ माता के प्रति समर्पित भाव के साथ सेवाएं दे रहे करण गोस्वामी के समर्पण एवं सेवा भावना की विशेष प्रशंसा की गई। समिति पदाधिकारियों ने उन्हें उत्कृष्ट कार्य के लिए शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उनका सेवाभाव समाज के लिए प्रेरणास्रोत है।कमला एकादशी के शुभ अवसर पर अनेक श्रद्धालुओं एवं दानदाताओं ने गौमाताओं को गो-ग्रास अर्पित कर पुण्य लाभ अर्जित किया। इस अवसर पर शिवांश कुमावत, टाइगर सोनी सांवरिया, वीरेंद्र सिंह राठौड़,

किरण शर्मा सहित अन्य गौभक्तों ने गौमाताओं को आहार समर्पित कर धर्मलाभ प्राप्त किया।गौशाला समिति ने नगरवासियों से अपील करते हुए कहा कि जन्मदिन, विवाह वर्षगांठ, पूर्वजों की पुण्यतिथि, धार्मिक अनुष्ठान एवं अन्य मांगलिक अवसरों पर गौशाला पहुंचकर गौमाताओं की सेवा करें तथा गो-ग्रास अर्पित कर पुण्य अर्जित करें। समिति ने गौसेवा में निरंतर सहयोग देने वाले सभी दानदाताओं, श्रमदान करने वाले सेवकों एवं गौभक्तों के प्रति आभार व्यक्त किया।”गौसेवा ही सच्ची सेवा है। गौमाता के आशीर्वाद से जीवन में सुख, शांति, समृद्धि एवं धर्म का प्रकाश बना रहता है।


